Ezekiel · chapter 33 · verse 30
Ezekiel 33:30 in Hindi
और हे मनुष्य के सन्तान, तेरे लोग भीतों के पास और घरों के द्वारों में तेरे विषय में बातें करते और एक दूसरे से कहते हैं, आओ, सुनो, कि यहोवा की ओर से कौन सा वचन निकलता है।
Aur he manushy ke santaan, tere log bheetom ke paas aur gharom ke dvaarom mem tere vishay mem baatem karate aur ek doosare se kahate haim, aao, suno, ki yahovaa kee or se kaun saa vachan nikalataa hai.
Ezekiel 33:30 in English
- King James Version (KJV)
- Also, thou son of man, the children of thy people still are talking against thee by the walls and in the doors of the houses, and speak one to another, every one to his brother, saying, Come, I pray you, and hear what is the word that cometh forth from the LORD.
- World English Bible (WEB)
- “As for you, son of man, the children of your people talk about you by the walls and in the doors of the houses, and speak to one another, everyone to his brother, saying, ‘Please come and hear what the word is that comes out from the LORD.’
- American Standard Version (ASV)
- And as for thee, son of man, the children of thy people talk of thee by the walls and in the doors of the houses, and speak one to another, every one to his brother, saying, Come, I pray you, and hear what is the word that cometh forth from Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- And as for you, son of man, the children of your people are talking together about you by the walls and in the doorways of the houses, saying to one another, Come now, give ear to the word which comes from the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- And as for thee, son of man, the children of thy people keep talking of thee by the walls and in the doors of the houses, and speak one to another, every one to his brother, saying, Come, I pray you, and hear what is the word that cometh forth from Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Also, thou son of man, the children of thy people still are talking against thee by the walls and in the doors of the houses, and speak one to another, every one to his brother, saying, Come, I pray you, and hear what is the word that cometh forth from the LORD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou, son of man, the sons of thy people who are speaking about thee, By the walls, and in openings of the houses, Have spoken one with another, each with his brother, Saying: Come in, I pray you, And hear what [is] the word that cometh out from Jehovah.
Read in context
- 28और मैं उस देश को उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा; और उसके बल का घमण्ड जाता रहेगा; और इस्राएल के पहाड़ ऐसे उजड़ेंगे कि उन पर हो कर कोई न चलेगा।
- 29सो जब मैं उन लोगों के किए हुए सब घिनौने कामों के कारण उस देश को उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- 30और हे मनुष्य के सन्तान, तेरे लोग भीतों के पास और घरों के द्वारों में तेरे विषय में बातें करते और एक दूसरे से कहते हैं, आओ, सुनो, कि यहोवा की ओर से कौन सा वचन निकलता है।
- 31वे प्रजा की नाईं तेरे पास आते और मेरी प्रजा बन कर तेरे साम्हने बैठ कर तेरे वचन सुनते हैं, परन्तु वे उन पर चलते नहीं; मुंह से तो वे बहुत प्रेम दिखाते हैं, परन्तु उनका मन लालच ही में लगा रहता है।
- 32और तू उनकी दृष्टि में प्रेम के मधुर गीत गाने वाले और अच्छे बजाने वाले का सा ठहरा है, क्योंकि वे तेरे वचन सुनते तो है, परन्तु उन पर चलते नहीं।
Cross references
- Isaiah 29:13 यशायाह 29:13और प्रभु ने कहा, ये लोग जो मुंह से मेरा आदर करते हुए समीप आते परन्तु अपना मन मुझ से दूर रखते हैं, और जो केवल मनुष्यों की आज्ञा सुन सुनकर मेरा भय मानते हैं।
- Matthew 15:8 मत्ती 15:8कि ये लोग होठों से तो मेरा आदर करते हैं, पर उन का मन मुझ से दूर रहता है।
- Matthew 22:16–17 मत्ती 22:16–17सो उन्हों ने अपने चेलों को हेरोदियों के साथ उसके पास यह कहने को भेजा, कि हे गुरू; हम जानते हैं, कि तू सच्चा है; और परमेश्वर का मार्ग सच्चाई से सिखाता है; और किसी की परवा नहीं करता, क्योंकि तू मनुष्यों का मुंह देखकर बातें नही करता। इस लिये हमें बता तू क्या समझता है? कैसर को कर देना उचित है, कि नहीं।
- Isaiah 58:2 यशायाह 58:2वे प्रति दिन मेरे पास आते और मेरी गति बूझने की इच्छा ऐसी रखते हैं मानो वे धर्मी लोगे हैं जिन्हों ने अपने परमेश्वर के नियमों को नहीं टाला; वे मुझ से धर्म के नियम पूछते और परमेश्वर के निकट आने से प्रसन्न होते हैं।
- Jeremiah 23:35 यिर्मयाह 23:35तुम लोग एक दूसरे से और अपने अपने भाई से यों पुछना, यहोवा ने क्या उत्तर दिया?
