Ezekiel · chapter 7 · verse 18
Ezekiel 7:18 in Hindi
और वे कमर में टाट कसेंगे, और उनके रोए खड़े होंगे; सब के मुंह सूख जाएंगे और सब के सिर मूंड़े जाएंगे।
Aur ve kamar mem taat kasenge, aur unake roe khade honge; sab ke munh sookh jaaenge aur sab ke sir moonde jaaenge.
Ezekiel 7:18 in English
- King James Version (KJV)
- They shall also gird [themselves] with sackcloth, and horror shall cover them; and shame [shall be] upon all faces, and baldness upon all their heads.
- World English Bible (WEB)
- They will also clothe themselves with sackcloth, and horror will cover them. Shame will be on all faces, and baldness on all their heads.
- American Standard Version (ASV)
- They shall also gird themselves with sackcloth, and horror shall cover them; and shame shall be upon all faces, and baldness upon all their heads.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they will put haircloth round them, and deep fear will be covering them; and shame will be on all faces, and the hair gone from all their heads.
- Darby Translation (DBY)
- And they shall gird on sackcloth, and horror shall cover them; and shame shall be upon all faces, and baldness upon all their heads.
- Webster's Bible (WBS)
- They shall also gird [themselves] with sackcloth, and horror shall cover them; and shame [shall be] upon all faces, and baldness upon all their heads.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And they have girded on sackcloth, And covered them hath trembling, And unto all faces [is] shame, And on all their heads — baldness.
Read in context
- 16और उन में से जो बच निकलेंगे वे बचेंगे तो सही परन्तु अपने अपने अधर्म में फसे रहकर तराइयों में रहनेवाले कबूतरों की नाई पहाड़ों के ऊपर विलाप करते रहेंगे।
- 17सब के हाथ ढीले और सब के घुटने अति निर्बल हो जाएंगे।
- 18और वे कमर में टाट कसेंगे, और उनके रोए खड़े होंगे; सब के मुंह सूख जाएंगे और सब के सिर मूंड़े जाएंगे।
- 19वे अपनी चान्दी सड़कों में फेंक देंगे, और उनका सोना अशुठ्ठ वस्तु छहरेगा; यहोवा की जलन के दिन उनका सोना चान्दी उनको बचा न सकेगी, न उस से उनका जी सन्तुष्ट होगा, न उनके पेट भरेंगे। क्योंकि वह उनके अधर्म के ठोकर का कारण हुआ है।
- 20उनका देश जो शोभायमान और शिरोमणि था, उसके विषय में उन्हों ने गर्व ही गर्व करके उस में अपनी घृणित वस्तु ओं की मूरतें, और घृणित वस्तुएं बना रखीं, इस कारण मैं ने उसे उनके लिये अशुठ्ठ वस्तु ठहराया हे।
Cross references
- Amos 8:10 आमोस 8:10मैं तुम्हारे पर्वों के उत्सव दूर करके विलाप कराऊंगा, और तुम्हारे सब गीतों को दूर करके विलाप के गीत गवाऊंगा; मैं तुम सब की कटि में टाट बंधाऊंगा, और तुम सब के सिरों को मुंड़ाऊंगा; और ऐसा विलाप कराऊंगा जैसा एकलौते के लिये होता है, और उसका अन्त कठिन दु:ख के दिन का सा होगा।।
- Isaiah 15:2–3 यशायाह 15:2–3बैत और दीबोन ऊंचे स्थानों पर रोने के लिये चढ़ गए हैं; नबो और मेदबा के ऊपर मोआब हाय हाय करता है। उन सभों के सिर मुड़े हुए, और सभों की दाढ़ियां मुंढ़ी हुई हैं; सड़कों में लोग टाट पहिने हैं; छतों पर और चौकों में सब कोई आंसू बहाते हुए हाय हाय करते हैं।
- Isaiah 3:24 यशायाह 3:24और सुगन्ध की सन्ती सड़ाहट, सुन्दर कर्घनी की सन्ती बन्धन की रस्सी, गुंथें हुए बालों की सन्ती गंजापन, सुन्दर पटुके की सन्ती टाट की पेटी, और सुन्दरता की सन्ती दाग होंगे।
- Ezekiel 27:31 यहेजकेल 27:31और तेरे शोक में अपने सिर मुंड़वा देंगे, और कमर में टाट बान्ध कर अपने मन के कड़े दु:ख के साथ तेरे विषय में रोएंगे और छाती पीटेंगे।
- Job 21:6 अय्यूब 21:6जब मैं स्मरण करता तब मैं घबरा जाता हूँ, और मेरी देह में कंपकंपी लगती है।
- Jeremiah 48:37 यिर्मयाह 48:37क्योंकि सब के सिर मुंड़े गए और सब की दाढ़ियां नोची गई; सब के हाथ चीरे हुए, और सब की कमरों में टाट बन्धा हुआ है।
- Genesis 15:12 उत्पत्ति 15:12जब सूर्य अस्त होने लगा, तब अब्राम को भारी नींद आई; और देखो, अत्यन्त भय और अन्धकार ने उसे छा लिया।
- Psalm 35:26 भजन संहिता 35:26जो मेरी हाति से आनन्दित होते हैं उनके मुंह लज्जा के मारे एक साथ काले हों! जो मेरे विरूद्ध बड़ाई मारते हैं वह लज्जा और अनादर से ढ़ंप जाएं!
- Revelation 6:15–17 प्रकाशितवाक्य 6:15–17और पृथ्वी के राजा, और प्रधान, और सरदार, और धनवान और सामर्थी लोग, और हर एक दास, और हर एक स्वतंत्रा, पहाड़ों की खोहों में, और चटानों में जा छिपे। और पहाड़ों, और चटानों से कहने लगे, कि हम पर गिर पड़ो; और हमें उसके मुंह से जो सिंहासन पर बैठा है और मेम्ने के प्रकोप से छिपा लो। क्योंकि उन के प्रकोप का भयानक दिन आ पहुंचा है, अब कौन ठहर सकता है?
- Psalm 55:4–5 भजन संहिता 55:4–5मेरा मन भीतर ही भीतर संकट में है, और मृत्यु का भय मुझ में समा गया है। भय और कंपकपी ने मुझे पकड़ लिया है, और भय के कारण मेरे रोंए रोंए खड़े हो गए हैं।
- Jeremiah 3:25 यिर्मयाह 3:25हम लज्जित होकर लेट जाएं, और हमारा संकोच हमारी ओढ़नी बन जाए; क्योंकि हमारे पुरखा और हम भी युवा अवस्था से लेकर आज के दिन तक अपने परमेश्वर यहोवा के विरूद्ध पाप करते आए हैं; और हम ने अपने परमेश्वर यहोवा की बातों को नहीं माना है।