Ezekiel · chapter 40 · verse 2
Ezekiel 40:2 in Hindi
अपने दर्शनों में परमेश्वर ने मुझे इस्राएल के देश में पहुंचाया और वहां एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर खड़ा किया, जिस पर दक्खिन ओर मानो किसी नगर का आकार था।
Apane darshanom mem parameshvar ne mujhe israael ke desh mem pahunchaayaa aur vahaam ek bahut oonche pahaad par khadaa kiyaa, jis par dakkhin or maano kisee nagar kaa aakaar thaa.
Ezekiel 40:2 in English
- King James Version (KJV)
- In the visions of God brought he me into the land of Israel, and set me upon a very high mountain, by which [was] as the frame of a city on the south.
- World English Bible (WEB)
- In the visions of God he brought me into the land of Israel, and set me down on a very high mountain, on which was something like the frame of a city to the south.
- American Standard Version (ASV)
- In the visions of God brought he me into the land of Israel, and set me down upon a very high mountain, whereon was as it were the frame of a city on the south.
- Bible in Basic English (BBE)
- In the visions of God he took me into the land of Israel, and put me down on a very high mountain, on which there was, as it seemed, a building like a town opposite me.
- Darby Translation (DBY)
- In the visions of God brought he me into the land of Israel, and set me upon a very high mountain; and upon it was as the building of a city, on the south.
- Webster's Bible (WBS)
- In the visions of God he brought me into the land of Israel, and set me upon a very high mountain, by which [was] as the frame of a city on the south.
- Young's Literal Translation (YLT)
- in visions of God He hath brought me in unto the land of Israel, and causeth me to rest on a very high mountain, and upon it [is] as the frame of a city on the south.
Read in context
- 1हमारी बंधुआई के पच्चीसवें वर्ष अर्थात् यरूशलेम नगर के ले लिए जाने के बाद चौदहवें वर्ष के पहिले महीने के दसवें दिन को, यहोवा की शक्ति मुझ पर हुई, और उस ने मुझे वहां पहुंचाया।
- 2अपने दर्शनों में परमेश्वर ने मुझे इस्राएल के देश में पहुंचाया और वहां एक बहुत ऊंचे पहाड़ पर खड़ा किया, जिस पर दक्खिन ओर मानो किसी नगर का आकार था।
- 3जब वह मुझे वहां ले गया, तो मैं ने क्या देखा कि पीतल का रूप घरे हुए और हाथ में सन का फीता और मापने का बांस लिए हुए एक पुरूष फाटक में खड़ा है।
- 4उस पुरूष ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, अपनी आंखों से देख, और अपने कानों से सुन; और जो कुछ मैं तुझे दिखाऊंगा उस सब पर ध्यान दे, क्योंकि तू इसलिये यहां पहुंचाया गया है कि मैं तुझे ये बातें दिखाऊं; और जो कुछ तू देखे वह इस्राएल के घराने को बताए।
Cross references
- Daniel 7:1 दानिय्येल 7:1बाबुल के राजा बेलशस्सर के पहिले वर्ष में, दानिरयेल ने पलंग पर स्वप्न देखा। तब उस ने वह स्वप्न लिखा, और बातों का सारांश भी वर्णन किया।
