Ezekiel · chapter 27 · verse 3
Ezekiel 27:3 in Hindi
हे समुद्र के पैठाव पर रहने वाली, हे बहुत से द्वीपों के लिये देश देश के लोगों के साथ व्यापार करने वाली, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे सोर तू ने कहा है कि मैं सर्वांग सुन्दर हूँ।
He samudr ke paithaav par rahane vaalee, he bahut se dveepom ke liye desh desh ke logom ke saath vyaapaar karane vaalee, parameshvar yahovaa yom kahataa hai, he sor too ne kahaa hai ki maim sarvaang sundar hoon.
Ezekiel 27:3 in English
- King James Version (KJV)
- And say unto Tyrus, O thou that art situate at the entry of the sea, [which art] a merchant of the people for many isles, Thus saith the Lord GOD; O Tyrus, thou hast said, I [am] of perfect beauty.
- World English Bible (WEB)
- and tell Tyre, ‘You who dwell at the entry of the sea, who are the merchant of the peoples to many islands, the Lord GOD says: “You, Tyre, have said, ‘I am perfect in beauty.’
- American Standard Version (ASV)
- and say unto Tyre, O thou that dwellest at the entry of the sea, that art the merchant of the peoples unto many isles, thus saith the Lord Jehovah: Thou, O Tyre, hast said, I am perfect in beauty.
- Bible in Basic English (BBE)
- And say to Tyre, O you who are seated at the doorway of the sea, trading for the peoples with the great sea-lands, these are the words of the Lord: You, O Tyre, have said, I am a ship completely beautiful.
- Darby Translation (DBY)
- and say unto Tyre: O thou that art situate at the entries of the sea, and traffickest with the peoples in many isles, thus saith the Lord Jehovah: Thou, Tyre, hast said, I am perfect in beauty.
- Webster's Bible (WBS)
- And say to Tyre, O thou that art situated at the entry of the sea, [which art] a merchant of the people for many isles, Thus saith the Lord GOD; O Tyre, thou hast said, I [am] of perfect beauty.
- Young's Literal Translation (YLT)
- O dweller on the entrances of the sea, Merchant of the peoples unto many isles, Thus said the Lord Jehovah: O Tyre, thou — thou hast said: I [am] the perfection of beauty.
Read in context
- 1यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के विषय एक विलाप का गीत बना कर उस से यों कह,
- 3हे समुद्र के पैठाव पर रहने वाली, हे बहुत से द्वीपों के लिये देश देश के लोगों के साथ व्यापार करने वाली, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे सोर तू ने कहा है कि मैं सर्वांग सुन्दर हूँ।
- 4तेरे सिवाने समुद्र के बीच हैं; तेरे बनाने वाले ने तुझे सर्वांग सुन्दर बनाया।
- 5तेरी सब पटरियां सनीर पर्वत के सनौवर की लकड़ी की बनी हैं; तेरे मस्तूल के लिये लबानोन के देवदार लिए गए हैं।
Cross references
- Ezekiel 27:4 यहेजकेल 27:4तेरे सिवाने समुद्र के बीच हैं; तेरे बनाने वाले ने तुझे सर्वांग सुन्दर बनाया।
- Ezekiel 27:10–36 यहेजकेल 27:10–36तेरी सेना में फारसी, लूदी, और पूती लोग भरती हुए थे; उन्होंने तुझ में ढाल, और टोपी टांगी; और उन्हीं के कारण तेरा प्रताप बढ़ा था। तेरी शहरपनाह पर तेरी सेना के साथ अर्बद के लोग चारों ओर थे, और तेरे गुम्मटों में शूरवीर खड़े थे; उन्होंने अपनी ढालें तेरी चारों ओर की शहरपनाह पर टांगी थी; तेरी सुन्दरता उनके द्वारा पूरी हुई थी। अपनी सब प्रकार की सम्पत्ति की बहुतायत के कारण तशींशी लोग तेरे व्योपारी थे; उन्होंने चान्दी, लोहा, रांगा और सीसा देकर तेरा माल मोल लिया। यावान, तूबल, और मेशेक के लोग तेरे माल के बदले दास-दासी और पीतल के पात्र तुझ से व्यापार करते थे। तोगर्मा के घराने के लोगों ने तेरी सम्पत्ति ले कर घोड़े, सवारी के घोड़े और खच्चर दिए। ददानी तेरे