- Jeremiah 18:18 यिर्मयाह 18:18तब वे कहने लगे, चलो, यिर्मयाह के विरूद्ध युक्ति करें, क्योंकि न याजक से व्यवस्था, न ज्ञानी से सम्मति, न भविष्यद्वक्ता से वचन दूर होंगे। आओ, हम उसकी कोई बात पकड़कर उसको नाश कराएं और फिर उसकी किसी बात पर ध्यान न दें।
- Jeremiah 42:1–6 यिर्मयाह 42:1–6तब कारेह का पुत्रा योहानान, होशयाह का पुत्रा याजन्याह, दलों के सब प्रधान और छोटे से लेकर बड़े तक, सब लोग यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता के निकट आकर कहने लगे, हमारी बिनती ग्रहण करके अपने परमेश्वर यहोवा से हम सब बचे हुओं के लिये प्रार्थना कर, क्योंकि तू अपनी आंखों से देख रहा है कि हम जो पहले बहुत थे, अब थोड़े ही बच गए हैं। इसलिये प्रार्थना कर कि तेरा परमेश्वर यहोवा हम को बताए कि हम किस मार्ग से चलें, और कौन सा काम करें? सो यिर्मयाह भविष्यद्वक्ता ने उन से कहा, मैं ने तुम्हारी सुनी है; देखो, मैं तुम्हारे वचनों के अनुसार तुम्हारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करूंगा ओर जो उत्तर यहोवा तुम्हारे लिये देगा मैं तुम को बताऊंगा; मैं तुम से कोई बात न छिपाऊंगा। तब उन्हों ने यिर्मयाह से कहा, यदि तेरा परमेश्वर यहोवा तेरे द्वारा हमारे पास कोई वचन पहुंचाए और हम उसके अनुसार न करें, तो यहोवा हमारे बीच में सच्चा और विश्वासयोग्य साक्षी ठहरे। चाहे वह भली बात हो, चाहे बुरी, तौभी हम अपने परमेश्वर यहोवा की आज्ञा, जिसके पास हम तुझे भेजते हैं, मानेंगे, क्योंकि जब हम अपने परमेश्वर यहोवा की बात मानें तब हमारा भला हो।
- Jeremiah 42:20 यिर्मयाह 42:20क्योंकि जब तुम ने मुझ को यह कहकर अपने परमेश्वर यहोवा के पास भेज दिया कि हमारे निमित्त हमारे परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना कर और जो कुछ हमारा परमेश्वर यहोवा कहे उससी के अनुसार हम को बता और हम वैसा ही करेंगे, तब तुम जान बूझके अपने ही को धोखा देते थे।
- Jeremiah 11:18–19 यिर्मयाह 11:18–19यहोवा ने मुझे बताया और यह बात मुझे मालूम हो गई; क्योंकि यहोवा ही ने उनकी युक्तियां मुझ पर प्रगट कीं। मैं तो वध होनेवाले भेड़ के बच्चे के समान अनजान था। मैं न जानता था कि वे लोग मेरी हानि की युक्तियां यह कहकर करते हैं, आओ, हम फल समेत इस वृक्ष को उखाड़ दें, और जीवितों के बीच में से काट डालें, तब इसका नाम तक फिर स्मरण न रहे।
Original words (Hebrew)
- son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- children · H1121בֵּן bên
- people · H5971עַם ʻam
- talking · H1696דָבַר dâbar
- against · H681אֵצֶל ʼêtsel
- walls · H7023קִיר qîyr
- doors · H6607פֶּתַח pethach
- houses · H1004בַּיִת bayith
- speak · H1696דָבַר dâbar
- one · H2297חַד chad
- another · H259אֶחָד ʼechâd
- one · H376אִישׁ ʼîysh
- brother · H251אָח ʼâch
- saying · H559אָמַר ʼâmar
- Come · H935בּוֹא bôwʼ
- hear · H8085שָׁמַע shâmaʻ
- word · H1697דָּבָר dâbâr
- forth · H3318יָצָא yâtsâʼ