Ezekiel · chapter 14 · verse 3
Ezekiel 14:3 in Hindi
हे मनुष्य के सन्तान, इन पुरूषों ने तो अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित कीं, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखी है; फिर क्या वे मुझ से कुछ भी पूछने पाएंगे?
He manushy ke santaan, in purooshom ne to apanee mooratem apane man mem sthaapit keem, aur apane adharm kee thokar apane saamhane rakhee hai; phir kyaa ve mujh se kuchh bhee poochhane paaenge?
Ezekiel 14:3 in English
- King James Version (KJV)
- Son of man, these men have set up their idols in their heart, and put the stumblingblock of their iniquity before their face: should I be enquired of at all by them?
- World English Bible (WEB)
- “Son of man, these men have taken their idols into their heart, and put the stumbling block of their iniquity before their face. Should I be inquired of at all by them?
- American Standard Version (ASV)
- Son of man, these men have taken their idols into their heart, and put the stumblingblock of their iniquity before their face: should I be inquired of at all by them?
- Bible in Basic English (BBE)
- Son of man, these men have taken their false gods into their hearts and put before their faces the sin which is the cause of their fall: am I to give ear when they come to me for directions?
- Darby Translation (DBY)
- Son of man, these men have set up their idols in their heart, and put the stumbling-block of their iniquity before their face: should I be inquired of at all by them?
- Webster's Bible (WBS)
- Son of man, these men have set up their idols in their heart, and put the stumbling-block of their iniquity before their face: should I be inquired of at all by them?
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Son of man, these men have caused their idols to go up on their heart, and the stumbling-block of their iniquity they have put over-against their faces; am I inquired of at all by them?
Read in context
- 1फिर इस्राएल के कितने पुरनिये मेरे पास आकर मेरे साम्हने बैठ गए।
- 2तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 3हे मनुष्य के सन्तान, इन पुरूषों ने तो अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित कीं, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखी है; फिर क्या वे मुझ से कुछ भी पूछने पाएंगे?
- 4सो तू उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, कि इस्राएल के घराने में से जो कोई अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करके, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखकर भविष्यद्वक्ता के पास आए, उसको, मैं यहोवा, उसकी बहुत सी मूरतों के अनुसार ही उत्तर दूंगा,
- 5जिस से इस्राएल का घराना, जो अपनी मूरतों के द्वारा मुझे त्यागकर दूर हो गया है, उन्हें मैं उन्हीं के मन के द्वारा फंसाऊंगा।
Cross references
- Ezekiel 14:7 यहेजकेल 14:7क्योंकि इस्राएल के घराने में से और उसके बीच रहनेवाले परदेशियों में से भी कोई क्यों न हो, जो मेरे पीछे हो लेना छोड़कर अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करे, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखे, और तब मुझ से अपनी कोई बात पूछने के लिये भविष्यद्वक्ता के पास आए, तो उसको, मैं यहोवा आप ही उत्तर दूंगा।
- Ezekiel 7:19 यहेजकेल 7:19वे अपनी चान्दी सड़कों में फेंक देंगे, और उनका सोना अशुठ्ठ वस्तु छहरेगा; यहोवा की जलन के दिन उनका सोना चान्दी उनको बचा न सकेगी, न उस से उनका जी सन्तुष्ट होगा, न उनके पेट भरेंगे। क्योंकि वह उनके अधर्म के ठोकर का कारण हुआ है।
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Ezekiel 20:16 यहेजकेल 20:16क्योंकि उन्हों ने मेरे नियम तुच्छ जाने और मेरी विधियों पर न चले, और मेरे विश्रामदिन अपवित्रा किए थे; इसलिये कि उनका मन उनकी मूरतों की ओर लगा रहा।
- Ezekiel 20:3 यहेजकेल 20:3हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएली पुरनियों से यह कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, क्या तुम मुझ से प्रश्न करने को आए हो? प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की सौगन्ध, तुम मुझ से प्रश्न करने न पाओगे।
- Ezekiel 14:4 यहेजकेल 14:4सो तू उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, कि इस्राएल के घराने में से जो कोई अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करके, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखकर भविष्यद्वक्ता के पास आए, उसको, मैं यहोवा, उसकी बहुत सी मूरतों के अनुसार ही उत्तर दूंगा,
- Proverbs 28:9 नीतिवचन 28:9जो अपना कान व्यवस्था सुनने से फेर लेता है, उसकी प्रार्थना घृणित ठहरती है।
- Ezekiel 44:12 यहेजकेल 44:12क्योंकि इस्राएल के घराने की सेवा टहल वे उनकी मूरतों के साम्हने करते थे, और उनके ठोकर खाने और अधर्म में फंसने का कारण हो गए थे; इस कारण मैं ने उनके विषय में शपथ खाई है कि वे अपने अधर्म का भार उठाएं, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Ezekiel 20:31 यहेजकेल 20:31आज तक जब जब तुम अपनी भेंटें चढ़ाते और अपने लड़केबालों को होम करके आग में चढ़ाते हो, तब तब तुम अपनी मूरतों के निमित्त अशुद्ध ठहरते हो। हे इस्राएल के घराने, क्या तुम मुझ से पूघने पाओगे? प्रभु यहोवा की यह वाणी है, मेरे जीवन की शपथ तुम मुझ से पूछने न पाओगे।
- 1 Samuel 28:6 1 शमूएल 28:6और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उस उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा।
- Ezekiel 36:25 यहेजकेल 36:25मैं तुम पर शुद्ध जल छिड़कूंगा, और तुम शुद्ध हो जाओगे; और मैं तुम को तुम्हारी सारी अशुद्धता और मूरतों से शुद्ध करूंगा।
- Revelation 2:14 प्रकाशितवाक्य 2:14पर मुझे तेरे विरूद्ध कुछ बातें कहनी हैं, क्योंकि तेरे यहां कितने तो ऐसे हैं, जो बिलाम की शिक्षा को मानते हैं, जिस ने बालाक को इस्त्राएलियों के आगे ठोकर का कारण रखना सिखाया, कि वे मूरतों के बलिदान खाएं, और व्यभिचार करें।
Original words (Hebrew)
- Son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- up · H5927עָלָה ʻâlâh
- idols · H1544גִּלּוּל gillûwl
- heart · H3820לֵב lêb
- put · H5414נָתַן nâthan
- stumblingblock · H4383מִכְשׁוֹל mikshôwl
- iniquity · H5771עָוֺן ʻâvôn
- before · H5227נֹכַח nôkach
- face · H6440פָּנִים pânîym
- enquired · H1875דָּרַשׁ dârash
- all · H1875דָּרַשׁ dârash