Isaiah · chapter 55 · verse 9
Isaiah 55:9 in Hindi
क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
Kyonki meree aur tumhaaree gati mem aur mere aur tumhaare soch vichaarom mem, aakaash aur pruthvee kaa antar hai..
Isaiah 55:9 in English
- King James Version (KJV)
- For [as] the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- World English Bible (WEB)
- “For as the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- American Standard Version (ASV)
- For as the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- Bible in Basic English (BBE)
- For as the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- Darby Translation (DBY)
- For [as] the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- Webster's Bible (WBS)
- For [as] the heavens are higher than the earth, so are my ways higher than your ways, and my thoughts than your thoughts.
- Young's Literal Translation (YLT)
- For high have the heavens been above the earth, So high have been My ways above your ways, And My thoughts above your thoughts.
Read in context
- 7दुष्ट अपनी चालचलन और अनर्थकारी अपने सोच विचार छोड़कर यहोवा ही की ओर फिरे, वह उस पर दया करेगा, वह हमारे परमेश्वर की ओर फिरे और वह पूरी रीति से उसको क्षमा करेगा।
- 8क्योंकि यहोवा कहता है, मेरे विचार और तुम्हारे विचार एक समान नहीं है, न तुम्हारी गति और मेरी गति एक सी है।
- 9क्योंकि मेरी और तुम्हारी गति में और मेरे और तुम्हारे सोच विचारों में, आकाश और पृथ्वी का अन्तर है।।
- 10जिस प्रकार से वर्षा और हिम आकाश से गिरते हैं और वहां यों ही लौट नहीं जाते, वरन भूमि पर पड़कर उपज उपजाते हैं जिस से बोलनेवाले को बीज और खानेवाले को रोटी मिलती है,
- 11उसी प्रकार से मेरा वचन भी होगा जो मेरे मुख से निकलता है; वह व्यर्थ ठहरकर मेरे पास न लौटेगा, परन्तु, जो मेरी इच्छा है उसे वह पूरा करेगा, और जिस काम के लिये मैं ने उसको भेजा है उसे वह सुफल करेगा।।
Cross references
- Psalm 103:11 भजन संहिता 103:11जैसे आकाश पृथ्वी के ऊपर ऊंचा है, वैसे ही उसकी करूणा उसके डरवैयों के ऊपर प्रबल है।
- Romans 11:31–36 रोमियों 11:31–36वैसे ही उन्हों ने भी अब आज्ञा न मानी कि तुम पर जो दया होती है इस से उन पर भी दया हो। ैक्योंकि परमेश्वर ने सब को आज्ञा न मानने के कारण बन्द कर रखा ताकि वह सब पर दया करे।। आहा! परमेश्वर का धन और बुद्धि और ज्ञान क्या ही गंभीर है! उसके विचार कैसे अथाह, और उसके मार्ग कैसे अगम हैं! प्रभु कि बुद्धि को किस ने जाना? या उसका मंत्री कौन हुआ? या किस ने पहिले उसे कुछ दिया है जिस का बदला उसे दिया जाए। क्योंकि उस की ओर से, और उसी के द्वारा, और उसी के लिये सब कुछ है: उस की महिमा युगानुयुग होती रहे: आमीन।।
- Matthew 11:25 मत्ती 11:25उसी समय यीशु ने कहा, हे पिता, स्वर्ग और पृथ्वी के प्रभु; मैं तेरा धन्यवाद करता हूं, कि तू ने इन बातों को ज्ञानियों और समझदारों से छिपा दखा, और बालकों पर प्रगट किया है।
- Psalm 77:19 भजन संहिता 77:19तेरे मार्ग समुद्र में है, और तेरा रास्ता गहिरे जल में हुआ; और तेरे पांवों के चिन्ह मालम नहीं होते।
- Psalm 36:5 भजन संहिता 36:5हे यहोवा तेरी करूणा स्वर्ग में है, तेरी सच्चाई आकाशमण्डल तक पहुंची है।
- Psalm 89:2 भजन संहिता 89:2क्योंकि मैं ने कहा है, तेरी करूणा सदा बनी रहेगी, तू स्वर्ग में अपनी सच्चाई को स्थिर रखेगा।