Ezekiel · chapter 33 · verse 21
Ezekiel 33:21 in Hindi
फिर हमारी बंधुआई के ग्यारहवें वर्ष के दसवें महीने के पांचवें दिन को, एक व्यक्ति जो यरूशलेम से भाग कर बच गया था, वह मेरे पास आकर कहने लगा, नगर ले लिया गया।
Phir hamaaree bandhuaaee ke gyaarahavem varsh ke dasavem maheene ke paanchavem din ko, ek vyakti jo yarooshalem se bhaag kar bach gayaa thaa, vah mere paas aakar kahane lagaa, nagar le liyaa gayaa.
Ezekiel 33:21 in English
- King James Version (KJV)
- And it came to pass in the twelfth year of our captivity, in the tenth [month], in the fifth [day] of the month, [that] one that had escaped out of Jerusalem came unto me, saying, The city is smitten.
- World English Bible (WEB)
- In the twelfth year of our captivity, in the tenth month, in the fifth day of the month, one who had escaped out of Jerusalem came to me, saying, “The city has been defeated!”
- American Standard Version (ASV)
- And it came to pass in the twelfth year of our captivity, in the tenth [month], in the fifth [day] of the month, that one that had escaped out of Jerusalem came unto me, saying, The city is smitten.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now in the twelfth year after we had been taken away prisoners, in the tenth month, on the fifth day of the month, one who had got away in flight from Jerusalem came to me, saying, The town has been taken.
- Darby Translation (DBY)
- And it came to pass in the twelfth year of our captivity, in the tenth [month], on the fifth of the month, that one who had escaped out of Jerusalem came unto me, saying, The city is smitten!
- Webster's Bible (WBS)
- And it came to pass in the twelfth year of our captivity, in the tenth [month] , in the fifth [day] of the month, [that] one that had escaped out of Jerusalem came to me, saying, The city is smitten.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it cometh to pass, in the twelfth year — in the tenth [month], in the fifth of the month — of our removal, come in unto me doth one who is escaped from Jerusalem, saying, 'The city hath been smitten.'
Read in context
- 19और जब दुष्ट अपनी दुष्टता से फिर कर न्याय और धर्म के काम करने लगे, तब वह उनके कारण जीवित रहेगा।
- 20तौभी तुम कहते हो कि प्रभु की चाल ठीक नहीं? हे इस्राएल के घराने, मैं हर एक व्यक्ति का न्याय उसकी चाल ही के अनुसार करूंगा।
- 21फिर हमारी बंधुआई के ग्यारहवें वर्ष के दसवें महीने के पांचवें दिन को, एक व्यक्ति जो यरूशलेम से भाग कर बच गया था, वह मेरे पास आकर कहने लगा, नगर ले लिया गया।
- 22उस भागे हुए के आने से पहिले सांझ को यहोवा की शक्ति मुझ पर हुई थी; और भोर तक अर्थात उस मनुष्य के आने तक उसने मेरा मुंह खोल दिया; यों मेरा मुह खुला ही रहा, और मैं फिर गूंगा न रहा।
- 23तब यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
Cross references
