Ezekiel · chapter 8 · verse 12
Ezekiel 8:12 in Hindi
तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने देखा है कि इस्राएल के घराने के पुरनिये अपनी अपनी नक्काशीवाली कोठरियों के भीतर अर्थात् अन्धियारे में क्या कर रहे हैं? वे कहते हैं कि यहोवा हम को नहीं देखता; यहोवा ने देश को त्याग दिया है।
Tab us ne mujh se kahaa, he manushy ke santaan, kyaa too ne dekhaa hai ki israael ke gharaane ke puraniye apanee apanee nakkaasheevaalee kothariyom ke bheetar arthaat andhiyaare mem kyaa kar rahe haim? Ve kahate haim ki yahovaa ham ko naheem dekhataa; yahovaa ne desh ko tyaag diyaa hai.
Ezekiel 8:12 in English
- King James Version (KJV)
- Then said he unto me, Son of man, hast thou seen what the ancients of the house of Israel do in the dark, every man in the chambers of his imagery? for they say, The LORD seeth us not; the LORD hath forsaken the earth.
- World English Bible (WEB)
- Then he said to me, “Son of man, have you seen what the elders of the house of Israel do in the dark, every man in his rooms of imagery? For they say, ‘The LORD doesn’t see us. The LORD has forsaken the land.’”
- American Standard Version (ASV)
- Then said he unto me, Son of man, hast thou seen what the elders of the house of Israel do in the dark, every man in his chambers of imagery? for they say, Jehovah seeth us not; Jehovah hath forsaken the land.
- Bible in Basic English (BBE)
- And he said to me, Son of man, have you seen what the responsible men of the children of Israel do in the dark, every man in his room of pictured images? for they say, The Lord does not see us; the Lord has gone away from the land.
- Darby Translation (DBY)
- And he said unto me, Hast thou seen, son of man, what the elders of the house of Israel do in the dark, every one in his chambers of imagery? for they say, Jehovah seeth us not; Jehovah hath forsaken the land.
- Webster's Bible (WBS)
- Then said he to me, Son of man, hast thou seen what the elders of the house of Israel do in the dark, every man in the chambers of his imagery? for they say, The LORD seeth us not; the LORD hath forsaken the earth.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And He saith unto me, 'Hast thou seen, son of man, that which elders of the house of Israel are doing in darkness, each in the inner chambers of his imagery, for they are saying, Jehovah is not seeing us, Jehovah hath forsaken the land?'
Read in context
- 10सो मैं ने भीतर जाकर देखा कि चारों ओर की भीत पर जाति जाति के रेंगनेवाले जन्तुओं और घृणित पशुओं और इस्राएल के घराने की सब मूरतों के चित्रा खिचे हुए हैं।
- 11और इस्राएल के घराने के पुरनियों में से सत्तर पुरूष जिन के बीच में शापान का पुत्रा याजन्याह भी है, वे उन चित्रों के साम्हने खड़े हैं, और हर एक पुरूष अपने हाथ में घूपदान लिए हुए है; और धूप के धूएं के बादल की सुगन्ध उठ रही है।
- 12तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने देखा है कि इस्राएल के घराने के पुरनिये अपनी अपनी नक्काशीवाली कोठरियों के भीतर अर्थात् अन्धियारे में क्या कर रहे हैं? वे कहते हैं कि यहोवा हम को नहीं देखता; यहोवा ने देश को त्याग दिया है।
- 13फिर उस ने मुझ से कहा, तू इन से और भी अति घृणित काम देखेगा जो वे करते हैं।
- 14तब वह मुझे यहोवा के भवन के उस फाटक के पास ले गया जो उत्तर की ओर था और वहां िस्.त्रायां बैठी हुई तम्मूज के लिये रो रही थीं।
Cross references
- Isaiah 29:15 यशायाह 29:15हाय उन पर जो अपनी युक्ति को यहोवा से छिपाने का बड़ा यत्न करते, और अपने काम अन्धेरे में करके कहते हैं, हम को कौन देखता है? हम को कौन जानता है?
