Ezekiel · chapter 44 · verse 1
Ezekiel 44:1 in Hindi
फिर वह मुझे पवित्रास्थान के उस बाहरी फाटक के पास लौटा ले गया, जो पूर्वमुखी है; और वह बन्द था।
Phir vah mujhe pavitraasthaan ke us baaharee phaatak ke paas lautaa le gayaa, jo poorvamukhee hai; aur vah band thaa.
Ezekiel 44:1 in English
- King James Version (KJV)
- Then he brought me back the way of the gate of the outward sanctuary which looketh toward the east; and it [was] shut.
- World English Bible (WEB)
- Then he brought me back by the way of the outer gate of the sanctuary, which looks toward the east; and it was shut.
- American Standard Version (ASV)
- Then he brought me back by the way of the outer gate of the sanctuary, which looketh toward the east; and it was shut.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he took me back to the outer doorway of the holy place, looking to the east; and it was shut.
- Darby Translation (DBY)
- And he brought me back toward the outer gate of the sanctuary which looked toward the east; and it was shut.
- Webster's Bible (WBS)
- Then he brought me back the way of the gate of the outward sanctuary which looketh towards the east; and it [was] shut.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he causeth me to turn back the way of the gate of the outer sanctuary that is looking eastward, and it is shut.
Read in context
- 1फिर वह मुझे पवित्रास्थान के उस बाहरी फाटक के पास लौटा ले गया, जो पूर्वमुखी है; और वह बन्द था।
- 2तब यहोवा ने मुझ से कहा, यह फाटक बन्द रहे और खेला न जाए; कोई इस से होकर भीतर जाने न पाए; क्योंकि इस्राएल का परमेश्वर यहोवा इस से होकर भीतर आया है; इस कारण यह बन्द रहे।
- 3केवल प्रधान ही, प्रधान होने के कारण, मेरे साम्हने भोजन करने को वहां बैठेगा; वह फाटक के ओसारे से होकर भीतर जाए, और इसी से होकर निकले।
Cross references
- Ezekiel 43:1 यहेजकेल 43:1फिर वह मुझ को उस फाटक के पास ले गया जो पूर्वमुखी था।
- Ezekiel 40:6 यहेजकेल 40:6तब वह उस फाटक के पास आया जिसका मुंह पूर्व की ओर था, और उसकी सीढ़ी पर चढ़कर फाटक की दोनों डेवढ़ियों की चौड़ाई मापकर एक एक बांस भर की पाई।
- Ezekiel 40:17 यहेजकेल 40:17तब वह मुझे बाहरी आंगन में ले गया; और उस आंगन के चारों ओर कोठरियां थीं; और एक फर्श बना हुआ था; जिस पर तीस कोठरियां बनी थीं।
- Ezekiel 42:14 यहेजकेल 42:14जब जब याजक लोग भीतर जाएंगे, तब तब निकलने के समय वे पवित्रास्थान से बाहरी आंगन में यों ही न निकलेंगे, अर्थात् वे पहिले अपनी सेवा टहल के वस्त्रा पवित्रास्थान में रख देंगे; क्योंकि ये कोठरियां पवित्रा हैं। तब वे और वस्त्रा पहिनकर साधारण लोगों के स्थान में जाएंगे।
- Ezekiel 46:1 यहेजकेल 46:1परमेश्वर यहोवा यों कहता है, भीतरी आंगन का पूर्वमुखी फाटक काम काज के छअो़ं दिन बन्द रहे, परन्तु विश्रामदिन को खुला रहे। और नये चांद के दिन भी खुला रहे।
- 2 Chronicles 20:5 2 इतिहास 20:5तब यहोशपात यहोवा के भवन में नये आंगन के साम्हने यहूदियों और यरूशलेमियों की मण्डली में खड़ा होकर
- Ezekiel 43:4 यहेजकेल 43:4तब यहोवा का तेज उस फाटक से होकर जो पूर्वमुखी था, भवन में आ गया।
- 2 Chronicles 33:5 2 इतिहास 33:5वरन यहोवा के भवन के दोनों आंगनों में भी उस ने आकाश के सारे गण के लिये वेदियां बनाई।
- Acts 21:28–30 प्रेरितों के काम 21:28–30कि हे इस्त्राएलियों, सहायता करो; यह वही मनुष्य है, जो लोगों के, और व्यवस्था के, और इस स्थान के विरोध में हर जगह सब लोगों को सिखाता है, यहां तक कि युनानियों को भी मन्दिर में लाकर उस ने इस पवित्रा स्थान को अपवित्रा किया है। उन्हों ने तो इस से पहिले त्रुफिमुस इफिसी को उसके साथ नगर में देखा था, और समझते थे, कि पौलुस उसे मन्दिर में ले आया है। तब सारे नगर में कोलाहल मच गया, और लोग दौड़कर इकट्ठे हुए, और पौलुस को पकड़कर मन्दिर के बाहर घसीट लाए, और तुरन्त द्वार बन्द किए गए।
- 2 Chronicles 4:9 2 इतिहास 4:9फिर उस ने याजकों के आंगन और बड़े आंगन को बनवाया, और इस आंगन में फाटक बनवाकर उनके किवाड़ों पर पीतल मढ़वाया।