Isaiah · chapter 3 · verse 9
Isaiah 3:9 in Hindi
उनका चिहरा भी उनके विरूद्ध साक्षी देता है; वे सदोमियों की नाई अपने आप को आप ही बखानते और नहीं छिपाते हैं। उन पर हाय! क्योंकि उन्हों ने अपनी हानि आप ही की है।
Unakaa chiharaa bhee unake virooddh saakshee detaa hai; ve sadomiyom kee naaee apane aap ko aap hee bakhaanate aur naheem chhipaate hain. Un par haay! Kyonki unhom ne apanee haani aap hee kee hai.
Isaiah 3:9 in English
- King James Version (KJV)
- The shew of their countenance doth witness against them; and they declare their sin as Sodom, they hide [it] not. Woe unto their soul! for they have rewarded evil unto themselves.
- World English Bible (WEB)
- The look of their faces testify against them. They parade their sin like Sodom. They don’t hide it. Woe to their soul! For they have brought disaster upon themselves.
- American Standard Version (ASV)
- The show of their countenance doth witness against them; and they declare their sin as Sodom, they hide it not. Woe unto their soul! for they have done evil unto themselves.
- Bible in Basic English (BBE)
- Their respect for a man's position is a witness against them; and their sin is open to the view of all; like that of Sodom, it is not covered. A curse on their soul! for the measure of their sin is full.
- Darby Translation (DBY)
- The look of their face doth witness against them, and they declare their sin as Sodom: they hide it not. Woe unto their soul! for they have brought evil upon themselves.
- Webster's Bible (WBS)
- The show of their countenance doth witness against them; and they declare their sin as Sodom, they hide [it] not. Woe to their soul! for they have rewarded evil to themselves.
- Young's Literal Translation (YLT)
- The appearance of their faces witnessed against them, And their sin, as Sodom, they declared, They have not hidden! Woe to their soul, For they have done to themselves evil.
Read in context
- 7तब वह शपथ खाकर कहेगा, मैं चंगा करनेहारा न हूंगा; क्योंकि मेरे घर में न तो रोटी है और न कपड़े; इसलिये तुम मुझे प्रजा का न्यायी नहीं नियुक्त कर सकोगे।
- 8यरूशलेम तो डगमगाया और यहूदा गिर गया है; क्योंकि उनके वचन औश्र उनके काम यहोवा के विरूद्ध हैं, जो उसकी तेजोमय आंखों के साम्हने बलवा करनेवाले ठहरे हैं।।
- 9उनका चिहरा भी उनके विरूद्ध साक्षी देता है; वे सदोमियों की नाई अपने आप को आप ही बखानते और नहीं छिपाते हैं। उन पर हाय! क्योंकि उन्हों ने अपनी हानि आप ही की है।
- 10धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि उसके कामों का फल उसको मिलेगा।
- 11मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
Cross references
- Genesis 13:13 उत्पत्ति 13:13सदोम के लोग यहोवा के लेखे में बड़े दुष्ट और पापी थे।
- Genesis 18:20–21 उत्पत्ति 18:20–21क्योंकि मैं जानता हूं, कि वह अपने पुत्रों और परिवार को जो उसके पीछे रह जाएंगे आज्ञा देगा कि वे यहोवा के मार्ग में अटल बने रहें, और धर्म और न्याय करते रहें, इसलिये कि जो कुछ यहोवा ने इब्राहीम के विषय में कहा है उसे पूरा करे। इसलिये मैं उतरकर देखूंगा, कि उसकी जैसी चिल्लाहट मेरे कान तक पहुंची है, उन्हों ने ठीक वैसा ही काम किया है कि नहीं: और न किया हो तो मैं उसे जान लूंगा।
- Jeremiah 6:15 यिर्मयाह 6:15क्या वे कभी अपने घृणित कामों के कारण लज्जित हुए? नहीं, वे कुछ भी लज्जित नहीं हुए; वे लज्जित होना जानते ही नहीं; इस कारण जब और लोग नीचे गिरें, तब वे भी गिरेंगे, और जब मैं उनको दणड देने लगूंगा, तब वे ठोकर खाकर गिरेंगे, यहोवा का यही वचन है।
- Jeremiah 44:16–17 यिर्मयाह 44:16–17जो वचन तू ने हम को यहोवा के नाम से सुनाया है, उसको हम नहीं सुनने की। जो जो मन्नतें हम मान चुके हैं उन्हें हम निश्चय पूरी करेंगी, हम स्वर्ग की रानी के लिये धूप जलाएंगे और तपावन देंगे, जैसे कि हमारे पुरखा लोग और हम भी अपने राजाओं और और हाकिमों समेत यहूदा के नगरों में और यरूशलेम की सड़कों में करते थे; क्योंकि उस समय हम पेट भरके खाते और भले चंगे रहते और किसी विपत्ति में नहीं पड़ते थे।
- Isaiah 3:16 यशायाह 3:16यहोवा ने यह भी कहा है, क्योंकि सिरयोन की स्त्रियां घमण्ड करतीं और सिर ऊंचे किये आंखें मटकातीं और घुंघुरूओं को छमछमाती हुई ठुमुक ठुमुक चलती हैं,
- Psalm 10:4 भजन संहिता 10:4दुष्ट अपने अभिमान के कारण कहता है कि वह लेखा नहीं लेने का; उसका पूरा विचार यही है कि कोई परमेश्वर है ही नहीं।।
- Proverbs 30:13 नीतिवचन 30:13एक पीढ़ी के लोग ऐसे हैं उनकी दृष्टि क्या ही घमण्ड से भरी रहती है, और उनकी आंखें कैसी चढ़ी हुई रहती हैं।
- Psalm 73:6–7 भजन संहिता 73:6–7इस कारण अहंकार उनके गले का हार बना है; उनका ओढ़ना उपद्रव है। उनकी आंखें चर्बीं से झलकती हैं, उनके मन की भवनाएं उमण्डती हैं।
- Lamentations 5:16 विलापगीत 5:16हमारे सिर पर का मुकुट गिर पड़ा हे; हम पर हाय, क्योंकि हम ने पाप किया है!
- 2 Kings 9:30 2 राजा 9:30जब येहू यिज्रैल को आया, तब ईज़ेबेल यह सुन अपनी आंखों में सुर्मा लगा, अपना सिर संवारकर, खिड़की में से झांकने लगी।
- Ezekiel 23:16 यहेजकेल 23:16तब उनको देखते ही वह उन पर मोहित हुई और उनके पास कसदियों के देश में दूत भेजे।
- Jeremiah 3:3 यिर्मयाह 3:3इसी कारण झड़ियां और बरसात की पिछली वर्षा नहीं होती; तौभी तेरा माथा वेश्या का सा है, तू लज्जित होना ही नहीं जानती।