- Ezekiel 1:2 यहेजकेल 1:2यहोयाकीम राजा की बंधुआई के पांचवें वर्ष के चौथे महीने के पांचवें दिन को, कसदियों के देश में कबार नदी के तीर पर,
- Ezekiel 40:1 यहेजकेल 40:1हमारी बंधुआई के पच्चीसवें वर्ष अर्थात् यरूशलेम नगर के ले लिए जाने के बाद चौदहवें वर्ष के पहिले महीने के दसवें दिन को, यहोवा की शक्ति मुझ पर हुई, और उस ने मुझे वहां पहुंचाया।
- 2 Chronicles 36:17–21 2 इतिहास 36:17–21तब उस ने उन पर कसदियों के राजा से चढ़ाई करवाई, और इस ने उनके जवानों को उनके पवित्रा भवन ही में तलवार से मार डाला। और क्या जवान, क्या कुंवारी, क्या बूढ़े, क्या पक्के बालवाले, किसी पर भी कोमलता न की; यहोवा ने सभों को उसके हाथ में कर दिया। और क्या छोटे, क्या बड़े, परमेश्वर के भवन के सब पात्रा और यहोवा के भवन, और राजा, और उसके हाकिमों के खजाने, इन सभों को वह बाबेल में ले गया। और कसदियो ने परमेश्वर का भवन फूंक दिया, और यरूशलेम की शहरपनाह को तोड़ ड़ाला, और आग लगा कर उसके सब भवनों को जलाया, और उस में का सारा बहुमूल्य सामान नष्ट कर दिया। और जो तलवार से बच गए, उन्हें वह बाबेल को ले गया, और फारस के राज्य के प्रबल होने तक वे उसके और उसके बेटों- पोतों के आधीन रहे। यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।
- 2 Kings 24:4–7 2 राजा 24:4–7और निदषों के उस खून के कारण जो उस ने किया था; क्योंकि उस ने यरूशलेम को निदषों के खून से भर दिया था, जिसको यहोवा ने क्षमा करना न चाहा। यहोयाकीम के और सब काम जो उस ने किए, वह क्या यहूदा के राजाओं के इतिहास की पुस्तक में नहीं लिखे हैं? निदान यहोयाकीम अपने पुरखाओं के संग सो गया और उसका पुत्रा यहोयाकीन उसके स्थान पर राजा हुआ। और मिस्र का राजा अपने देश से बाहर फिर कभी न आया, क्योंकि बाबेल के राजा ने मिस्र के नाले से लेकर परात महानद तक जितना देश मिस्र के राजा का था, सब को अपने वश में कर लिया था।
- Ezekiel 32:1 यहेजकेल 32:1बारहवें वर्ष के बारहवें महीने के पहिले दिन को यहोवा का यह वचन मेरे पास पहुंचा,
- 2 Kings 25:4 2 राजा 25:4तब नगर की शहरपनाह में दरार की गई, और दोनों भीतों के बीच जो फाटक राजा की बारी के निकट था उस मार्ग से सब योठ्ठा रात ही रात निकल भागे। कसदी तो नगर को घेरे हुए थे, परन्तु राजा ने अराबा का मार्ग लिया।
- 2 Kings 25:10 2 राजा 25:10और यरूशलेम के चारों ओर की सब शहरपनाह को कसदियो की पूरी सेना ने जो जल्लादों के प्रधान के संग थी ढा दिया।
- Ezekiel 24:26–27 यहेजकेल 24:26–27उसी दिन जो भागकर बचेगा, वह तेरे पास आकर तुझे समाचार सुनाएगा। उसी दिन तेरा मुंह खुलेगा, और तू फिर चुप न रहेगा परन्तु उस बचे हुए के साथ बातें करेगा। सो तू इन लोगों के लिये चिन्ह ठहरेगा; और ये जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Jeremiah 52:4–14 यिर्मयाह 52:4–14और उसके राजय के नौवें वर्ष के दसवें महीने के दसवें दिन को बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी सारी सेना लेकर यरूशलेम पर चढ़ाई की, और उस ने उसके पास छावनी करके उसके चारों ओर क़िला बनाया। यों नगर घेरा गया, और सिदकिरयाह राजा के ग्यारहवें वर्ष तक घिरा रहा। चौथे महीने के नौवें दिन से नगर में महंगी यहां तक बढ़ गई, कि लोगों के लिये कुछ रोटी न रही। तब नगर की