Jeremiah · chapter 2 · verse 12
Jeremiah 2:12 in Hindi
हे आकाश, चकित हो, बहुत ही थरथरा और सुनसान हो जा, यहोवा की यह वाणी है।
He aakaash, chakit ho, bahut hee tharatharaa aur sunasaan ho jaa, yahovaa kee yah vaanee hai.
Jeremiah 2:12 in English
- King James Version (KJV)
- Be astonished, O ye heavens, at this, and be horribly afraid, be ye very desolate, saith the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “Be astonished, you heavens, at this and be horribly afraid. Be very desolate,” says the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- Be astonished, O ye heavens, at this, and be horribly afraid, be ye very desolate, saith Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- Be full of wonder, O heavens, at this; be overcome with fear, be completely waste, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Be astonished, ye heavens, at this, and shudder; be amazed very much, saith Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Be astonished, O ye heavens, at this, and be horribly afraid, be ye very desolate, saith the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Be astonished, ye heavens, at this, Yea, be frightened, be greatly wasted, An affirmation of Jehovah.
Read in context
- 10कित्तियों के द्वीपों में पार जाकर देखो, या केदार में दूत भेजकर भली भांति विचार करो और देखो; देखो, कि ऐसा काम कहीं और भी हुआ है? क्या किसी जाति ने अपने देवताओं को बदल दिया जो परमेश्वर भी नहीं हैं?
- 11परन्तु मेरी प्रजा ने अपनी महिमा को निकम्मी वस्तु से बदल दिया है।
- 12हे आकाश, चकित हो, बहुत ही थरथरा और सुनसान हो जा, यहोवा की यह वाणी है।
- 13क्योंकि मेरी प्रजा ने दो बुराइयां की हैंे उन्हों ने मुझ बहते जल के सोते को त्याग दिया है, और, अन्हों ने हौद बना लिए, वरन बेसे हौद जो टूट गए हैं, और जिन में जल नहीं रह सकता।
- 14क्या इस्राएल दास है? क्या वह घर में जन्मा हुआ दांस है? फिर वह क्यों शिकार बना?
Cross references
- Isaiah 1:2 यशायाह 1:2हे स्वर्ग सुन, और हे पृथ्वी कान लगा; क्योंकि यहोवा कहता है: मैं ने बालबच्चों का पालन पोषण किया, और उनको बढ़ाया भी, परन्तु उन्हों ने मुझ से बलवा किया।
- Micah 6:2 मीका 6:2हे पहाड़ों, और हे पृथ्वी की अटल नेव, यहोवा का वादविवाद सुनो, क्योंकि यहोवा का अपनी प्रजा के साथ मुक मा है, और वह इस्राएल से वादविवाद करता है।।
- Deuteronomy 32:1 व्यवस्थाविवरण 32:1हे आकाश, कान लगा, कि मैं बोलूं; और हे पृथ्वी, मेरे मुंह की बातें सुन।।
- Jeremiah 6:19 यिर्मयाह 6:19हे पृथ्वी, सुन; देख, कि मैं इस जाति पर वह विपत्ति ले आऊंगा जो उनकी कल्पनाओं का फल है, क्योंकि इन्हों ने मेरे वचनों पर ध्यान नहीं लगाया, और मेरी शिक्षा को इन्हों ने निकम्मी जाना है।
- Jeremiah 22:29 यिर्मयाह 22:29हे पृथ्वी, पृथ्वी, हे पृथ्वी, यहोवा का वचन सुन!
- Matthew 27:45 मत्ती 27:45दोपहर से लेकर तीसरे पहर तक उस सारे देश में अन्धेरा छाया रहा।
- Matthew 27:50–53 मत्ती 27:50–53तब यीशु ने फिर बड़े शब्द से चिल्लाकर प्राण छोड़ दिए। और देखो मन्दिर का परदा ऊपर से नीचे तक फट कर दो टुकड़े हो गया: और धरती डोल गई और चटानें तड़कर गईं। और कब्रें खुल गईं; और सोए हुए पवित्रा लोगों की बहुत लोथें जी उठीं। और उसके जी उठने के बाद वे कब्रों में से निकलकर पवित्रा नगर में गए, और बहुतों को दिखाई दिए।