Psalms · chapter 97 · verse 2
Psalm 97:2 in Hindi
बादल और अन्धकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है।
Baadal aur andhakaar usake chaarom or haim; usake sinhaasan kaa mool dharm aur nyaay hai.
Psalm 97:2 in English
- King James Version (KJV)
- Clouds and darkness [are] round about him: righteousness and judgment [are] the habitation of his throne.
- World English Bible (WEB)
- Clouds and darkness are around him. Righteousness and justice are the foundation of his throne.
- American Standard Version (ASV)
- Clouds and darkness are round about him: Righteousness and justice are the foundation of his throne.
- Bible in Basic English (BBE)
- Dark clouds are round him; his kingdom is based on righteousness and right judging.
- Darby Translation (DBY)
- Clouds and darkness are round about him; righteousness and judgment are the foundation of his throne.
- Webster's Bible (WBS)
- Clouds and darkness surround him: righteousness and judgment [are] the habitation of his throne.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Cloud and darkness [are] round about Him, Righteousness and judgment the basis of His throne.
Read in context
- 1यहोवा राजा हुआ है, पृथ्वी मगन हो; और द्वीप जो बहुतेरे हैं, वह भी आनन्द करें!
- 2बादल और अन्धकार उसके चारों ओर हैं; उसके सिंहासन का मूल धर्म और न्याय है।
- 3उसके आगे आगे आग चलती हुइ उसके द्रोहियों को चारों ओर भस्म करती है।
- 4उसकी बिजलियों से जगल प्रकाशित हुआ, पृथ्वी देखकर थरथरा गई है!
Cross references
- Psalm 89:14 भजन संहिता 89:14तेरे सिंहासन का मूल, धर्म और न्याय है; करूणा और सच्चाई तेरे आगे आगे चलती है।
- Exodus 19:9 निर्गमन 19:9तब यहोवा ने मूसा से कहा, सुन, मैं बादल के अंधियारे में होकर तेरे पास आता हूं, इसलिये कि जब मैं तुझ से बातें करूं तब वे लोग सुनें, और सदा तेरी प्रतीति करें। और मूसा ने यहोवा से लोगों की बातों का वर्णन किया।
- Proverbs 16:12 नीतिवचन 16:12दुष्टता करना राजाओं के लिये घृणित काम है, क्योंकि उनकी गद्दी धर्म ही से स्थिर रहती है।
- Hebrews 1:8–9 इब्रानियों 1:8–9परन्तु पुत्रा से कहता है, कि हे परमेश्वर तेरा सिंहासन युगानुयुग रहेगा: तेरे राज्य का राजदण्ड न्याय का राजदण्ड है। तू ने धर्म से प्रेम और अधर्म से बैर रखा; इस कारण परमेश्वर तेरे परमेश्वर ने तेरे साथियों से बढ़कर हर्षरूपी तेल से तुझे अभिषेक किया।
- Psalm 99:4 भजन संहिता 99:4राजा की सामर्थ्य न्याय से मेल रखती है, तू ही ने सीधाई को स्थापित किया; न्याय और धर्म को याकूब में तू ही ने चालू किया है।
- Genesis 18:25 उत्पत्ति 18:25इस प्रकार का काम करना तुझ से दूर रहे कि दुष्ट के संग धर्मी को भी मार डाले और धर्मी और दुष्ट दोनों की एक ही दशा हो।
- Nahum 1:3 नहूम 1:3यहोवा विलम्ब से क्रोध करनेवाला और बड़ा शक्तिमान है; वह दोषी को किसी प्रकार निर्दोष न ठहराएगा।। यहोवा बवंडर और आंधी में होकर चलता है, और बादल उसके पांवों की धूलि है।
- 1 Kings 8:10–12 1 राजा 8:10–12जब याजक पवित्रास्थान से निकले, तब यहोवा के भवन में बादल भर आया। और बादल के कारण याजक सेवा टहल करने को खड़े न रह सके, क्योंकि यहोवा का तेज यहोवा के भवन में भर गया था। तब सुलैमान कहने लगा, यहोवा ने कहा था, कि मैं घोर अंधकार में वास किए रहूंगा।
- Psalm 45:6–7 भजन संहिता 45:6–7हे परमेश्वर, तेरा सिंहासन सदा सर्वदा बना रहेगा; तेरा राजदण्ड न्याय का है। तू ने धर्म से प्रीति और दुष्टता से बैर रखा है। इस कारण परमेश्वर ने हां तेरे परमेश्वर ने तुझ को तेरे साथियों से अधिक हर्ष के तेल से अभिषेक किया है।
- Deuteronomy 4:11–12 व्यवस्थाविवरण 4:11–12तब तुम समीप जाकर उस पर्वत के नीचे खड़े हुए, और वह पहाड़ आग से धधक रहा था, और उसकी लौ आकाश तक पहुंचती थी, और उसके चारों ओर अन्धियारा, और बादल, और घोर अन्धकार छाया हुआ था। तक यहोवा ने उस आग के बीच में से तुम से बातें की; बातों का शब्द तो तुम को सुनाई पड़ा, परन्तु कोई रूप न देखा; केवल शब्द ही शब्द सुन पड़ा।
- Exodus 24:16–18 निर्गमन 24:16–18तब यहोवा के तेज ने सीनै पर्वत पर निवास किया, और वह बादल उस पर छ: दिन तक छाया रहा; और सातवें दिन उस ने मूसा को बादल के बीच में से पुकारा। और इस्त्राएलियों की दृष्टि में यहोवा का तेज पर्वत की चोटी पर प्रचण्ड आग सा देख पड़ता था। तब मूसा बादल के बीच में प्रवेश करके पर्वत पर चढ़ गया। और मूसा पर्वत पर चालीस दिन और चालीस रात रहा।।
- Psalm 18:11–12 भजन संहिता 18:11–12उस ने अन्धियारे को अपने छिपने का स्थान और अपने चारों ओर मेघों के अन्धकार और आकाश की काली घटाओं का मण्डप बनाया। उसकी उपस्थिति की झलक से उसकी काली घटाएं फट गई; ओले और अंगारे।