शहरपनाह में दरार की गई, और दोनों भीतों के बीच जो फाटक राजा की बारी के निकट था, उस से सब योद्वा भागकर रात ही रात नगर से निकल गए, और अराबा का मार्ग लिया। (उस समय कसदी लोग नगर को घेरे हुए थे)। परन्तु उनकी सेना ने राजा का पीछा किया, और उसको यरीहो के पास के अराबा में जा पकड़ा; तब उसकी सारी सेना उसके पास से तितर- बितर हो गई। सो वे राजा को पकड़कर हमात देश के रिबला में बाबुल के राजा के पास ले गए, और वहां उस ने उसके दण्ड की आज्ञा दी। बाबुल के राजा ने सिदकिरयाह के पुत्रों को उसके साम्हने घात किया, और यहूदा के सारे हाकिमों को भी रिबला में घात किया। फिर बाबुल के राजा ने सिदकिरयाह की आंखों को फुड़वा डाला, और उसको बेड़ियों से जकड़कर बाबुल तक ले गया, और उसको बन्दीगृह में डाल दिया। सो वह मृत्यु के दिन तक वहीं रहा। फिर उसी वर्ष अर्थात् बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के राज्य के उन्नीसवें वर्ष के पांचवें महीने के दसवें दिन को जल्लादों का प्रधान नबूजरदान जो बाबुल के राजा के सम्मुख खड़ा रहता था यरूशलेम में आया। और उस ने यहोवा के भवन और राजभवन और यरूशलेम के सब बड़े बड़े घरों को आग लगवाकर फुंकवा दिया। और कसदियों की सारी सेना ने जो जल्लादों के प्रधान के संग थी, यरूशलेम के चारों ओर की सब शहरपनाह को ढा दिश।
- Jeremiah 39:1–8 यिर्मयाह 39:1–8यहूदा के राजा सिदकिरसाह के राज्य के नौवें वर्ष के दसवें महीने में, बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर ने अपनी सारी सेना समेत यरूशलेम पर चढ़ाई करके उसे घेर लिया। और सिदकिरयाह के राज्य के ग्यारहवें वर्ष के चौथे महीने के नौवें दिन को उस नगर की शहरपनाह तोड़ी गई। सो जब यरूशलेम ले लिया गया, तब नेर्गलसरेसेर, और समगर्नबो, और खेजों का प्रधान सर्सकीम, और मगों का प्रधान नेर्गलसरेसेर आदि, बाबुल के राजा के सब हाकिम बीच के फाटक में प्रवेश करके बैठ गए। जब यहूदा के राजा सिदकिरयाह और सब योद्वाओं ने उन्हें देखा तब रात ही रात राजा की बारी के मार्ग से दोनों भीतों के बीच के फाटक से होकर नगर से निकलकर भाग चले और अराबा का मार्ग लिया। परन्तु कसदियों की सेना ने उनको खदेड़कर सिदकिरयाह को यरीहो के अराबा में जा लिया और उनको बाबुल के राजा नबूकदनेस्सर के पास हमात देश के रिबला में ले गए; और उस ने वहां उसके दण्ड की आज्ञा दी। तब बाबुल के राजा ने सिदकिरयाह के पुत्रों को उसकी आंखों के साम्हने रिबला में घात किया; और सब कुलीन यहूदियों को भी घात किया। उस ने सिदकिरयाह की आंखों को फुड़वा डाला और उसको बाबुल ले जाने के लिये बेड़ियों से जकड़वा रखा। कसदियों ने राजभवन और प्रजा के घरों को आग लगाकर फूंक दिया, ओर यरूशलेम की शहरपनाह को ढा दिया।
Original words (Hebrew)
- twelfth · H8147שְׁנַיִם shᵉnayim
- year · H8141שָׁנֶה shâneh
- captivity · H1546גָּלוּת gâlûwth
- tenth · H6224עֲשִׂירִי ʻăsîyrîy
- fifth · H2568חָמֵשׁ châmêsh
- month · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- escaped · H6412פָּלִיט pâlîyṭ
- Jerusalem · H3389יְרוּשָׁלַ͏ִם Yᵉrûwshâlaim
- came · H935בּוֹא bôwʼ
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- city · H5892עִיר ʻîyr
- smitten · H5221נָכָה nâkâh