Exodus · chapter 9 · verse 20
Exodus 9:20 in Hindi
इसलिये फिरौन के कर्मचारियों में से जो लोग यहोवा के वचन का भय मानते थे उन्हों ने तो अपने अपने सेवकों और पशुओं को घर में हाँक दिया।
Isaliye phiraun ke karmachaariyom mem se jo log yahovaa ke vachan kaa bhay maanate the unhom ne to apane apane sevakom aur pashuom ko ghar mem haank diyaa.
Exodus 9:20 in English
- King James Version (KJV)
- He that feared the word of the LORD among the servants of Pharaoh made his servants and his cattle flee into the houses:
- World English Bible (WEB)
- Those who feared the LORD’s word among the servants of Pharaoh made their servants and their livestock flee into the houses.
- American Standard Version (ASV)
- He that feared the word of Jehovah among the servants of Pharaoh made his servants and his cattle flee into the houses:
- Bible in Basic English (BBE)
- Then everyone among the servants of Pharaoh who had the fear of the Lord, made his servants and his cattle come quickly into the house:
- Darby Translation (DBY)
- He that feared the word of Jehovah among the bondmen of Pharaoh made his bondmen and his cattle flee into the houses.
- Webster's Bible (WBS)
- He that feared the word of the LORD, among the servants of Pharaoh, made his servants and his cattle flee into the houses:
- Young's Literal Translation (YLT)
- He who is fearing the word of Jehovah among the servants of Pharaoh hath caused his servants and his cattle to flee unto the houses;
Read in context
- 18सुन, कल मैं इसी समय ऐसे भारी भारी ओले बरसाऊंगा, कि जिन के तुल्य मि की नेव पड़ने के दिन से लेकर अब तक कभी नहीं पड़े।
- 19सो अब लोगों को भेजकर अपने पशुओं को अपने मैदान में जो कुछ तेरा है सब को फुर्ती से आड़ में छिपा ले; नहीं तो जितने मनुष्य वा पशु मैदान में रहें और घर में इकट्ठे न किए जाएं उन पर ओले गिरेंगे, और वे मर जाएंगे।
- 20इसलिये फिरौन के कर्मचारियों में से जो लोग यहोवा के वचन का भय मानते थे उन्हों ने तो अपने अपने सेवकों और पशुओं को घर में हाँक दिया।
- 21पर जिन्हों ने यहोवा के वचन पर मन न लगाया उन्हों ने अपने सेवकों और पशुओं को मैदान में रहने दिया।।
- 22तक यहोवा ने मूसा से कहा, अपना हाथ आकाश की ओर बढ़ा, कि सारे मि देश के मनुष्यों पशुओं और खेतों की सारी उपज पर ओले गिरें।
Cross references
- Proverbs 13:13 नीतिवचन 13:13जो वचन को तुच्छ जानता, वह नाश हो जाता है, परन्तु आज्ञा के डरवैये को अच्छा फल मिलता है।
- Proverbs 22:3 नीतिवचन 22:3चतुर मनुष्य विपत्ति को आते देखकर छिप जाता है; परन्तु भोले लोग आगे बढ़कर दण्ड भोगते हैं।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Mark 13:14–16 मरकुस 13:14–16सो जब तुम उस उजाड़नेवाली घृणित वस्तु को जहां उचित नहीं वहां खड़ी देखो, (पढ़नेवाला समझ ले) तब जो यहूदिया में हों, वे पहाड़ों पर भाग जाएं। सो कोठे पर हो, वह अपने घर से कुछ लेने को नीचे न उतरे और न भीतर जाए। और जो खेत में हो, वह अपना कपड़ा लेने के लिये पीछे न लौटे।
- Jonah 3:5–6 योना 3:5–6तब नीनवे के मनुष्यों ने परमेश्वर के वचन की प्रतीति की; और उपवास का प्रचार किया गया और बड़े से लेकर छोटे तक सभों ने टाट ओढ़ा। तब यह समाचार नीनवे के राजा के कान में पहुंचा; और उस ने सिंहासन पर से उठ, अपना राजकीय ओढ़ना उतारकर टाट ओढ़ लिया, और राख पर बैठ गया।
- Proverbs 16:16 नीतिवचन 16:16बुद्धि की प्राप्ति चोखे सोने से क्या ही उत्तम है! और समझ की प्राप्ति चान्दी से अति योग्य है।
- Proverbs 22:23 नीतिवचन 22:23क्योंकि यहोवा उनका मुक मा लड़ेगा, और जो लोग उनका धन हर लेते हैं, उनका प्राण भी वह हर लेगा।