Exodus · chapter 20 · verse 17
Exodus 20:17 in Hindi
तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास- दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।।
Too kisee ke ghar kaa laalach na karanaa; na to kisee kee stree kaa laalach karanaa, aur na kisee ke daasa- daasee, vaa bail gadahe kaa, na kisee kee kisee vastu kaa laalach karanaa..
Exodus 20:17 in English
- King James Version (KJV)
- Thou shalt not covet thy neighbour’s house, thou shalt not covet thy neighbour’s wife, nor his manservant, nor his maidservant, nor his ox, nor his ass, nor any thing that [is] thy neighbour’s.
- World English Bible (WEB)
- “You shall not covet your neighbor’s house. You shall not covet your neighbor’s wife, nor his male servant, nor his female servant, nor his ox, nor his donkey, nor anything that is your neighbor’s.”
- American Standard Version (ASV)
- Thou shalt not covet thy neighbor’s house, thou shalt not covet thy neighbor’s wife, nor his man-servant, nor his maid-servant, nor his ox, nor his ass, nor anything that is thy neighbor’s.
- Bible in Basic English (BBE)
- Let not your desire be turned to your neighbour's house, or his wife or his man-servant or his woman-servant or his ox or his ass or anything which is his.
- Darby Translation (DBY)
- Thou shalt not desire thy neighbour's house, thou shalt not desire thy neighbour's wife, nor his bondman, nor his handmaid, nor his ox, nor his ass, nor anything that is thy neighbour's.
- Webster's Bible (WBS)
- Thou shalt not covet thy neighbor's house, thou shalt not covet thy neighbor's wife, nor his man-servant, nor his maid-servant, nor his ox, nor his ass, nor any thing that [is] thy neighbor's.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thou dost not desire the house of thy neighbour, thou dost not desire the wife of thy neighbour, or his man-servant, or his handmaid, or his ox, or his ass, or anything which [is] thy neighbour's.'
Read in context
- 15तू चोरी न करना।।
- 16तू किसी के विरूद्ध झूठी साक्षी न देना।।
- 17तू किसी के घर का लालच न करना; न तो किसी की स्त्री का लालच करना, और न किसी के दास- दासी, वा बैल गदहे का, न किसी की किसी वस्तु का लालच करना।।
- 18और सब लोग गरजने और बिजली और नरसिंगे के शब्द सुनते, और धुआं उठते हुए पर्वत को देखते रहे, और देखके, कांपकर दूर खड़े हो गए;
- 19और वे मूसा से कहने लगे, तू ही हम से बातें कर, तब तो हम सुन सकेंगे; परन्तु परमेश्वर हम से बातें न करे, ऐसा न हो कि हम मर जाएं।
Cross references
- Romans 13:9 रोमियों 13:9क्योंकि यह कि व्यभिचार न करना, हत्या न करना; चोरी न करना; लालच न करना; और इन को छोड़ और कोई भी आज्ञा हो तो सब का सारांश इस बात में पाया जाता है, कि अपने पड़ोसी से अपने समान प्र्रेम रख।
- Luke 12:15 लूका 12:15और उस ने उन से कहा, चौकस रहो, और हर प्रकार के लोभ से अपने आप को बचाए रखो: क्योंकि किसी का जीवन उस की संपत्ति की बहुतायत से नहीं होता।
- Hebrews 13:5 इब्रानियों 13:5तुम्हारा स्वभाव लोभरहित हो, और जो तुम्हारे पास है, उसी पर संतोष किया करो; क्योंकि उस ने आप ही कहा है, कि मैं तुझे कभी न छोडूंगा, और न कभी तुझे त्यागूंगा।
- Ephesians 5:5 इफिसियों 5:5क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजनेवाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं।
- Romans 7:7 रोमियों 7:7तो हम क्या कहें? क्या व्यवस्था पाप है? कदापि नहीं! बरन बिना व्यवस्था के मैं पाप को नहीं पहिचानता: व्यवस्था यदि न कहती, कि लालच मत कर तो मैं लालच को न जानता।
- Ephesians 5:3 इफिसियों 5:3और जैसा पवित्रा लागों के योग्य है, वैसा तु में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो।
- Colossians 3:5 कुलुस्सियों 3:5इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात् व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है।
- Proverbs 4:23 नीतिवचन 4:23सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल द्दॊत वही है।
- 1 Corinthians 6:10 1 कुरिन्थियों 6:10न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अन्धेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे।
- Psalm 119:36 भजन संहिता 119:36मेरे मन को लोभ की ओर नहीं, अपनी चितौनियों ही की ओर फेर दे।
- Micah 2:2 मीका 2:2वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- Jeremiah 5:8 यिर्मयाह 5:8वे खिलाए- पिलाए बे- लगाम घेड़ों के समान हो गए, वे अपने अपने पड़ोसी की स्त्री पर हिनहिनाने लगे।