Exodus · chapter 33 · verse 1
Exodus 33:1 in Hindi
फिर यहोवा ने मूसा से कहा, तू उन लोगों को जिन्हें मि देश से छुड़ा लाया है संग लेकर उस देश को जा, जिसके विषय मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाकर कहा था, कि मैं उसे तुम्हारे वंश को दूंगा।
Phir yahovaa ne moosaa se kahaa, too un logom ko jinhem mi desh se chhudaa laayaa hai sang lekar us desh ko jaa, jisake vishay maim ne ibraaheem, isahaak, aur yaakoob se shapath khaakar kahaa thaa, ki maim use tumhaare vansh ko doongaa.
Exodus 33:1 in English
- King James Version (KJV)
- And the LORD said unto Moses, Depart, [and] go up hence, thou and the people which thou hast brought up out of the land of Egypt, unto the land which I sware unto Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, Unto thy seed will I give it:
- World English Bible (WEB)
- The LORD spoke to Moses, “Depart, go up from here, you and the people that you have brought up out of the land of Egypt, to the land of which I swore to Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, ‘I will give it to your offspring.’
- American Standard Version (ASV)
- And Jehovah spake unto Moses, Depart, go up hence, thou and the people that thou hast brought up out of the land of Egypt, unto the land of which I sware unto Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, Unto thy seed will I give it:
- Bible in Basic English (BBE)
- And the Lord said to Moses, Go forward from this place, you and the people whom you have taken up out of the land of Egypt, to that land about which I made an oath to Abraham, Isaac, and Jacob, saying, To your seed will I give it.
- Darby Translation (DBY)
- And Jehovah said to Moses, Depart, go up hence, thou and the people that thou hast brought up out of the land of Egypt, into the land that I swore unto Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, Unto thy seed will I give it,
- Webster's Bible (WBS)
- And the LORD said to Moses, Depart [and] go up hence, thou and the people which thou hast conducted from the land of Egypt, to the land which I swore to Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, to thy seed will I give it:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jehovah speaketh unto Moses, 'Go, ascend from this [place], thou and the people, whom thou hast brought up out of the land of Egypt, unto the land which I have sworn to Abraham, to Isaac, and to Jacob, saying, To thy seed I give it,'
Read in context
- 1फिर यहोवा ने मूसा से कहा, तू उन लोगों को जिन्हें मि देश से छुड़ा लाया है संग लेकर उस देश को जा, जिसके विषय मैं ने इब्राहीम, इसहाक, और याकूब से शपथ खाकर कहा था, कि मैं उसे तुम्हारे वंश को दूंगा।
- 2और मैं तेरे आगे आगे एक दूत को भेजूंगा, और कनानी, एमोरी, हित्ती, परिज्जी, हिब्बी, और यबूसी लोगों को बरबस निकाल दूंगा।
- 3तुम लोग उस देश को जाओ जिस में दूध और मधु की धारा बहती है; परन्तु तुम हठीले हो, इस कारण मैं तुम्हारे बीच में होके न चलूंगा, ऐसा न हो कि मैं मार्ग में तुम्हारा अन्त कर डालूं।
Cross references
- Genesis 12:7 उत्पत्ति 12:7तब यहोवा ने अब्राम को दर्शन देकर कहा, यह देश मैं तेरे वंश को दूंगा: और उस ने वहां यहोवा के लिये जिस ने उसे दर्शन दिया था, एक वेदी बनाई।
