Ezekiel · chapter 20 · verse 3
Ezekiel 20:3 in Hindi
हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएली पुरनियों से यह कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, क्या तुम मुझ से प्रश्न करने को आए हो? प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की सौगन्ध, तुम मुझ से प्रश्न करने न पाओगे।
He manushy ke santaan, israaelee puraniyom se yah kah, prabhu yahovaa yom kahataa hai, kyaa tum mujh se prashn karane ko aae ho? Prabhu yahovaa kee yah vaanee hai ki mere jeevan kee saugandh, tum mujh se prashn karane na paaoge.
Ezekiel 20:3 in English
- King James Version (KJV)
- Son of man, speak unto the elders of Israel, and say unto them, Thus saith the Lord GOD; Are ye come to enquire of me? [As] I live, saith the Lord GOD, I will not be enquired of by you.
- World English Bible (WEB)
- “Son of man, speak to the elders of Israel, and tell them, ‘The Lord GOD says: “Is it to inquire of me that you have come? As I live,” says the Lord GOD, “I will not be inquired of by you.”’
- American Standard Version (ASV)
- Son of man, speak unto the elders of Israel, and say unto them, Thus saith the Lord Jehovah: Is it to inquire of me that ye are come? As I live, saith the Lord Jehovah, I will not be inquired of by you.
- Bible in Basic English (BBE)
- Son of man, say to the responsible men of Israel, This is what the Lord has said: Have you come to get directions from me? By my life, says the Lord, you will get no directions from me.
- Darby Translation (DBY)
- Son of man, speak unto the elders of Israel, and say unto them, Thus saith the Lord Jehovah: Are ye come to inquire of me? [As] I live, saith the Lord Jehovah, I will not be inquired of by you.
- Webster's Bible (WBS)
- Son of man, speak to the elders of Israel, and say to them, Thus saith the Lord God; Are ye come to inquire of me? [As] I live, saith the Lord God, I will not be inquired of by you.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Son of man, speak with the elders of Israel, and thou hast said unto them, Thus said the Lord Jehovah: To seek Me are ye coming in? I live — I am not sought by you — an affirmation of the Lord Jehovah.
Read in context
- 1सातवें वर्ष के पांचवें महीने के दसवें दिन को इस्राएल के कितने पुरनिये यहोवा से प्रश्न करने को आए, और मेरे साम्हने बैठ गए।
- 2तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 3हे मनुष्य के सन्तान, इस्राएली पुरनियों से यह कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, क्या तुम मुझ से प्रश्न करने को आए हो? प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि मेरे जीवन की सौगन्ध, तुम मुझ से प्रश्न करने न पाओगे।
- 4हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू उनका न्याय न करेगा? क्या तू उनका न्याय न करेगा? उनके पुरखाओं के घिनौने काम उन्हें जता दे,
- 5और उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, जिस दिन मैं ने इस्राएल को चुन लिया, और याकूब के घराने के वंश से शपथ खाई, और मिस्र देख में अपने को उन पर प्रगट किया, और उन से शपथ खाकर कहा, मैं तुम्हारा परमेश्वर यहोवा हूँ,
Cross references
- Psalm 50:15–21 भजन संहिता 50:15–21और संकट के दिन मुझे पुकार; मैं तुझे छुड़ाऊंगा, और तू मेरी महिमा करने पाएगा।। परन्तु दुष्ट से परमेश्वर कहता है: तुझे मेरी विधियों का वर्णन करने से क्या काम? तू मरी वाचा की चर्चा क्यों करता है? तू तो शिक्षा से बैर करता, और मेरे वचनों को तुच्छ जातना है। जब तू ने चोर को देखा, तब उसकी संगति से प्रसन्न हुआ; और परस्त्रीगामियों के साथ भागी हुआ।। तू ने अपना मुंह बुराई करने के लिये खोला, और तेरी जीभ छल की बातें गढ़ती है। तू बैठा हुआ अपने भाई के विरूद्ध बोलता; और अपने सगे भाई की चुगली खाता है। यह काम तू ने किया, और मैं चुप रहा; इसलिये तू ने समझ लिया कि परमेश्वर बिलकुल मेरे साम्हने है। परन्तु मैं तुझे समझाऊंगा, और तेरी आंखों के साम्हने सब कुछ अलग अलग दिखाऊंगा।।
- Micah 3:7 मीका 3:7दर्शी लज्जित होंगे, और भावी कहनेवालों के मुंह काले होंगे; और वे सब के सब अपने ओठों को इसलिये ढांपेंगे कि परमेश्वर की ओर से उत्तर नहीं मिलता।
- Proverbs 28:9 नीतिवचन 28:9जो अपना कान व्यवस्था सुनने से फेर लेता है, उसकी प्रार्थना घृणित ठहरती है।
- Matthew 15:8–9 मत्ती 15:8–9कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है। और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्य की विधियों को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।
- Luke 3:7 लूका 3:7जो भीड़ की भीड़ उस से बपतिस्मा लेने को निकल कर आती थी, उन से वह कहता था; हे सांप के बच्चो, तुम्हें किस ने जता दिया, कि आनेवाले क्रोध से भागो।
- Isaiah 1:12 यशायाह 1:12मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो?
- Ezekiel 14:3–4 यहेजकेल 14:3–4हे मनुष्य के सन्तान, इन पुरूषों ने तो अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित कीं, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखी है; फिर क्या वे मुझ से कुछ भी पूछने पाएंगे? सो तू उन से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, कि इस्राएल के घराने में से जो कोई अपनी मूरतें अपने मन में स्थापित करके, और अपने अधर्म की ठोकर अपने साम्हने रखकर भविष्यद्वक्ता के पास आए, उसको, मैं यहोवा, उसकी बहुत सी मूरतों के अनुसार ही उत्तर दूंगा,
- 1 Samuel 28:6 1 शमूएल 28:6और जब शाऊल ने यहोवा से पूछा, तब यहोवा ने न तो स्वप्न के द्वारा उस उत्तर दिया, और न ऊरीम के द्वारा, और न भविष्यद्वक्ताओं के द्वारा।
- Matthew 3:7 मत्ती 3:7जब उस ने बहुतेरे फरीसियों और सदूकियों को बपतिस्मा के लिये अपने पास आते देखा, तो उन से कहा, कि हे सांप के बच्चों तुम्हें किस ने जता दिया, कि आनेवाले क्रोध से भागो?
- Isaiah 1:15 यशायाह 1:15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
- Proverbs 21:27 नीतिवचन 21:27दुष्टों का बलिदान घृणित लगता है; विशेष करके जब वह महापाप के निमित्त चढ़ाता है।
- John 4:24 यूहन्ना 4:24परमेश्वर आत्मा है, और अवश्य है कि उसके भजन करनेवाले आत्मा और सच्चाई से भजन करें।
Original words (Hebrew)
- Son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- speak · H1696דָבַר dâbar
- elders · H2205זָקֵן zâqên
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- say · H559אָמַר ʼâmar
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- come · H935בּוֹא bôwʼ
- enquire · H1875דָּרַשׁ dârash
- live · H2416חַי chay
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- enquired · H1875דָּרַשׁ dârash