Ezekiel · chapter 32 · verse 15
Ezekiel 32:15 in Hindi
जब मैं मिस्र देश को उजाड़ कर दूंगा और जिस से वह भरपूर है, उस से छूछा कर दूंगा, और जब मैं उसके सब रहनेवालों को मारूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
Jab maim misr desh ko ujaad kar doongaa aur jis se vah bharapoor hai, us se chhoochhaa kar doongaa, aur jab maim usake sab rahanevaalom ko maaroongaa, tab ve jaan lenge ki maim yahovaa hoon.
Ezekiel 32:15 in English
- King James Version (KJV)
- When I shall make the land of Egypt desolate, and the country shall be destitute of that whereof it was full, when I shall smite all them that dwell therein, then shall they know that I [am] the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “When I make the land of Egypt desolate and waste, a land destitute of that of which it was full, when I strike all those who dwell therein, then they will know that I am the LORD.
- American Standard Version (ASV)
- When I shall make the land of Egypt desolate and waste, a land destitute of that whereof it was full, when I shall smite all them that dwell therein, then shall they know that I am Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- When I make Egypt an unpeopled waste, cutting off from the land all the things in it; when I send punishment on all those living in it, then it will be clear to them that I am the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- When I shall make the land of Egypt a desolation, and the country shall be left desolate of all that was in it, when I have smitten all them that dwell therein, then shall they know that I [am] Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- When I shall make the land of Egypt desolate, and the country shall be destitute of that of which it was full, when I shall smite all them that dwell in it, then shall they know that I [am] the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- In My making the land of Egypt a desolation, And desolated hath been the land of its fulness, In My smiting all the inhabitants in it, And they have known that I [am] Jehovah.
Read in context
- 13मैं उसके सब पशुओं को उसके बहुतेरे जलाशयों के तीर पर से नाश करूंगा; और भविष्य में वे न तो मनुष्य के पांव से और न पशुओं के खुरों से गंदले किए जाएंगे।
- 14तब मैं उनका जल निर्मल कर दूंगा, और उनकी नदियां तेल की नाई बहेंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- 15जब मैं मिस्र देश को उजाड़ कर दूंगा और जिस से वह भरपूर है, उस से छूछा कर दूंगा, और जब मैं उसके सब रहनेवालों को मारूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- 16लोगों के विलाप करने के लिये विलाप का गीत यही है; जाति- जाति की स्त्रियां इसे गाएंगी; मिस्र और उसकी सारी भीड़ के विषय वे यही विलापगीत गाएंगी, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- 17फिर बारहवें वर्ष के पहिले महीने के पन्द्रहवें दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
Cross references
- Exodus 7:5 निर्गमन 7:5और जब मैं मि पर हाथ बढ़ा कर इस्राएलियों को उनके बीच से निकालूंगा तब मिद्दी जान लेंगे, कि मैं यहोवा हूं।
- Ezekiel 6:7 यहेजकेल 6:7और तुम्हारे बीच मारे हुए गिरेंगे, और तुम जान लोगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Exodus 14:4 निर्गमन 14:4तब मैं फिरौन के मन को कठोर कर दूंगा, और वह उनका पीछा करेगा, तब फिरौन और उसकी सारी सेना के द्वारा मेरी महिमा होगी; और मिद्दी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं। और उन्हों ने वैसा ही किया।
- Exodus 14:18 निर्गमन 14:18और जब फिरौन, और उसके रथों, और सवारों के द्वारा मेरी महिमा होगी, तब मिद्दी जान लेंगे कि मैं यहोवा हूं।
- Psalm 9:16 भजन संहिता 9:16यहोवा ने अपने को प्रगट किया, उस ने न्याय किया है; दुष्ट अपने किए हुए कामों में फंस जाता है।
- Psalm 83:17–18 भजन संहिता 83:17–18ये सदा के लिये लज्जित और घबराए रहें इनके मुंह काले हों, और इनका नाश हो जाए, जिस से यह जानें कि केवल तू जिसका नाम यहोवा है, सारी पृथ्वी के ऊपर परमप्रधान है।।
- Ezekiel 30:26 यहेजकेल 30:26और मैं मिस्रियों को जाति जाति में तितर- बितर करूंगा और देश देश में छितरा दूंगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Ezekiel 29:12 यहेजकेल 29:12चालीस वर्ष तक मैं मिस्र देश को उजड़े हुए देशों के बीच उजाड़ कर रखूंगा; और उसके नगर उजड़े हुए नगरों के बीच खण्डहर ही रहेंगे। मैं मिस्रियों को जाति जाति में छिन्न-भिन्न कर दूंगा, और देश देश में तितर-बितर कर दूंगा।
- Ezekiel 29:19–20 यहेजकेल 29:19–20इस कारण परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, देख, मैं बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर को मिस्र देश दूंगा; और वह उसकी भीड़ को ले जाएगा, और उसकी धन सम्पत्ति को लूटकर अपना कर लेगा; सो यही मजदूरी उसकी सेना को मिलेगी। मैं ने उसके परिश्रम के बदले में उसको मिस्र देश इस कारण दिया है कि उन लोगों ने मेरे लिये काम किया था, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी हे।
- Psalm 24:1 भजन संहिता 24:1पृथ्वी और जो कुछ उस में है यहोवा ही का है; जगत और उस में निवास करनेवाले भी।
- Psalm 107:33–34 भजन संहिता 107:33–34वह नदियों को जंगल बना डालता है, और जल के सोतों को सूखी भूमि कर देता है। वह फलवन्त भूमि को नोनी करता है, यह वहां के रहनेवालों की दुष्टता के कारण होता है।