- Exodus 32:13 निर्गमन 32:13अपने दास इब्राहीम, इसहाक, और याकूब को स्मरण कर, जिन से तू ने अपनी ही किरिया खाकर यह कहा था, कि मै तुम्हारे वंश को आकाश के तारों के तुल्य बहुत करूंगा, और यह सारा देश जिसकी मैं ने चर्चा की है तुम्हारे वंश को दूंगा, कि वह उसके अधिकारी सदैव बने रहें।
- Exodus 32:7 निर्गमन 32:7तब यहोवा ने मूसा से कहा, नीचे उतर जा, क्योंकि तेरी प्रजा के लोग, जिन्हें तू मि देश से निकाल ले आया है, सो बिगड़ गए हैं;
- Genesis 26:3 उत्पत्ति 26:3तू इसी देश में रह, और मैं तेरे संग रहूंगा, और तुझे आशीष दूंगा; और ये सब देश मैं तुझ को, और तेरे वंश को दूंगा; और जो शपथ मैं ने तेरे पिता इब्राहीम से खाई थी, उसे मैं पूरी करूंगा।
- Genesis 22:16–18 उत्पत्ति 22:16–18यहोवा की यह वाणी है, कि मैं अपनी ही यह शपथ खाता हूं, कि तू ने जो यह काम किया है कि अपने पुत्रा, वरन अपने एकलौते पुत्रा को भी, नहीं रख छोड़ा; इस कारण मैं निश्चय तुझे आशीष दूंगा; और निश्चय तेरे वंश को आकाश के तारागण, और समुद्र के तीर की बालू के किनकों के समान अनगिनित करूंगा, और तेरा वंश अपने शत्रुओं के नगरों का अधिकारी होगा: और पृथ्वी की सारी जातियां अपने को तेरे वंश के कारण धन्य मानेंगी: क्योंकि तू ने मेरी बात मानी है।
- Exodus 32:1 निर्गमन 32:1जब लोगों ने देखा कि मूसा को पर्वत से उतरने में विलम्ब हो रहा है, तब वे हारून के पास इकट्ठे होकर कहने लगे, अब हमारे लिये देवता बना, जो हमारे आगे आगे चले; क्योंकि उस पुरूष मूसा को जो हमें मि देश से निकाल ले आया है, हम नहीं जानते कि उसे क्या हुआ?
- Genesis 28:13–15 उत्पत्ति 28:13–15और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा। और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे। और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
- Exodus 32:34 निर्गमन 32:34अब तो तू जाकर उन लोगों को उस स्थान में ले चल जिसकी चर्चा मैं ने तुझ से की थी; देख मेरा दूत तेरे आगे आगे चलेगा। परन्तु जिस दिन मैं दण्ड देने लगूंगा उस दिन उनको इस पाप का भी दण्ड दूंगा।
- Genesis 15:18 उत्पत्ति 15:18उसी दिन यहोवा ने अब्राम के साथ यह वाचा बान्धी, कि मि के महानद से लेकर परात नाम बड़े नद तक जितना देश है,
- Genesis 13:14–17 उत्पत्ति 13:14–17जब लूत अब्राम से अलग हो गया तब उसके पश्चात् यहोवा ने अब्राम से कहा, आंख उठाकर जिस स्थान पर तू है वहां से उत्तर- दक्खिन, पूर्व- पश्चिम, चारों ओर दृष्टि कर। क्योंकि जितनी भूमि तुझे दिखाई देती है, उस सब को मैं तुझे और तेरे वंश को युग युग के लिये दूंगा। और मैं तेरे वंश को पृथ्वी की धूल के किनकों की नाई बहुत करूंगा, यहां तक कि जो कोई पृथ्वी की धूल के किनकों को गिन सकेगा वही तेरा वंश भी गिन सकेगा। उठ, इस देश की लम्बाई और चौड़ाई में चल फिर; क्योंकि मैं उसे तुझी को दूंगा।
- Exodus 17:3 निर्गमन 17:3फिर वहां लोगों को पानी की प्यास लगी तब वे यह कहकर मूसा पर बुड़बुड़ाने लगे, कि तू हमें लड़केबालों और पशुओं समेत प्यासों मार डालने के लिये मि से क्यों ले आया है?
Original words (Hebrew)
- said · H1696דָבַר dâbar
- Moses · H4872מֹשֶׁה Môsheh
- Depart · H3212יָלַךְ yâlak
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- people · H5971עַם ʻam
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Egypt · H4714מִצְרַיִם Mitsrayim
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- sware · H7650שָׁבַע shâbaʻ
- Abraham · H85אַבְרָהָם ʼAbrâhâm
- Isaac · H3327יִצְחָק Yitschâq
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- seed · H2233זֶרַע zeraʻ
- give · H5414נָתַן nâthan