Ezekiel · chapter 45 · verse 9
Ezekiel 45:9 in Hindi
परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के प्रधनो! बस करो, उपद्रव और उत्पात को दूर करो, और न्याय और धर्म के काम किया करो; मेरी प्रजा के लोगों को निकाल देना छोड़ दो, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
Parameshvar yahovaa yom kahataa hai, he israael ke pradhano! Bas karo, upadrav aur utpaat ko door karo, aur nyaay aur dharm ke kaam kiyaa karo; meree prajaa ke logom ko nikaal denaa chhod do, parameshvar yahovaa kee yahee vaanee hai.
Ezekiel 45:9 in English
- King James Version (KJV)
- Thus saith the Lord GOD; Let it suffice you, O princes of Israel: remove violence and spoil, and execute judgment and justice, take away your exactions from my people, saith the Lord GOD.
- World English Bible (WEB)
- “‘The Lord GOD says: “Enough, you princes of Israel! Remove violence and plunder, and execute justice and righteousness! Stop dispossessing my people!” says the Lord GOD.
- American Standard Version (ASV)
- Thus saith the Lord Jehovah: Let it suffice you, O princes of Israel: remove violence and spoil, and execute justice and righteousness; take away your exactions from my people, saith the Lord Jehovah.
- Bible in Basic English (BBE)
- This is what the Lord has said: Let this be enough for you, O rulers of Israel: let there be an end of violent behaviour and wasting; do what is right, judging uprightly; let there be no more driving out of my people, says the Lord.
- Darby Translation (DBY)
- Thus saith the Lord Jehovah: Let it suffice you, princes of Israel! Put away violence and spoil, and execute judgment and justice; take off your exactions from my people, saith the Lord Jehovah.
- Webster's Bible (WBS)
- Thus saith the Lord GOD; Let it suffice you, O princes of Israel: remove violence and spoil, and execute judgment and justice, take away your exactions from my people, saith the Lord GOD.
- Young's Literal Translation (YLT)
- 'Thus said the Lord Jehovah: Enough to you — princes of Israel; violence and spoil turn aside, and judgment and righteousness do; lift up your exactions from off My people — an affirmation of the Lord Jehovah.
Read in context
- 7और प्रधान का निज भाग पवित्रा अर्पण किए हुए भाग और नगर की विशेष भूमि की दोनों ओर अर्थात् दोनोे की पश्चिम और पूर्व दिशाओं में दोनों भागों के साम्हने हों; और उसकी लम्बाई पश्चिम से लेकर पूर्व तक उन दो भागों में से किसी भी एक के तुल्य हो।
- 8इस्राएल के देश में प्रधान की यही निज भूमि हो। और मेरे ठहराए हुए प्रधान मेरी प्रजा पर फिर अन्धेर न करें; परन्तु इस्राएल के घराने को उसके गोत्रों के अनुसार देश मिले।
- 9परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के प्रधनो! बस करो, उपद्रव और उत्पात को दूर करो, और न्याय और धर्म के काम किया करो; मेरी प्रजा के लोगों को निकाल देना छोड़ दो, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- 10तुम्हारे पास सच्चा तराजू, सच्चा एपा, और सच्चा बत रहे।