- Ezekiel 9:9 यहेजकेल 9:9तब उस ने मुझ से कहा, इस्राएल और यहूदा के घरानों का अधर्म अत्यन्त ही अधिक है, यहां तक कि देश हत्या से और नगर अन्याय से भर गया है; क्योंकि वे कहते हें कि यहोवा ने पृथ्वी को त्याग दिया और यहोवा कुछ नहीं देखता।
- Ezekiel 8:15 यहेजकेल 8:15तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा है? फिर इन से भी बड़े घृृणित काम तू देखेगा।
- Ephesians 5:12 इफिसियों 5:12क्योंकि उन के गुप्त कामों की चर्चा भी लाज की बात है।
- John 3:19–20 यूहन्ना 3:19–20और दंड की आज्ञा का कारण यह है कि ज्योति जगत में आई है, और मनुष्यों ने अन्धकार को ज्योति से अधिक प्रिय जाना क्योंकि उन के काम बुरे थे। क्योंकि जो कोई बुराई करता है, वह ज्योति से बैर रखता है, और ज्योति के निकट नहीं आता, ऐसा न हो कि उसके कामों पर दोष लगाया जाए।
- Psalm 10:11 भजन संहिता 10:11वह झुक जाता है और वह दबक कर बैठता है; और लाचार लोग उसके महाबली हाथों से पटके जाते हैं।
- Ezekiel 8:17 यहेजकेल 8:17तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू ने यह देखा? क्या यहूदा के घराने के लिये घृणित कामों का करना जो वे यहां करते हैं छोटी बात है? उन्होंने अपने देश को उपद्रव से भर दिया, और फिर यहां आकर मुझे रिस दिलाते हैं। वरन वे डाली को अपनी नाक के आगे लिए रहते हैं।
- Psalm 94:7–10 भजन संहिता 94:7–10और कहते हैं, कि याह न देखेगा, याकूब का परमेश्वर विचार न करेगा।। तुम जो प्रजा में पशु सरीखे हो, विचार करो; और हे मूर्खों तुम कब तक बुद्धिमान हो जाओगे? जिस ने कान दिया, क्या वह आप नहीं सुनता? जिस ने आंख रची, क्या वह आप नहीं देखता? जो जाति जाति को ताड़ना देता, और मनुष्य को ज्ञान सिखाता है, क्या वह न समझाएगा?
- Ezekiel 8:6–8 यहेजकेल 8:6–8तब उस ने मुझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, क्या तू देखता है कि ये लोग क्या कर रहे हैं? इस्राएल का घराना क्या ही बड़े घृणित काम यहां करता है, ताकि मैं अपने पवित्रास्थान से दूर हो जाऊं; परन्तु तू इन से भी अधिक घृणित काम देखेगा। तब वह मुझे आंगन के द्वार पर ले गया, और मैं ने देखा, कि भीत में एक छेद है। तब उस ने मूझ से कहा, हे मनुष्य के सन्तान, भीत को फोड़; तो मैं ने भीत को फोड़कर क्या देखा कि एक द्वार है
- Job 22:12–13 अय्यूब 22:12–13क्या ईश्वर स्वर्ग के ऊंचे स्थान में नहीं है? ऊंचे से ऊंचे तारों को देख कि वे कितने ऊंचे हैं।। फिर तू कहता है कि ईश्वर क्या जानता है? क्या वह घोर अन्धकार की आड़ में होकर न्याय करेगा?
- Job 24:13–17 अय्यूब 24:13–17फिर कुछ लोग उजियाले से बैर रखते, वे उसके माग को नहीं पहचानते, और न उसके माग में बने रहते हैं। खूनी, पह फटते ही उठकर दीन दरिद्र मनुष्य को घात करता, और रात को चोर बन जाता है। व्यभिचारी यह सोचकर कि कोई मुझ को देखने न पाए, दिन डूबने की राह देखता रहता है, और वह अपना मुंह छिपाए भी रखता है। वे अन्धियारे के समय घरों में सेंध मारते और दिन को छिपे रहते हैं; वे उजियाले को जानते भी नहीं। इसलिये उन सभों को भोर का प्रकाश घोर अन्धकार सा जान पड़ता है, क्योंकि घोर अन्धकार का भय वे जानते हैं।
- Ezekiel 8:11 यहेजकेल 8:11और इस्राएल के घराने के पुरनियों में से सत्तर पुरूष जिन के बीच में शापान का पुत्रा याजन्याह भी है, वे उन चित्रों के साम्हने खड़े हैं, और हर एक पुरूष अपने हाथ में घूपदान लिए हुए है; और धूप के धूएं के बादल की सुगन्ध उठ रही है।
Original words (Hebrew)
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Son · H1121בֵּן bên
- man · H120אָדָם ʼâdâm
- seen · H7200רָאָה râʼâh
- ancients · H2205זָקֵן zâqên
- house · H1004בַּיִת bayith
- Israel · H3478יִשְׂרָאֵל Yisrâʼêl
- do · H6213עָשָׂה ʻâsâh
- dark · H2822חֹשֶׁךְ chôshek
- man · H376אִישׁ ʼîysh
- chambers · H2315חֶדֶר cheder
- imagery · H4906מַשְׂכִּית maskîyth
- say · H559אָמַר ʼâmar
- seeth · H7200רָאָה râʼâh
- forsaken · H5800עָזַב ʻâzab
- earth · H776אֶרֶץ ʼerets