Ezekiel · chapter 1 · verse 18
Ezekiel 1:18 in Hindi
और उन चारों पहियों के घेरे बहुत बड़े और डरावने थे, और उनके घेरों में चारों ओर आंखें ही आंखें भरी हुई थीं।
Aur un chaarom pahiyom ke ghere bahut bade aur daraavane the, aur unake gherom mem chaarom or aankhem hee aankhem bharee huee theen.
Ezekiel 1:18 in English
- King James Version (KJV)
- As for their rings, they were so high that they were dreadful; and their rings [were] full of eyes round about them four.
- World English Bible (WEB)
- As for their rims, they were high and dreadful; and the four of them had their rims full of eyes all around.
- American Standard Version (ASV)
- As for their rims, they were high and dreadful; and they four had their rims full of eyes round about.
- Bible in Basic English (BBE)
- And I saw that they had edges, and their edges, even of the four, were full of eyes round about.
- Darby Translation (DBY)
- As for their rims, they were high and dreadful; and they four had their rims full of eyes round about.
- Webster's Bible (WBS)
- As for their rings, they were so high that they were dreadful; and their rings [were] full of eyes around them four.
- Young's Literal Translation (YLT)
- As to their rings, they are both high and fearful, and their rings [are] full of eyes round about them four.
Read in context
- 16पहियों का रूप और बनावट फीरोजे की सी थी, और चारों का एक ही रूप था; और उनका रूप और बनावट ऐसी थी जैसे एक पहिये के बीच दूसरा पहिया हो।
- 17चलते समय वे अपनी चारों अलंगों की ओर चल सकते थे, और चलने में मुड़ते नहीं थे।
- 18और उन चारों पहियों के घेरे बहुत बड़े और डरावने थे, और उनके घेरों में चारों ओर आंखें ही आंखें भरी हुई थीं।
- 19और जब जीवधारी चलते थे, तब पहिये भी उनके साथ चलते थे; और जब जीवधारी भूमि पर से उठते थे, तब पहिये भी उठते थे।
- 20जिधर आत्मा जाना चाहती थी, उधर ही वे जाते, और और पहिये जीवधारियों के साथ उठते थे; क्योंकि उनकी आत्मा पहियों में थी।
Cross references
- Ezekiel 10:12 यहेजकेल 10:12और पीठ हाथ और पंखों समेत करूबों का सारा शरीर और जो पहिये उनके हैं, वे भी सब के सब चारों ओर आंखों से भरे हुए हैं।
- Revelation 4:6 प्रकाशितवाक्य 4:6और उस सिंहासन के साम्हने मानो बिल्लौर के समान कांच का सा समुद्र है, और सिंहासन के बीच में और सिंहासन के चारों ओर चार प्राणी है, जिन के आगे पीछे आंखे ही आंखे हैं।
- Revelation 4:8 प्रकाशितवाक्य 4:8और चारों प्राणियों के छ: छ: पंख हैं, और चारों ओर, और भीतर आंखे ही आंखे हैं; और वे रात दिन बिना विश्राम लिए यह कहते रहते हैं, कि पवित्रा, पवित्रा, पवित्रा प्रभु परमेश्वर, सर्वशक्तिमान, जो था, और जो है, और जो आनेवाला है।
- Zechariah 4:10 जकर्याह 4:10क्योंकि किस ने छोटी बातों के दिन तुच्छ जाना है? यहोवा अपनी इन सातों आंखों से सारी पृथ्वी पर दृष्टि करके साहुल को जरूब्बाबेल के हाथ में देखेगा, और आनन्दित होगा।
- Psalm 77:16–19 भजन संहिता 77:16–19हे परमेश्वर समुद्र ने तुझे देखा, समुद्र तुझे देखकर ड़र गया, गहिरा सागर भी कांप उठा। मेघों से बड़ी वर्षा हुई; आकाश से शब्द हुआ; फिर तेरे तीर इधर उधर चले। बवणडर में तेरे गरजने का शब्द सुन पड़ा था; जगत बिजली से प्रकाशित हुआ; पृथ्वी कांपी और हिल गई। तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालम नहीं होते।
- Isaiah 55:9 यशायाह 55:9क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- Psalm 97:2–5 भजन संहिता 97:2–5बादल और अन्धकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है। उसके आगे आगे आग चलती हुइ उसके द्रोहियों को चारों ओर भस्म करती है। उसकी बिजलियों से जगल प्रकाशित हुआ, पृथ्वी देखकर थरथरा गई है! पहाड़ यहोवा के साम्हने, मोम की नाई पिघल गए, अर्थात् सारी पृथ्वी के परमेश्वर के साम्हने।।
- Proverbs 15:3 नीतिवचन 15:3यहोवा की आंखें सब स्थानों में लगी रहती हैं, वह बुरे भले दोनों को देखती रहती हैं।
- Job 37:22–24 अय्यूब 37:22–24उत्तर दिशा से सुनहली ज्योति आती है ईश्वर भययोग्य तेज से आभूषित है। सर्वशक्तिमान जो अति सामथ है, और जिसका भेद हम पा नहीं सकते, वह न्याय और पूर्ण धर्म को छोड़ अत्याचार नहीं कर सकता। इसी कारण सज्जन उसका भय मानते हैं, और जो अपनी दृष्टि में बुध्दिमान हैं, उन पर वह दृष्टि नहीं करता।