Ezekiel · chapter 3 · verse 5
Ezekiel 3:5 in Hindi
ैक्यांकि तू किसी अनोखी बोली वा कठिन भाषावाली जाति के पास नहीं भेजा जाता है, परन्तु इस्राएल ही के घराने के पास भेजा जाता है।
ైkyaanki too kisee anokhee bolee vaa kathin bhaashaavaalee jaati ke paas naheem bhejaa jaataa hai, parantu israael hee ke gharaane ke paas bhejaa jaataa hai.
Ezekiel 3:5 in English
- King James Version (KJV)
- For thou [art] not sent to a people of a strange speech and of an hard language, [but] to the house of Israel;
- World English Bible (WEB)
- For you are not sent to a people of a strange speech and of a hard language, but to the house of Israel—
- American Standard Version (ASV)
- For thou art not sent to a people of a strange speech and of a hard language, but to the house of Israel;
- Bible in Basic English (BBE)
- For you are not sent to a people whose talk is strange and whose language is hard, but to the children of Israel;
- Darby Translation (DBY)
- For thou art not sent to a people of strange language, and of difficult speech, [but] to the house of Israel;
- Webster's Bible (WBS)
- For thou art not sent to a people of a strange speech and of a hard language, [but] to the house of Israel;
- Young's Literal Translation (YLT)
- For, not unto a people deep of lip and heavy of tongue [art] thou sent — unto the house of Israel;
Read in context
- 3तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, यह पुस्तक जो मैं तुझे देता हूँ उसे पचा ले, और अपनी अन्तड़ियां इस से भर ले। सो मैं ने उसे खा लिया; और मेरे मुंह में वह मधु के तुल्य मीठी लगी।
- 4फिर उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, तू इस्राएल के घराने के पास जाकर उनको मेरे वचन सुना।
- 5ैक्यांकि तू किसी अनोखी बोली वा कठिन भाषावाली जाति के पास नहीं भेजा जाता है, परन्तु इस्राएल ही के घराने के पास भेजा जाता है।
- 6अनोखी बोली वा कठिन भाषावाली बहुत सी जातियों के पास जो तेरी बात समझ न सकें, तू नहीं भेजा जाता। निेसन्देह यदि मैं तुझे ऐसों के पास भेजता तो वे तेरी सुनते।
- 7परन्तु इस्राएल के घरानेवाले तेरी सुनने से इनकार करेंगे; वे मेरी भी सुनने से इनकार करते हैं; क्योंकि इस्राएल का सारा घराना ढीठ और कठोर मन का है।
Cross references
- Jonah 1:2 योना 1:2उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरूद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में बढ़ गई है।
- Isaiah 33:19 यशायाह 33:19जिनकी कठिन भाषा तू नहीं समझता, और जिनकी लड़बड़ाती जीभ की बात तू नहीं बूझ सकता उन निर्दय लोगों को तू फिर न देखेगा।
- Jonah 3:2–4 योना 3:2–4उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूंगा, उसका उस में प्रचार कर। तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा लगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था। और योना ने नगर में प्रवेश करके एक दिन की यात्रा पूरी की, और यह प्रचार करता गया, अब से चालीस दिन के बीतने पर नीनवे उलट दिया जाएगा।
- Isaiah 28:11 यशायाह 28:11वह तो इन लोगों से परदेशी होंठों और विदेशी भाषावालों के द्वारा बातें करेगा;
- Psalm 81:5 भजन संहिता 81:5इसको उस ने यूसुफ में चितौनी की रीति पर उस समय चलाया, जब वह मिस्त्र देश के विरूद्ध चला।। वहां मैं ने एक अनजानी भाषा सुनी;
- Ezekiel 3:6 यहेजकेल 3:6अनोखी बोली वा कठिन भाषावाली बहुत सी जातियों के पास जो तेरी बात समझ न सकें, तू नहीं भेजा जाता। निेसन्देह यदि मैं तुझे ऐसों के पास भेजता तो वे तेरी सुनते।
- Acts 26:17–18 प्रेरितों के काम 26:17–18और मैं तुझे तेरे लोगों से और अन्यजातियों से बचाता रहूंगा, जिन के पास मैं अब तुझे इसलिये भेजता हूं। कि तू उन की आंखे खोले, कि वे अंधकार से ज्योति की ओर, और शैतान के अधिकार से परमेश्वर की ओर फिरें; कि पापों की क्षमा, और उन लोगों के साथ जो मुझ पर विश्वास करने से पवित्रा किए गए हैं, मीरास पाएं।