Proverbs · chapter 4 · verse 23
Proverbs 4:23 in Hindi
सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल द्दॊत वही है।
Sab se adhik apane man kee rakshaa kar; kyonki jeevan kaa mool ddot vahee hai.
Proverbs 4:23 in English
- King James Version (KJV)
- Keep thy heart with all diligence; for out of it [are] the issues of life.
- World English Bible (WEB)
- Keep your heart with all diligence, for out of it is the wellspring of life.
- American Standard Version (ASV)
- Keep thy heart with all diligence; For out of it are the issues of life.
- Bible in Basic English (BBE)
- And keep watch over your heart with all care; so you will have life.
- Darby Translation (DBY)
- Keep thy heart more than anything that is guarded; for out of it are the issues of life.
- Webster's Bible (WBS)
- Keep thy heart with all diligence; for out of it [are] the issues of life.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Above every charge keep thy heart, For out of it [are] the outgoings of life.
Read in context
- 21इनको अपनी आंखों की ओट न होने दे; वरन अपने मन में धारण कर।
- 22क्योंकि जिनकों वे प्राप्त होती हैं, वे उनके जीवित रहने का, और उनके सारे शरीर के चंगे रहने का कारण होती हैं।
- 23सब से अधिक अपने मन की रक्षा कर; क्योंकि जीवन का मूल द्दॊत वही है।
- 24टेढ़ी बात अपने मुंह से मत बोल, और चालबाजी की बातें कहना तुझ से दूर रहे।
- 25तेरी आंखें साम्हने ही की ओर लगी रहें, और तेरी पलकें आगे की ओर खुली रहें।
Cross references
- Luke 6:45 लूका 6:45भला मनुष्य अपने मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य अपने मन के बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है; क्योंकि जो मन में भरा है वही उसके मुंह पर आता है।।
- Matthew 12:34–35 मत्ती 12:34–35हे सांप के बच्चों, तुम बुरे होकर क्योंकर अच्छी बातें कह सकते हो? क्योंकि जो मन में भरा है, वही मुंह पर आता है। भला, मनुष्य मन के भले भण्डार से भली बातें निकालता है; और बुरा मनुष्य बुरे भण्डार से बुरी बातें निकालता है।
- Mark 7:21–23 मरकुस 7:21–23क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार। चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं।।
- Psalm 139:23–24 भजन संहिता 139:23–24हे ईश्वर, मुझे जांचकर जान ले! मुझे परखकर मेरी चिन्ताओं को जान ले! और देख कि मुझ में कोई बुरी चाल है कि नहीं, और अनन्त के मार्ग में मेरी अगुवाई कर!
- Proverbs 13:3 नीतिवचन 13:3जो अपने मुंह की चौकसी करता है, वह अपने प्राण की रक्षा करता है, परन्तु जो गाल बजाता उसका विनाश जो जाता है।
- Jeremiah 17:9 यिर्मयाह 17:9मन तो सब वस्तुओं से अधिक धोख देनेवाला होता है, उस में असाध्य रोग लगा है; उसका भेद कौन समझ सकता है?
- Matthew 15:19 मत्ती 15:19क्योंकि कुचिन्ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलती है।
- Proverbs 23:19 नीतिवचन 23:19हे मेरे पुत्रा, तू सुनकर बुद्धिमान हो, और अपना मन सुमार्ग में सीधा चला।
- Proverbs 28:26 नीतिवचन 28:26जो अपने ऊपर भरोसा रखता है, वह मूर्ख है; और जो बुद्धि से चलता है, वह बचता है।
- Mark 14:38 मरकुस 14:38जागते और प्रार्थना करते रहो कि तुम परीक्षा में न पड़ो: आत्मा तो तैयार है, पर शरीर दुर्बल है।
- James 1:14–15 याकूब 1:14–15परन्तु प्रत्येक व्यक्ति अपनी ही अभिलाषा में खिंचकर, और फंसकर परीक्षा में पड़ता है। फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनता है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- Deuteronomy 4:9 व्यवस्थाविवरण 4:9यह अत्यन्त आवश्यक है कि तुम अपने विषय में सचेत रहो, और अपने मन की बड़ी चौकसी करो, कहीं ऐसा न हो कि जो जो बातें तुम ने अपनी आंखों से देखीं उनको भूल जाओ, और वह जीवन भर के लिये तुम्हारे मन से जाती रहे; किन्तु तुम उन्हें अपने बेटों पोतों को सिखाना।