Ezekiel · chapter 29 · verse 16
Ezekiel 29:16 in Hindi
और वह फिर इस्राएल के घराने के भरोसे का कारण न होगा, क्योंकि जब वे फिर उनकी ओर देखने लगें, तब वे उनके अधर्म को स्मरण करेंगे। और तब वे जान लेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा हूँ।
Aur vah phir israael ke gharaane ke bharose kaa kaaran na hogaa, kyonki jab ve phir unakee or dekhane lagem, tab ve unake adharm ko smaran karenge. Aur tab ve jaan lenge ki maim parameshvar yahovaa hoon.
Ezekiel 29:16 in English
- King James Version (KJV)
- And it shall be no more the confidence of the house of Israel, which bringeth [their] iniquity to remembrance, when they shall look after them: but they shall know that I [am] the Lord GOD.
- World English Bible (WEB)
- It will no longer be the confidence of the house of Israel, bringing iniquity to memory, when they turn to look after them. Then they will know that I am the Lord GOD.”’”
- American Standard Version (ASV)
- And it shall be no more the confidence of the house of Israel, bringing iniquity to remembrance, when they turn to look after them: and they shall know that I am the Lord Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And Egypt will no longer be the hope of the children of Israel, causing sin to come to mind when their eyes are turned to them: and they will be certain that I am the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And it shall be no more the confidence of the house of Israel, bringing iniquity to remembrance, when they turn after them: and they shall know that I [am] the Lord Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- And it shall be no more the confidence of the house of Israel, which bringeth [their] iniquity to remembrance, when they shall look after them: but they shall know that I [am] the Lord GOD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it is no more to the house of Israel for a confidence, Bringing iniquity to remembrance, By their turning after them, And they have known that I [am] the Lord Jehovah.'
Read in context
- 14और मैं मिस्रियों को बंधुआई से छुड़ाकर पत्रास देश में, जो उनकी जन्मभूमि है, फिर पहुंचाऊंगा; और वहां उनका छोटा सा राज्य हो जाएगा।
- 15वह सब राज्यों में से छोटा होगा, और फिर अपना सिर और जातियों के ऊपर न उठाएगा; क्योंकि मैं मिस्रियों को ऐसा घटाऊंगा कि वे अन्यजातियों पर फिर प्रभुता न करने पाएंगे।
- 16और वह फिर इस्राएल के घराने के भरोसे का कारण न होगा, क्योंकि जब वे फिर उनकी ओर देखने लगें, तब वे उनके अधर्म को स्मरण करेंगे। और तब वे जान लेंगे कि मैं परमेश्वर यहोवा हूँ।
- 17फिर सत्ताइसवें वर्ष के पहले महीने के पहिले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 18हे मनुष्य के सन्तान, बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने सोर के घेरने में अपनी सेना से बड़ा परिश्रम कराया; हर एक का सिर चन्दला हो गया, और हर एक के कन्धों का चमड़ा उड़ गया; तौभी उसको सोर से न तो इस बड़े परिश्रम की मज़दूरी कुछ मिली और न उसकी सेना को।
Cross references
- Isaiah 20:5 यशायाह 20:5तब वे कूश के कारण जिस पर उनकी आशा थी, और मि के हेतु जिस पर वे फूलते थे व्याकुल और लज्जित हो जाएंगे।
