Isaiah · chapter 14 · verse 13
Isaiah 14:13 in Hindi
तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा;
Too man mem kahataa to thaa ki maim svarg par chadhoongaa; maim apane sinhaasan ko eeshvar ke taaraagan se adhik oonchaa karoongaa; aur uttar dishaa kee chhor par sabhaa ke parvat par biraajoongaa;
Isaiah 14:13 in English
- King James Version (KJV)
- For thou hast said in thine heart, I will ascend into heaven, I will exalt my throne above the stars of God: I will sit also upon the mount of the congregation, in the sides of the north:
- World English Bible (WEB)
- You said in your heart, “I will ascend into heaven! I will exalt my throne above the stars of God! I will sit on the mountain of assembly, in the far north!
- American Standard Version (ASV)
- And thou saidst in thy heart, I will ascend into heaven, I will exalt my throne above the stars of God; and I will sit upon the mount of congregation, in the uttermost parts of the north;
- Bible in Basic English (BBE)
- For you said in your heart, I will go up to heaven, I will make my seat higher than the stars of God; I will take my place on the mountain of the meeting-place of the gods, in the inmost parts of the north.
- Darby Translation (DBY)
- And thou that didst say in thy heart, I will ascend into the heavens, I will exalt my throne above the stars of God, and I will sit upon the mount of assembly, in the recesses of the north;
- Webster's Bible (WBS)
- For thou hast said in thy heart, I will ascend into heaven, I will exalt my throne above the stars of God: I will sit also upon the mount of the congregation, in the sides of the north:
- Young's Literal Translation (YLT)
- And thou saidst in thy heart: the heavens I go up, Above stars of God I raise my throne, And I sit in the mount of meeting in the sides of the north.
Read in context
- 11तेरा विभव और तेरी सारंगियों को शब्द अधोलोक में उतारा गया है; कीड़े तेरा बिछौना और केचुए तेरा ओढ़ना हैं।।
- 12हे भोर के चमकनेवाले तारे तू क्योंकर आकाश से गिर पड़ा है? तू जो जाति जाति को हरा देता था, तू अब कैसे काटकर भूमि पर गिराया गया है?
- 13तू मन में कहता तो था कि मैं स्वर्ग पर चढूंगा; मैं अपने सिंहासन को ईश्वर के तारागण से अधिक ऊंचा करूंगा; और उत्तर दिशा की छोर पर सभा के पर्वत पर बिराजूंगा;
- 14मैं मेघों से भी ऊंचे ऊंचे स्थानों के ऊपर चढूंगा, मैं परमप्रधान के तुल्य हो जाऊंगा।
- 15परन्तु तू अधोलोक में उस गड़हे की तह तक उतारा जाएगा।
Cross references
- Daniel 8:10–12 दानिय्येल 8:10–12वह स्वर्ग की सेना तक बढ़ गया; और उस में से और तारों में से भी कितनों को भूमि पर गिराकर रौंद डाला। वरन वह उस सेना के प्रधान तक भी बढ़ गया, और उसका नित्य होमबलि बन्द कर दिया गया; और उसका पवित्रा वासस्थान गिरा दिया गया। और लोगों के अपराध के कारण नित्य होमबलि के साथ सेना भी उसके हाथ में कर दी गई, और उस सींग ने सच्चाई को मिट्टी में मिला दिया, और वह काम करते करते सफल हो गया।
- Ezekiel 28:2 यहेजकेल 28:2हे मनुष्य के सन्तान, सोर के प्रधान से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है कि तू ने मन में फूलकर यह कहा है, मैं ईश्वर हूँ, मैं समुद्र के बीच परमेश्वर के आसन पर बैठा हूँ, परन्तु, यद्यपि तू अपने आपको परमेश्वर सा दिखाता है, तौभी तू ईश्वर नहीं, मनुष्य ही है।
- Ezekiel 28:12–16 यहेजकेल 28:12–16हे मनुष्य के सन्तान, सोर के राजा के विषय में विलाप का गीत बनाकर उस से कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, तू तो उत्तम से भी उत्तम है; तू बुद्धि से भरपूर और सर्वांग सुन्दर है। तू परमेश्वर की एदेन नाम बारी में था; तेरे पास आभूषण, माणिक, पद्मराग, हीरा, फीरोज़ा, सुलैमानी मणि, यशब, तीलमणि, मरकद, और लाल सब भांति के मणि और सोने के पहिरावे थे; तेरे डफ और बांसुलियां तुझी में बनाई गई थीं; जिस दिन तू सिरजा गया था; उस दिन वे भी तैयार की गई थीं। तू छानेवाला अभिषिक्त करूब था, मैं ने तुझे ऐसा ठहराया कि तू परमेश्वर के पवित्रा पर्वत पर रहता था; तू आग सरीखे चमकनेवाले मणियों के बीच चलता फिरता था। जिस दिन से तू सिरजा गया, और जिस दिन तक तुझ में कुटिलता न पाई गई, उस समय तक तू अपनी सारी चालचलन में निदष रहा। परन्तु लेन- देन की बहुतायत के कारण तू उपद्रव से भरकर पापी हो गया; इसी से मैं ने तुझे अपवित्रा जानकर परमेश्वर के पर्वत पर से उतारा, और हे छानेवाले करूब मैं ने तुझे आग सरीखे चमकनेवाले मण्यिों के बीच से नाश किया है।