- 11एपा और बत दोनों एक ही नाप के हों, अर्थात् दोनों में होमेर का दसवां अंश समाए; दोनों की नाप होमेर के हिसाब से हो।
Cross references
- Zechariah 8:16 जकर्याह 8:16जो जो काम तुम्हें करना चाहिये, वे ये हैं: एक दूसरे के साथ सत्य बोला करना, अपनी कचहरियों में सच्चाई का और मेलमिलाप की नीति का न्याय करना,
- Jeremiah 22:3 यिर्मयाह 22:3यहोवा यों कहता है, न्याय और धर्म के काम करो; और लुटे हुए को अन्धेर करनेवाले के हाथ से छुड़ाओ। और परदेशी, अनाथ और विधवा पर अन्धेर व उपद्रव मत करो, न इस स्थान में निदषों का लोहू बहाओ।
- Isaiah 1:17 यशायाह 1:17भलाई करना सीखो; यत्न से न्याय करो, उपद्रवी को सुधारो; अनाथ का न्याय चुकाओ, विधवा का मुक मा लड़ो।।
- Ezekiel 44:6 यहेजकेल 44:6और उन बलवाइयों अर्थात् इस्राएल के घराने से कहना, परमेश्वर यहोवा यों कहता है, हे इस्राएल के घराने, अपने सब घृणित कामों से अब हाथ उठा।
- 1 Peter 4:3 1 पतरस 4:3क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ।
- Micah 2:9 मीका 2:9मेरी प्रजा की स्त्रियों को तुम उनके सुखधामों से निकाल देते हो; और उनके नन्हें बच्चों से तुम मेरी दी हुई उत्तम वस्तुएं सर्वदा के लिये छीन लेते हो।
- Job 22:9 अय्यूब 22:9तू ने विधवाओं को छूछे हाथ लौटा दिया। और अनाथों की बाहें तोड़ डाली गई।
- Job 24:2–12 अय्यूब 24:2–12कुछ लोग भूमि की सीमा को बढ़ाते, और भेड़ बकरियां छीनकर चराते हैं। वे अनाथों का गदहा हांक ले जाते, और विधवा का बैल कन्धक कर रखते हैं। वे दरिद्र लोगों को मार्ग से हटा देते, और देश के दीनों को इकट्ठे छिपना पड़ता है। देखो, वे जंगली गदहों की नाई अपने काम को और कुछ भोजन यत्न से ढूंढ़ने को निकल जाते हैं; उनके लड़केबालों का भोजन उनको जंगल से मिलता है। उनको खेत में चारा काटना, और दुष्टों की बची बचाई दाख बटोरना पड़ता है। रात को उन्हें बिना वस्त्रा नंगे पड़े रहना और जाड़े के समय बिना ओढ़े पड़े रहना पड़ता है। वे पहाड़ों पर की झड़ियों से भीगे रहते, और शरण न पाकर चट्टान से लिपट जाते हैं। कुछ लोग अनाथ बालक को मा की छाती पर से छीन लेते हैं, और दीन लोगों से बन्धक लेते हैं। जिस से वे बिना वस्त्रा नंगे फिरते हैं; और भूख के मारे, पूलियां ढोते हैं। वे उनकी भीतों के भीतर तेल पेरते और उनके कुणडों में दाख रौंदते हुए भी प्यासे रहते हैं। वे बड़े नगर में कराहते हैं, और घायल किए हुओं का जी दोहाई देता है; परन्तु ईश्वर मूर्खता का हिसाब नहीं लेता।
- Micah 2:1–2 मीका 2:1–2हाय उन पर, जो बिछौनों पर पड़े हुए बुराइयों की कल्पना करते और दुष्ट कर्म की इच्छा करते हैं, और बलवन्त होने के कारण भोर को दिन निकलते ही वे उसको पूरा करते हैं। वे खेतों का लालच करके उन्हें छली लेते हैं, और घरों का लालच करके उन्हें भी ले लेते हैं; और उसके घराने समेत पुरूष पर, और उसके निज भाग समेत किसी पुरूष पर अन्धेर और अत्याचार कहते हैं।
- 1 Corinthians 6:7–8 1 कुरिन्थियों 6:7–8परन्तु सचमुच तुम में बड़ा दोष तो यह है, कि आपस में मुक मा करते हो: बरन अन्याय क्यों नहीं सहते? अपनी हानि क्यों नहीं सहते? बरन अन्याय करते और हानि पहुंचाते हो, और वह भी भाइयों को।
