Ezekiel · chapter 33 · verse 28
Ezekiel 33:28 in Hindi
और मैं उस देश को उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा; और उसके बल का घमण्ड जाता रहेगा; और इस्राएल के पहाड़ ऐसे उजड़ेंगे कि उन पर हो कर कोई न चलेगा।
Aur maim us desh ko ujaad hee ujaad kar doongaa; aur usake bal kaa ghamand jaataa rahegaa; aur israael ke pahaad aise ujadenge ki un par ho kar koee na chalegaa.
Ezekiel 33:28 in English
- King James Version (KJV)
- For I will lay the land most desolate, and the pomp of her strength shall cease; and the mountains of Israel shall be desolate, that none shall pass through.
- World English Bible (WEB)
- I will make the land a desolation and an astonishment. The pride of her power will cease. The mountains of Israel will be desolate, so that no one will pass through.
- American Standard Version (ASV)
- And I will make the land a desolation and an astonishment; and the pride of her power shall cease; and the mountains of Israel shall be desolate, so that none shall pass through.
- Bible in Basic English (BBE)
- And I will make the land a waste and a cause of wonder, and the pride of her strength will come to an end; and the mountains of Israel will be made waste so that no one will go through.
- Darby Translation (DBY)
- And I will make the land a desolation and an astonishment, and the pride of her strength shall cease; and the mountains of Israel shall be desolated, so that none shall pass through.
- Webster's Bible (WBS)
- For I will lay the land most desolate, and the pomp of her strength shall cease; and the mountains of Israel shall be desolate, that none shall pass through.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And I have made the land a desolation and an astonishment, And ceased hath the excellency of its strength, And desolated have been mountains of Israel, Without any one passing through.
Read in context
- 26तुम अपनी अपनी तलवार पर भरोसा करते और घिनौने काम करते, और अपने अपने पड़ोसी की स्त्री को अशुद्ध करते हो; फिर क्या तुम उस देश के अधिकारी रहने पाओगे?
- 27तू उन से यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, मेरे जीवन की सौगन्ध, नि:सन्देह जो लोग खण्डहरों में रहते हैं, वे तलवार से गिरेंगे, और जो खुले मैदान में रहता है, उसे मैं जीवजन्तुओं का आहार कर दूंगा, और जो गढ़ों और गुफाओं में रहते हैं, वे मरी से मरेंगे।
- 28और मैं उस देश को उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा; और उसके बल का घमण्ड जाता रहेगा; और इस्राएल के पहाड़ ऐसे उजड़ेंगे कि उन पर हो कर कोई न चलेगा।
- 29सो जब मैं उन लोगों के किए हुए सब घिनौने कामों के कारण उस देश को उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा, तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- 30और हे मनुष्य के सन्तान, तेरे लोग भीतों के पास और घरों के द्वारों में तेरे विषय में बातें करते और एक दूसरे से कहते हैं, आओ, सुनो, कि यहोवा की ओर से कौन सा वचन निकलता है।
Cross references
- Ezekiel 7:24 यहेजकेल 7:24मैं अन्यजातियों के बुरे से बुरे लोगों को लाऊंगा, जो उनके घरों के स्वामी हो जाएंगे; और मैं सामर्थियों का गर्व तोड़ दूंगा और उनके पवित्रास्थान अपवित्रा किए जाएंगे।