व्योपारी थे; बहुत से द्वीप तेरे हाट बने थे; वे तेरे पास हाथीदांत की सींग और आबनूस की लकड़ी व्यापार में लाते थे। तेरी बहुत कारीगरी के कारण आराम तेरा व्योपारी था; मरकत, बैजनी रंग का और बूटेदार वस्त्र, सन, मूंगा, और लालड़ी देकर वे तेरा माल लेते थे। यहूदा और इस्राएल भी तेरे व्योपारी थे; उन्होंने मिन्नीत का गेहूं, पन्नग, और मधु, तेल, और बलसान देकर तेरा माल लिया। तुझ में बहुत कारीगरी हुई और सब प्रकार का धन इकट्टा हुआ, इस से दमिश्क तेरा व्योपारी हुआ; तेरे पास हेलबोन का दाखमधु और उजला ऊन पहुंचाया गया। बदान और यावान ने तेरे माल के बदले में सूत दिया; और उनके कारण फौलाद, तज और अगर में भी तेरा व्यापार हुआ। सवारी के चार-जामे के लिये ददान तेरा व्योपारी हुआ। अरब और केदार के सब प्रधान तेरे व्योपारी ठहरे; उन्होंने मेम्ने, मेढ़े, और बकरे लाकर तेरे साथ लेन-देन किया। शबा और रामा के व्योपारी तेरे व्योपारी ठहरे; उन्होंने उत्तम उत्तम जाति का सब भांति का मसाला, सर्व भांति के मणि, और सोना देकर तेरा माल लिया। हारान, कन्ने, एदेन, शबा के व्योपारी, और अश्शूर और कलमद, ये सब तेरे व्योपारी ठहरे। इन्होंने उत्तम उत्तम वस्तुएं अर्थात ओढ़ने के नीले और बूटेदार वस्त्र और डोरियों से बन्धी और देवदार की बनी हुई चित्र विचित्र कपड़ों की पेटियां लाकर तेरे साथ लेन-देन किया। तशींश के जहाज तेरे व्यापार के माल के ढोने वाले हुए। उनके द्वारा तू समुद्र के बीच रहकर बहुत धनवान् और प्रतापी हो गई थी। तेरे खिवैयों ने तुझे गहिरे जल में पहुंचा दिया है, और पुरवाई ने तुझे समुद्र के बीच तोड़ दिया है। जिस दिन तू डूबेगी, उसी दिन तेरा धन-सम्पत्ति, व्यापार का माल, मल्लाह, मांझी, जुड़ाई का काम करने वाले, व्योपारी लोग, और तुझ में जितने सिपाही हैं, और तेरी सारी भीड़-भाड़ समुद्र के बीच गिर जाएंगी। तेरे मांझीयों की चिल्लाहट के शब्द के मारे तेरे आस पास के स्थान कांप उठेंगे। और सब खेने वाले और मल्लाह, और समुद्र में जितने मांझी रहते हैं, वे अपने अपने जहाज पर से उतरेंगे, और वे भूमि पर खड़े हो कर तेरे पिषय में ऊंचे शब्द से बिलक बिलककर रोएंगे। वे अपने अपने सिर पर धूलि उड़ाकर राख में लोटेंगे; और तेरे शोक में अपने सिर मुंड़वा देंगे, और कमर में टाट बान्ध कर अपने मन के कड़े दु:ख के साथ तेरे विषय में रोएंगे और छाती पीटेंगे। वे विलाप करते हुए तेरे विषय में विलाप का यह गीत बना कर गाएंगे, सोर जो अब समुद्र के बीच चुपचाप पड़ी है, उसके तुल्य कौन नगरी है? जब तेरा माल समुद्र पर से निकलता था, तब बहुत सी जातियों के लोग तृप्त होते थे; तेरे धन और व्यापार के माल की बहुतायत से पृथ्वी के राजा धनी होते थे। जिस समय तू अथाह जल में लहरों से टूटी, उस समय तेरे व्योपार का माल, और तेरे सब निवासी भी तेरे भीतर रहकर नाश हो गए। टापुओं के सब रहने वाले तेरे कारण विस्मित हुए; और उनके सब राजाओं के रोएं खड़े हो गए, और उनके मुंह उदास देख पड़े हैं। देश देश के व्योपारी तेरे विरुद्ध हथौड़ी बजा रहे हैं; तू भय का कारण हो गई है और फिर स्थिर न रह सकेगी।
- Isaiah 23:2–3 यशायाह 23:2–3हे समुद्र के तीर के रहनेवालों, जिनको समुद्र के पार जानेवाले सीदोनी व्यापारियों ने धन से भर दिया है, चुप रहो! शीहोर का अन्न, और नील नदी के पास की उपज महासागर के मार्ग से उसको मिनती थी, क्योंकि वह और जातियों के लिये व्योपार का स्थान था।
- Ezekiel 28:2–3 यहेजकेल 28:2–3हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है। तू दानिरयेल से अधिक बुद्धिमान तो है; कोई भेद तुझ से छिपा न होगा;
- Isaiah 23:11 यशायाह 23:11उस ने अपना हाथ समुद्र पर बढ़ाकर राज्यों को हिला दिया है; यहोवा ने कनान के दृढ़ किलों के नाश करने की आज्ञा दी है।
- Ezekiel 26:17 यहेजकेल 26:17और वे तेरे विषय में विलाप का गीत बनाकर तुझ से कहेंगे, हाय! मल्लाहों की बसाई हुई हाय! सराही हुई नगरी जो समुद्र के बीच निवासियों समेत सामथ रही और सब टिकनेवालों की डरानेवाली नगरी थी, तू कैसी नाश हुई है?