- Job 20:19 अय्यूब 20:19क्योंकि उस ने कंगालों को पीसकर छोड़ दिया, उस ने घर को छीन लिया, उसको वह बढ़ाने न पाएगा।
- Nehemiah 5:1–13 नहेमायाह 5:1–13तब लोग और उनकी स्त्रियों की ओर से उनके भाई यहूदियों के किरूठ्ठ बड़ी चिल्लाहट मची। कितने तो कहते थे, हम अपने बेटे- बेटियों समेत बहुत प्राणी हैं, इसलिये हमें अन्न मिलना चाहिये कि उसे खाकर जीवित रहें। और कितने कहते थे, कि हम अपने अपने खेतों, दाख की बारियों और घरों को महंगी के कारण बन्धक रखते हैं, कि हमें अन्न मिले। फिर कितने यह कहते थे, कि हम ने राजा के कर के लिये अपने अपने खेतों और दाख की बारियों पर रूपया उधार लिया। परन्तु हमारा और हमारे भाइयों का शरीर और हमारे और उनके लड़केबाले एक ही समान हैं, तौभी हम अपने बेटे- बेटियों को दास बनाते हैं; वरन हमारी कोई कोई बेटी दासी भी हो चुकी हैं; और हमारा कुछ बस नहीं जलता, क्योंकि हमारे खेत और दाख की बारियां औरों के हाथ पड़ी हैं। यह चिल्लाहट ओर ये बातें सुनकर मैं बहुत क्रोधित हुआ। तब अपने मन में सोच विचार करके मैं ने रईसों और हाकिमों को घुड़ककर कहा, तुम अपने अपने भाई से ब्याज लेते हो। तब मैं ने उनके विरूद्ध एक बड़ी सभा की। और मैं ने उन से कहा, हम लोगों ने तो अपनी शक्ति भर अपने यहूदी भाइयों को जो अन्यजातियों के हाथ बिक गए थे, दाम देकर छुड़ाया है, फिर क्या तुम अपने भाइयों को बेचोगे? क्या वे हमारे हाथ बिकेंगे? तब वे चुप रहे और कुछ न कह सके। फिर मैं कहता गया, जो काम तुम करते हो वह अच्छा नहीं है; क्या तुम को इस कारण हमारे परमेश्वर का भय मानकर चलना न चाहिये कि हमारे शत्रु जो अन्यजाति हैं, वे हमारी नामधराई न करें? मैं भी और मेरे भाई और सेवक उनको रूपया और अनाज उधार देते हैं, परन्तु हम इसका ब्याज छोड़ दें। आज ही अनको उनके खेत, और दाख, और जलपाई की बारियां, और घर फेर दो; और जो रूपया, अन्न, नया दाखमधु, और टटका तेल तुम उन से ले लेते हो, उसका सौवां भाग फेर दो? अन्हों ने कहा, हम उन्हें फेर देंगे, और उन से कुछ न लेंगे; जैसा तू कहता है, वैसा ही हम करेंगे। तब मैं ने याजकों को बुलाकर उन लोगों को यह शपथ खिलाई, कि वे इसी वचन के अनुसार करेंगे। फिर मैं ने अपने कपड़े की छोर झाड़कर कहा, इसी रीति से जो कोई इस वचन को पूरा न करे, उसको परमेश्वर झाड़कर, उसका घर और कमाई उस से छुड़ाए, और इसी रीति से वह झाड़ा जाए, और छूछा हो जाए। तब सारी सभा ने कहा, आमेन! और यहोवा की स्तुति की। और लोगों ने इस वचन के अनुसार काम किया।
Original words (Hebrew)
- saith · H5002נְאֻם nᵉʼum
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây
- suffice · H7227רַב rab
- princes · H5387נָשִׂיא nâsîyʼ
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- remove · H5493סוּר çûwr
- violence · H2555חָמָס châmâç
- spoil · H7701שֹׁד shôd
- execute · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- judgment · H4941מִשְׁפָּט mishpâṭ
- justice · H6666צְדָקָה tsᵉdâqâh
- away · H7311רוּם rûwm
- exactions · H1646גְרֻשָׁה gᵉrushâh
- people · H5971עַם ʻam
- saith · H559אָמַר ʼâmar
- Lord · H136אֲדֹנָי ʼĂdônây