- Ezekiel 24:21 यहेजकेल 24:21तू इस्राएल के घराने से कह, प्रभु यहोवा यों कहता है, देखो, मैं अपने पवित्रास्थान को जिसके गढ़ होने पर तुम फूलते हो, और जो तम्हारी आंखों का चाहा हुआ है, और जिसको तुम्हारा मन चाहता है, उसे मैं अपवित्रा करने पर हूं; और अपने जिन बेटे- बेटियों को तुम वहां छोड़ आए हो, वे तलवार से मारे जाएंगे।
- Jeremiah 44:2 यिर्मयाह 44:2इस्राएल का परमेश्वर, सेनाओं का यहोवा यों कहता है कि जो विपत्ति मैं यरूशलेम और यहूदा के सब नगरों पर डाल चुका हूँ, वह सब तुम लोगों ने देखी है। देखो, वे आज के दिन कैसे उजड़े हुए और निर्जन हैं,
- Ezekiel 6:14 यहेजकेल 6:14मैं अपना हाथ उनके विरूद्ध बढ़ाकर उस देश को सारे घरों समेत जंगल से ले दिबला की ओर तक उजाड़ ही उजाड़ कर दूंगा। तब वे जान लेंगे कि मैं यहोवा हूँ।
- Jeremiah 44:22 यिर्मयाह 44:22क्या उस ने उसको स्मरण न किया? सो जब यहोवा तुम्हारे बुरे और सब घृणित कामों को और अधिक न सह सका, तब तुम्हारा देश उजड़कर निर्जन और सुनसान हो गया, यहां तक कि लोग उसकी उपमा देकर शाप दिया करते हैं, जैसे कि आज होता है।
- Micah 7:13 मीका 7:13तौभी यह देश अपने रहनेवालों के कामों के कारण उजाड़ ही रहेगा।।
- Jeremiah 44:6 यिर्मयाह 44:6इस कारण मेरी जलजलाहट और कोप की आग यहूदा के नगरों और यरूशलेम की सड़कों पर भड़क गई; और वे आज के दिन तक उजाड़ और सुनसान पड़े हैं।
- Jeremiah 16:16 यिर्मयाह 16:16देखो, यहोवा की यह वाणी है कि मै बहुत से मछुओं को बुलवा भेजूंगा कि वे इन लोगों को पकड़ लें, और, फिर मैं बहुत से बहेलियों को बुलवा भेजूंगा कि वे इनको अहेर करके सब पहाड़ों और पहाड़ियों पर से और चट्टानों की दरारों में से निकालें।
- Jeremiah 9:11 यिर्मयाह 9:11मैं यरूशलेम को डीह ही डीह करके गीदड़ों का स्थान बनाऊंगा; और यहूदा के नगरों को ऐसा उजाड़ दूंगा कि उन में कोई न बसेगा।
- Ezekiel 6:2–6 यहेजकेल 6:2–6हे मतुष्य के सन्तान अपना मुख इस्राएल के पहाड़ों की ओर करके उनके विरूद्ध भविष्यद्वाणी कर, और कह, हे इस्राएल के पहाड़ो, प्रभु यहोवा का वचन सुनो! प्रभु यहोवा पहाड़ों और पहाड़ियों से, और नालों और तराइयों से यों कहता है, देखो, मैं तुम पर तलवार चलवाऊंगा, और तुम्हारे पूजा के ऊंचे स्थानों को नाश करूंगा। तुम्हारी वेदियां उजड़ेंगी और तुम्हारी सूर्य की प्रतिमाएं तोड़ी जाएंगी; और मैं तुम में से मारे हुओं को तुम्हारी मूरतों के आगे फेंक दूंगा। मैं इस्राएलियों की लोथों को उनकी मूरतों के साम्हने रखूंगा, और उनकी हडि्डयों को तुम्हारी वेदियों के आस पास छितरा दूंगां तुम्हारे जितने बसाए हुए नगर हैं, वे सब ऐसे उजड़ जाएंगे, कि तुम्हारे पूजा के ऊंचे स्थान भी उजाड़ हो जाएंगे, तुम्हारी वेदियां उजड़ेंगी और ढाई जाएंगी, तुम्हारी मूरतें जाती रहेंगी और तुम्हारी सूर्य की प्रतिमाएं काटी जाएंगी; और तुम्हारी सारी कारीगरी मिटाई जाएगी।
- Isaiah 6:11 यशायाह 6:11तब मैं ने पूछा, हे प्रभु कब तक? उस ने कहा, जब तक नगर न उजड़े और उन में कोई रह न जाए, और घरों में कोई मनुष्य न रह जाए, और देश उजाड़ और सुनसान हो जाए,
- 2 Chronicles 36:21 2 इतिहास 36:21यह सब इसलिये हुआ कि यहोवा का जो वचन यिर्मयाह के मुंह से निकला था, वह पूरा हो, कि देश अपने विश्राम कालों में मुख भोगता रहे। इसलिये जब तक वह सूना पड़ा रहा तब तक अर्थात् सत्तर वर्ष के पूरे होने तक उसको विश्राम मिला।