- Psalm 50:2 भजन संहिता 50:2सिरयोन से, जो परम सुन्दर है, परमेश्वर ने अपना तेज दिखाया है।
- Revelation 18:3 प्रकाशितवाक्य 18:3क्योंकि उसके व्यभिचार के भयानक मदिरा के कारण सब जातियां गिर गई हैं, और पृथ्वी के राजाओं ने उसके साथ व्यभिचार किया है; और पृथ्वी के व्यापारी उसके सुख- विलास की बहुतायत के कारण धनवान हुए हैं।
- Isaiah 23:8–9 यशायाह 23:8–9सोर जो राजाओं की गद्दी पर बैठाती थी, जिसके व्योपारी हाकिम थे, और जिसके महाजन पृथ्वी भर में प्रतिष्ठित थे, उसके विरूद्ध किस ने ऐसी युक्ति की है? सेनाओं के यहोवा ही ने ऐसी युक्ति की है कि समस्त गौरव के घमण्ड को तुच्छ कर दे और पृथ्वी के प्रतिष्ठितों का अपमान करवाए।
- Revelation 18:11–15 प्रकाशितवाक्य 18:11–15और पृथ्वी के व्यापारी उसके लिये रोएंगे और कलपेंगे क्योंकि अब कोई उन का माल मोल न लेगा। अर्थात् सोना, चान्दी, रत्न, मोती, और मलमल, और बैंजनी, और रेशमी, और किरमिजी कपड़े, और हर प्रकार का सुगन्धित काठ, और हाथीदांत की हर प्रकार की वस्तुएं, और बहुमोल काठ, और पीतल, और लोहे, और संगमरमर के सब भांति के पात्रा। और दारचीनी, मसाले, धूप, इत्रा, लोबान, मदिरा, तेल, मैदा, गेहूं, गाय, बैल, भेड़, बकरियां, घोड़े, रथ, और दास, और मनुष्य के प्राण। अब मेरे मन भावने फल तेरे पास से जाते रहे; और स्वादिष्ट और भड़कीली वस्तुएं तुझ से दूर हुई हैं, और वे फिर कदापि न मिलेंगी। इन वस्तुओं के व्यापारी जो उसके द्वारा धनवान हो गए थे, उस की पीड़ा के डर के मारे दूर खड़े होंगे, और रोते और कलपते हुए कहेंगे।
- Ezekiel 28:12–17 यहेजकेल 28:12–17हे मनुष्य के सन्तान, सोर के राजा के विषय में विलाप का गीत बनाकर उस से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू तो उत्तम से भी उत्तम है; तू बुद्धि से भरपूर और सर्वांग सुन्दर है। तू परमेश्वर की एदेन नाम बारी में था; तेरे पास आभूषण, माणिक, पद्मराग, हीरा, फीरोज़ा, सुलैमानी मणि, यशब, तीलमणि, मरकद, और लाल सब भांति के मणि और सोने के पहिरावे थे; तेरे डफ और बांसुलियां तुझी में बनाई गई थीं; जिस दिन तू सिरजा गया था; उस दिन वे भी तैयार की गई थीं। तू छानेवाला अभिषिक्त करूब था, मैं ने तुझे ऐसा ठहराया कि तू परमेश्वर के पवित्रा पर्वत पर रहता था; तू आग सरीखे चमकनेवाले मणियों के बीच चलता फिरता था। जिस दिन से तू सिरजा गया, और जिस दिन तक तुझ में कुटिलता न पाई गई, उस समय तक तू अपनी सारी चालचलन में निदष रहा। परन्तु लेन- देन की बहुतायत के कारण तू उपद्रव से भरकर पापी हो गया; इसी से मैं ने तुझे अपवित्रा जानकर परमेश्वर के पर्वत पर से उतारा, और हे छानेवाले करूब मैं ने तुझे आग सरीखे चमकनेवाले मण्यिों के बीच से नाश किया है। सुन्दरता के कारण तेरा मन फूल उठा था; और विभव के कारण तेरी बुद्धि बिगड़ गई थी। मैं ने तुझे भूमि पर पटक दिया; और राजाओं के साम्हने तुझे रखा कि वे तुझ को देखें।
Original words (Hebrew)
- say · H559אָמַר ʼâmar
- Tyrus · H6865צֹר Tsôr
- situate · H3427יָשַׁב yâshab
- entry · H3997מְבוֹאָה mᵉbôwʼâh
- sea · H3220יָם yâm
- merchant · H7402רָכַל râkal
- people · H5971עַם ʻam
- many · H7227רַב rab
- isles · H339אִי ʼîy
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- Tyrus · H6865צֹר Tsôr
- said · H559אָמַר ʼâmar
- perfect · H3632כָּלִיל kâlîyl
- beauty · H3308יֳפִי yŏphîy