- Ezekiel 29:3 यहेजकेल 29:3यह कह, परमेश्वर यहोवा यों कहता हे, हे मिस्र के राजा फिरौन, मैं तेरे विरुद्ध हूँ, हे बड़े नगर, तू जो अपनी नदियों के बीच पड़ा रहता है, जिसने कहा है कि मेरी नदी मेरी निज की है, और मैं ही ने उसको अपने लिये बनाया है।
- 2 Thessalonians 2:4 2 थिस्सलुनीकियों 2:4जो विरोध करता है, और हर एक से जो परमेश्वर, या पूज्य कहलाता है, अपने आप को बड़ा ठहराता है, यहां तक कि वह परमेश्वर के मन्दिर में बैठकर अपने आप को परमेश्वर प्रगट करता है।
- Daniel 5:22–23 दानिय्येल 5:22–23तौभी, हे बेलशस्सर, तू जो उसका पुत्रा है, और यह सब कुछ जानता था, तौभी तेरा मन नम्र न हुआ। वरन तू ने स्वर्ग के प्रभु के विरूद्ध सिर उठाकर उसके भवन के पात्रा मंगवाकर अपने साम्हने धरवा लिए, और अपने प्रधानों और रानियों और रखेलियों समेत तू ने उन में दाखमधु पिया; और चान्दी- सोने, पीतल, लोहे, काठ और पत्थर के देवता, जो न देखते न सुनते, न कुछ जानते हैं, उनकी तो स्तुति की, परन्तु परमेश्वर, जिसके हाथ में तेरा प्राण है, और जिसके वश में तेरा सब चलना फिरना है, उसका सन्मान तू ने नहीं किया।।
- Isaiah 47:7–10 यशायाह 47:7–10तू ने कहा, मैं सर्वदा स्वामिन बनी रहूंगी, सो तू ने अपने मन में इन बातों पर विचार न किया और यह भी न सोचा कि उनका क्या फल होगा।। इसलिये सुन, तू जो राग- रंग में उलझी हुई निडर बैठी रहती है और मन में कहती है कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई दूसरा नहीं; मैं विधवा की नाईं न बैठूंगी और न मेरे लड़केबोल मिटेंगे। सुन, ये दोनों दु:ख अर्थात् लड़कों का जाता रहता और विधवा हो जाना, अचानक एक ही दिन तुझ पर आ पडेंगे। तेरे बहुत से टोनों और तेरे भारी भारी तन्त्रा- मन्त्रों के रहते भी ये तुझ पर अपने पूरे बल से आ पड़ेंगे।। तू ने अपनी दुष्टता पर भरोसा रखा, तू ने कहा, मुझे कोई नहीं देखता; तेरी बुद्धि और ज्ञान ने तुझे बहकाया और तू ने अपने मन में कहा, मैं ही हूं और मेरे सिवाय कोई दूसरा नहीं।
- Isaiah 2:2 यशायाह 2:2अन्त के दिनों में ऐसा होगा कि यहोवा के भवन का पर्वत सब पहाड़ों पर दृढ़ किया जाएगा, और सब पहाड़ियों से अधिक ऊंचा किया जाएगा; और हर जाति के लागे धारा की नाई उसकी ओर चलेंगें।
- Zephaniah 2:15 सपन्याह 2:15यह वही नगरी है, जो मगन रहती और निडर बैठी रहती थी, औश्र सोचती थी कि मैं ही हूं, और मुझे छोड़ कोई है ही नहीं। परन्तु अब यह उजाड़ और वनपशुओं के बैठने का स्थान बन गया है, यहां तक कि जो कोई इसके पास होकर चले, वह ताली बजाएगा और हाथ हिलाएगा।
- Ezekiel 27:3 यहेजकेल 27:3हे समुद्र के पैठाव पर रहने वाली, हे बहुत से द्वीपों के लिये देश देश के लोगों के साथ व्यापार करने वाली, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे सोर तू ने कहा है कि मैं सर्वांग सुन्दर हूँ।
- Psalm 48:2 भजन संहिता 48:2सिरयोन पर्वत ऊंचाई में सुन्दर और सारी पृथ्वी के हर्ष का कारण है, राजाधिराज का नगर उत्तरीय सिरे पर है।
- Matthew 11:23 मत्ती 11:23और हे कफरनहूम, क्या तू स्वर्ग तक ऊंचा किया जाएगा? तू तो अधोलोक तक नीचे जाएगा; जो सामर्थ के काम तुझ में किए गए है, यदि सदोम में किए जाते, तो वह आज तक बना रहता।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- heart · H3824לֵבָב lêbâb
- ascend · H5927עָלָה ʻâlâh
- heaven · H8064שָׁמַיִם shâmayim
- exalt · H7311רוּם rûwm
- throne · H3678כִּסֵּא kiççêʼ
- above · H4605מַעַל maʻal
- stars · H3556כּוֹכָב kôwkâb
- God · H410אֵל ʼêl
- sit · H3427יָשַׁב yâshab
- mount · H2022הַר har
- congregation · H4150מוֹעֵד môwʻêd
- sides · H3411יְרֵכָה yᵉrêkâh
- north · H6828צָפוֹן tsâphôwn