- Hosea 8:13 होशे 8:13वे मेरे लिये बलिदान तो करते हैं, और पशु बलि भी करते हैं, परन्तु उसका फल मांस ही है; वे आप ही उसे खाते हैं; परन्तु यहोवा उन से प्रसन्न नहीं होता। अब वह उनके अधर्म की सुधि लेकर उनके पाप का दण्ड देगा; वे मि में लौट जाएंगे।
- Ezekiel 29:6–7 यहेजकेल 29:6–7तब मिस्र के सारे निवासी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ। वे तो इस्राएल के घराने के लिये नरकट की टेक ठहरे थे। जब उन्होंने तुझ पर हाथ का बल दिया तब तू टूट गया और उनके पखौड़े उखड़ ही गए; और जब उन्होंने तुझ पर टेक लगाई, तब तू टूट गया, और उनकी कमर की सारी नसें चढ़ गई।
- Isaiah 30:1–6 यशायाह 30:1–6यहोवा की यह वाणी है, हाय उन बलवा करनेवाले लड़कों पर जो युक्ति तो करते परन्तु मेरी ओर से नहीं; वाचा तो बान्धते परन्तु मेरे आत्मा के सिखाये नहीं; और इस प्रकार पाप पर पाप बढ़ाते हैं। वे मुझ से बिन पूछे मि को जाते हैं कि फिरौन की रक्षा में रहे और मि की छाया में शरण लें। इसलिये फिरौन का शरणस्थान तुम्हारी लज्जा का, और मि की छाया में शरण लेना तुम्हारी निन्दा का कारण होगा। उसके हाकिम सोअन में आए तो हैं और उसके दूत अब हानेस में पहुंचे हैं। वे सब एक ऐसी जाति के कारण लज्जित होंगे जिस से उनका कुछ लाभ न होगा, जो सहायता और लाभ के बदले लज्जा और नामधराई का कारण होगी।। दक्खिन देश के पशुओं के विषय भारी वचन। वे अपनी धन सम्पति को जवान गदहों की पीठ पर, और अपने खजानों को ऊंटों के कूबड़ों पर लादे हुए, संकट और सकेती के देश में होकर, जहां सिंह और सिंहनी, नाग और उड़नेवाले तेज विषधर सर्प रहते हैं, उन लोगों के पास जा रहे हैं जिन से उनको लाभ न होगा।
- Psalm 25:7 भजन संहिता 25:7हे यहोवा अपनी भलाई के कारण मेरी जवानी के पापों और मेरे अपराधों को स्मरण न कर; अपनी करूणा ही के अनुसार तू मुझे स्मरण कर।।
- Lamentations 4:17 विलापगीत 4:17हमारी आंखें व्यर्थ ही सहायता की बाट जोहते जोहते रह गई हैं, हम लगातार एक ऐसी जाति की ओर ताकते रहे जो बचा नहीं सकी।
- Isaiah 64:9 यशायाह 64:9इसलिये हे यहोवा, अत्यन्त क्रोधित न हो, और अनन्तकाल तक हमारे अधर्म को स्मरण न रख। विचार करके देख, हम तेरी बिनती करते हैं, हम सब तेरी प्रजा हैं।
- Jeremiah 2:36–37 यिर्मयाह 2:36–37तू क्यों नया मार्ग पकड़ने के लिये इतनी डांवाडोल फिरती है? जैसे अश्शूरियों से तू लज्जित हुई वैसे ही मिस्रियों से भी होगी। वहां से भी तू सिर पर हाथ रखे हुए यों ही चली आएगी, क्योंकि जिन पर तू ने भरोसा रखा है उनको यहोवा ने निकम्मा ठहराया है, और उसके कारण तू सफल न होगी।
- Jeremiah 14:10 यिर्मयाह 14:10यहोवा ने इन लोगों के विषय यों कहा: इनको ऐसा भटकना अच्छा लगता है; ये कुकर्म में चलने से नहीं रूके; इसलिये यहोवा इन से प्रसन्न नहीं है, वह इनका अधर्म स्मरण करेगा और उनके पाप का दण्ड देगा।
- Ezekiel 21:23 यहेजकेल 21:23परन्तु लोग तो उस भावी कहने को मिथ्या समझेंगे; उन्हों ने जो उनकी शपथ खाई है; इस कारण वह उनके अधर्म का स्मरण कराकर उन्हें पकड़ लेगा।
- Ezekiel 28:26 यहेजकेल 28:26वे उस में निडर बसे रहेंगे; वे घर बनाकर और दाख की बारियां लगाकर निडर रहेंगे; तब मैं उनके चारों ओर के सब लोगों को दण्ड दूंगा जो उन से अभिमान का बर्ताव करते हैं, तब वे जान लेंगे कि उनका परमेश्वर यहोवा ही है।
- Ezekiel 29:21 यहेजकेल 29:21उसी समय मैं इस्राएल के घराने का एक सींग उगाऊंगा, और उनके बीच तेरा मुंह खोलूंगा। और वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।