- Daniel 7:7 दानिय्येल 7:7फिर इसके बाद मैं ने स्वप्न में दृष्टि की और देखा, कि एक चौथा जन्तु है जो भयंकर और डरावना और बहुत सामर्थी है; और उसके बड़े बड़े लोहे के दांत हैं; वह सब कुछ खा डालता है और चूर चूर करता है, और जो बच जाता है, उसे पैरों से रौंदता है। और वह सब पहिले जन्तुओं से भिन्न है; और उसके दस सींग हैं।
- Ezekiel 1:1 यहेजकेल 1:1तीसवें वर्ष के चौथे महीने के पांचवें दिन, मैं बंधुओं के बीच कबार नदी के तीर पर था, तब स्वर्ग खुल गया, और मैं ने परमेश्वर के दर्शन पाए।
- Micah 4:1 मीका 4:1अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लोग धारा की नाईं उसकी ओर चलेंगे।
- Ezekiel 8:3 यहेजकेल 8:3उस ने हाथ सा कुछ बढ़ाकर मेरे सिर के बाल पकड़े; तब आत्मा ने मुझे पृथ्वी और आकाश के बीच में उठाकर परमेश्वर के दिखाए हुए दर्शनों में यरूशलेम के मन्दिर के भीतर, आंगन के उस फाटक के पास पहुचा दिया जिसका मुंह उत्तर की ओर है; और जिस में उस जलन उपजानेवाली प्रतिमा का स्थान था जिसके कारण द्वेष उपजता है।
- 1 Chronicles 28:19 1 इतिहास 28:19मैं ने यहोवा की शक्ति से जो मुझ को मिली, यह सब कुछ बझकर लिख दिया है।
- 1 Chronicles 28:12 1 इतिहास 28:12और यहोवा के भवन के आंगनों और चारों ओर की कोठरियों, और परमेश्वर के भवन के भण्डारों और ववित्रा की हुई वस्तुओं के भण्डारों के, जो जो नमूने ईश्वर के आत्मा की प्रेरणा से उसको मिले थे, वे सब दे दिए।
- Ezekiel 17:22–23 यहेजकेल 17:22–23फिर प्रभु यहोवा यों कहता है, मैं भी देवदार की ऊंची फुनगी में से कुछ लेकर लगाऊंगा, और उसकी सब से ऊपरवाली कनखाओं में से एक कोमल कनखा तोड़कर एक अति ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा। अर्थात् इस्राएल के ऊंचे पर्वत पर लगाऊंगा; सो वह डालियां फोड़कर बलवन्त और उत्तम देवदार बन जाएगा, और उसके नीचे अर्थात् उसकी डालियों की छाया में भांति भांति के सब पक्षी बसेरा करेंगे।
- Isaiah 2:2–3 यशायाह 2:2–3अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाई उसकी ओर चलेंगें। और बहुत देशों के लागे आएंगे, और आपस में कहेंगे: आओ, हम यहोवा के पर्वत पर चढ़कर, याकूब के परमेश्वर के भवन में जाएं; तब वह हमको अपने मार्ग सिखाएगा, और हम उसके पथों पर चलेंगे। क्योंकि यहोवा की व्यवस्था सिरयोन से, और उसका वचन यरूशलेम से निकलेगा।
- Isaiah 14:13 यशायाह 14:13तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा;
- Daniel 2:34–35 दानिय्येल 2:34–35फिर देखते देखते, तू ने क्या देखा, कि एक पत्थर ने, बिना किसी के खोदे, आप ही आप उखड़ कर उस मूर्ति के पांवों पर लगकर जो लोहे और मिट्टी के थे, उन को चूर चूर कर डाला। तब लोहा, मिट्टी, पीतल, चान्दी और सोना भी सब चूर चूर हो गए, और धूपकाल में खलिहानों के भूसे की नाईं हवा से ऐसे उड़ गए कि उनका कहीं पता न रहा; और वह पत्थर जो मूर्ति पर लगा था, वह बड़ा पहाड़ बन कर सारी पृथ्वी में फैल गया॥
- Isaiah 48:2 यशायाह 48:2क्योंकि वे अपने को पवित्रा नगर के बताते हैं, और इस्राएल के परमेश्वर पर जिसका नाम सेनाओं का यहोवा है भरोसा करते हैं।।
Original words (Hebrew)
- visions · H4759מַרְאָה marʼâh
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym
- brought · H935בּוֹא bôwʼ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- set · H5117נוּחַ nûwach
- very · H3966מְאֹד mᵉʼôd
- high · H1364גָּבֹהַּ gâbôahh
- mountain · H2022הַר har
- frame · H4011מִבְנֶה mibneh
- city · H5892עִיר ʻîyr
- south · H5045נֶגֶב negeb