Ezekiel · chapter 16 · verse 30
Ezekiel 16:30 in Hindi
प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि तेरा हृदय कैसा चंचल है कि तू ये सब काम करती है, जो निर्लज्ज वेश्या ही के काम हैं?
Prabhu yahovaa kee yah vaanee hai ki teraa hruday kaisaa chanchal hai ki too ye sab kaam karatee hai, jo nirlajj veshyaa hee ke kaam haim?
Ezekiel 16:30 in English
- King James Version (KJV)
- How weak is thine heart, saith the Lord GOD, seeing thou doest all these [things], the work of an imperious whorish woman;
- World English Bible (WEB)
- “‘“How weak is your heart,” says the Lord GOD, “since you do all these things, the work of an impudent prostitute;
- American Standard Version (ASV)
- How weak is thy heart, saith the Lord Jehovah, seeing thou doest all these things, the work of an impudent harlot;
- Bible in Basic English (BBE)
- How feeble is your heart, says the Lord, seeing that you do all these things, the work of a loose and overruling woman;
- Darby Translation (DBY)
- How weak is thy heart, saith the Lord Jehovah, seeing thou doest all these [things], the work of a whorish woman, under no restraint;
- Webster's Bible (WBS)
- How weak is thy heart, saith the Lord GOD, seeing thou doest all these [things] , the work of an imperious lewd woman;
- Young's Literal Translation (YLT)
- How weak [is] thy heart, An affirmation of the Lord Jehovah, In thy doing all these, The work of a domineering whorish woman.
Read in context
- 28फिर भी तेरी तृष्णा न बुझी, इसलिये तू ने अश्शूरी लोगों से भी व्यभिचार किया; और उन से व्यभिचार करने पर भी तेरी तृष्णा न बुझी।
- 29फिर तू लेन देन के देश में व्यभिचार करते करते कसदियों के देश तक पहुंची, और वहां भी तेरी तृष्णा न बुझी।
- 30प्रभु यहोवा की यह वाणी है कि तेरा हृदय कैसा चंचल है कि तू ये सब काम करती है, जो निर्लज्ज वेश्या ही के काम हैं?
- 31तू ने हर एक सड़क के सिरे पर जो अपना गुम्मट, और हर चौक में अपना ऊंचा स्थान बनवाया है, क्या इसी में तू वेश्या के समान नहीं ठहरी? क्योंकि तू ऐसी कमाई पर हंसती है।
- 32तू व्यभिचारिणी पत्नी है। तू पराये पुरूषों को अपने पति की सन्ती ग्रहण करती है।
Cross references
- Isaiah 1:3 यशायाह 1:3बैल तो अपने मालिक को और गदहा अपने स्वामी की चरनी को पहिचानता है, परन्तु इस्राएल मुझें नहीं जानता, मेरी प्रजा विचार नहीं करती।।
- Jeremiah 3:3 यिर्मयाह 3:3इसी कारण झड़ियां और बरसात की पिछली वर्षा नहीं होती; तौभी तेरा माथा वेश्या का सा है, तू लज्जित होना ही नहीं जानती।
- Isaiah 3:9 यशायाह 3:9उनका चिहरा भी उनके विरूद्ध साक्षी देता है; वे सदोमियों की नाई अपने आप को आप ही बखानते और नहीं छिपाते हैं। उन पर हाय! क्योंकि उन्हों ने अपनी हानि आप ही की है।
- Jeremiah 4:22 यिर्मयाह 4:22क्योंकि मेरी प्रजा मूढ़ है, वे मुझे नहीं जानते; वे ऐसे मूर्ख लड़के हैं जिन में कुछ भी समझ नहीं। बुराई करने को तो वे बुध्दिमान हैं, परन्तु भलाई करना वे नहीं जानते।
- Proverbs 9:13 नीतिवचन 9:13मूर्खतारूपी स्त्री हौरा मचानेवाली है; वह तो भोली है, और कुछ नहीं जानती।
- Revelation 17:1–6 प्रकाशितवाक्य 17:1–6और जिन सात स्वर्गदूतों के पास वे सात कटोरे थे, उन में से एक ने आकर मुझ से यह कहा कि इधर आ, मैं तुझे उस बड़ी वेश्या का दण्ड दिखाऊं, जो बहुत से पानियों पर बैठी है। जिस के साथ पृथ्वी के राजाओं ने व्यभिचार किया, और पृथ्वी के रहनेवाले उसके व्यभिचार की मदिरा से मतवाले हो गए थे। तब वह मुझे आत्मा में जंगल को ले गया, और मैं ने किरमिजी रंग के पशु पर जो निन्दा के नामों से छिपा हुआ था और जिस के सात सिर और दस सींग थे, एक स्त्री को बैठे हुए देखा। यह स्त्री बैंजनी, और किरमिजी, कपड़े पहिने थी, और सोने और बहुमोल मणियों और मोतियों से सजी हुई थी, और उसके हाथ में एक सोने का कटोरा था जो घृणित वस्तुओं से और उसके व्यभिचार की अशुद्ध वस्तुओं से भरा हुआ था। और उसके माथे पर यह नाम लिखा था, "भेद बड़ा बाबुल पृथ्वी की वेश्याओं और घृणित वस्तुओं की माता।" और मैं ने उस स्त्री को पवित्रा लोगों के लोहू और यीशु के गवाहों के लोहू पीने से मतवाली देखा और उसे देखकर मैं चकित हो गया।
- Proverbs 7:21 नीतिवचन 7:21ऐसी ही बातें कह कहकर, उस ने उसको अपनी प्रबल माया में फंसा लिया; और अपनी चिकनी चुपड़ी बातों से उसको अपने वश में कर लिया।
- Jeremiah 2:12–13 यिर्मयाह 2:12–13हे आकाश, चकित हो, बहुत ही थरथरा और सुनसान हो जा, यहोवा की यह वाणी है। क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैंे उन्हों ने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, अन्हों ने हौद बना लिए, वरन बेसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।
- Proverbs 7:11–13 नीतिवचन 7:11–13वह शान्तिरहित और चंचल थी, और अपने घर में न ठहरती थी; कभी वह सड़क में, कभी चौक में पाई जाती थी, और एक एक कोने पर वह बाट जोहती थी। तब उस ने उस जवान को पकड़कर चूमा, और निर्लज्जता की चेष्टा करके उस से कहा,
- Judges 16:15–16 न्यायियों 16:15–16तब दलीला ने उस से कहा, तेरा मन तो मुझ से नहीं लगा, फिर तू क्यों कहता है, कि मैं तुझ से प्रीति रखता हूं? तू ने ये तीनों बार मुझ से छल किया, और मुझे नहीं बताया कि तेरे बड़े बल का भेद क्या है। सो जब उस ने हर दिन बातें करते करते उसको तंग किया, और यहां तक हठ किया, कि उसके नाकों में दम आ गया,