Ezra · chapter 4 · verse 5
Ezra 4:5 in Hindi
और फारस के राजा कुस्रू के जीवन भर वरन फारस के राजा द्वारा के राज्य के समय तक उनके मनोरथ को निष्फल करने के लिये वकीलों को रूपया देते रहे।
Aur phaaras ke raajaa kusroo ke jeevan bhar varan phaaras ke raajaa dvaaraa ke raajy ke samay tak unake manorath ko nishphal karane ke liye vakeelom ko roopayaa dete rahe.
Ezra 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- And hired counsellors against them, to frustrate their purpose, all the days of Cyrus king of Persia, even until the reign of Darius king of Persia.
- World English Bible (WEB)
- They hired counselors against them to frustrate their purpose all the days of Cyrus king of Persia, even until the reign of Darius king of Persia.
- American Standard Version (ASV)
- and hired counsellors against them, to frustrate their purpose, all the days of Cyrus king of Persia, even until the reign of Darius king of Persia.
- Bible in Basic English (BBE)
- And they gave payment to men who made designs against them and kept them from effecting their purpose, all through the time of Cyrus, king of Persia, till Darius became king.
- Darby Translation (DBY)
- and they hired counsellors against them, to frustrate their purpose, all the days of Cyrus king of Persia, even until the reign of Darius king of Persia.
- Webster's Bible (WBS)
- And hired counselors against them, to frustrate their purpose, all the days of Cyrus king of Persia, even until the reign of Darius king of Persia.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and are hiring against them counsellors to make void their counsel all the days of Cyrus king of Persia, even till the reign of Darius king of Persia.
Read in context
- 3जरूब्बाबेल, येशू और इस्राएल के पितरों के घरानों के मुख्य पुरूषों ने उन से कहा, हमारे परमेश्वर के लिये भवन बनाने में तुम को हम से कुछ काम नहीं; हम ही लोग एक संग मिलकर फारस के राजा कुस्रू की आज्ञा के अनुसार इस्राएल के परमेश्वर यहोवा के लिये उसे बनाएंगे।
- 4तब उस देश के लोग यहूदियों के हाथ ढीला करने और उन्हें डराकर मन्दिर बनाने में रूकावट डालने लगे।
- 5और फारस के राजा कुस्रू के जीवन भर वरन फारस के राजा द्वारा के राज्य के समय तक उनके मनोरथ को निष्फल करने के लिये वकीलों को रूपया देते रहे।
- 6श्रायर्ष के राज्य के पहिले दिनों में उन्हों ने यहूदा और यरूशलेम के निवासियों का दोषपत्रा उसे लिख भेजा।
- 7फिर अर्तश्रत्रा के दिनों में बिशलाम, मिथदात और ताबेल ने और उसके सहचरियों ने फारस के राजा अर्तश्रत्रा को चिट्ठी लिखी, और चिट्ठी अरामी अश्ररों और अरामी भाषा में लिखी गई।
Cross references
- Nahum 1:11 नहूम 1:11तुझ में से एक निकला है, जो यहोवा के विरूद्ध कल्पना करता और नीचता की युक्ति बान्धता है।।
- Acts 24:1–27 प्रेरितों के काम 24:1–27पांच दिन के बाद हनन्याह महायाजक कई पुरनियों और तिरतुल्लुस नाम किसी वकील को साथ लेकर आया; उन्हों ने हाकिम के साम्हने पौलुस पर नालिश की। जब वह बुलाया गया तो तिरतुल्लुस उन पर दोष लगाकर कहने लगा, कि, हे महाप्रतापी फेलिक्स, तेरे द्वारा हमें जो बड़ा कुशल होता है; और तेरे प्रबन्ध से इस जाति के लिये कितनी बुराइयां सुधरती जाती हैं। इस को हम हर जगह और हर प्रकार से धन्यवाद के साथ मानते हैं। परन्तु इसलिये कि तुझे और दुख नहीं देना चाहता, मैं तुझ से बिनती करता हूं, कि कृपा करके हमारी दो एक बातें सुन ले। क्योंकि हम ने इस मनुष्य को उपद्रवी और जगत के सारे यहूदियों में बलवा करानेवाला, और नासरियों के कुपन्थ का मुखिया पाया है। उस ने मन्दिर को अशुद्ध करना चाहा, और हम ने उसे पकड़ा। इन सब बातों को जिन के विषय में हम उस पर दोष लगाते हैं, तू आपही उस को जांच करके जान लेगा। यहूदियों ने भी उसका साथ देकर कहा, ये बातें इसी प्रकार की हैं।। जब हाकिम ने पौलुस को बोलने के लिये सैन किया तो उस ने उत्तर दिया, मैं यह जानकर कि तू बहुत वर्षों से इस जाति का न्याय करता है, आनन्द से अपना प्रत्युत्तर देता हूं। तू आप जान सकता है, कि जब से मैं यरूशलेम में भजन करने को आया, मुझे बारह दिन से ऊपर नहीं हुए। और उन्हों ने मुझे न मन्दिर में न सभा के घरों में, न नगर में किसी से विवाद करते या भीड़ लगाते पाया। और न तो वे उन बातों को, जिन का वे अब मुझ पर दोष लगाते हैं, तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं। परन्तु यह मैं तेरे साम्हने सच ठहरा सकते हैं। परन्तु यह मैं तेरे साम्हने मान लेता हूं, कि जिस पन्थ को वे कुपन्थ कहते हैं, उसी की रीति पर मैं अपने बापदादों के परमेश्वर की सेवा करता हूं: और जो बातें व्यवस्था और भविष्यद्वक्ताओं की पुस्तकों में लिखी है, उन सब की प्रतीति करता हूं। और परमेश्वर से आशा रखता हूं जो वे आप भी रखते हैं, कि धर्मी और अधर्मी दोनों का जी उठना होगा। इस से मैं आप भी यतन करता हूं, कि परमेश्वर की, और मनुष्यों की ओर मेरा विवेक सदा निर्दोष रहे। बहुत वर्षों के बाद मैं अपने लोगों को दान पहुंचाने, और भेंट चढ़ाने आया था। उन्हों ने मुझे मन्दिर में, शुद्ध दशा में बिना भीड़ के साथ, और बिना दंगा करते हुए इस काम में पाया - हां आसिया के कई यहूदी थे - उन को उचित था, कि यदि मेरे विरोध में उन की कोई बात हो तो यहां तेरे साम्हने आकर मुझ पर दोष लगाते। या ये आप ही कहें, कि जब मैं महासभा के साम्हने खड़ा था, तो उन्हों ने मुझ से कौन सा अपराध पाया? इस एक बात को छोड़ जो मैं ने उन के बीच में खड़े होकर पुकारकर कहा था, कि मरे हुओं के जी उठने के विषय में आज मेरा तुम्हारे साम्हने मुक मा हो रहा है।। फेलिक्स ने जो इस पन्थ की बातें ठीक ठीक जानता था, उन्हें यह कहकर टाल दिया, कि जब पलटन का सरदार लूसियास आएगा, तो तुम्हारी बात का निर्णय करूंगा। और सूबेदार को आज्ञा दी, कि पौलुस को सुख से रखकर रखवाली करना, और उसके मित्रों में से किसी को भी उस की सेवा करने से न रोकना।। कितने दिनों के बाद फेलिक्स अपनी पत्नी द्रुसिल्ला को, जो यहूदिनी थी, साथ लेकर आया; और पौलुस को बुलवाकर उस विश्वास के विषय में जे मसीह यीशु पर है, उस से सुना। और जब वह धर्म और संयम और आनेवाले न्याय की चर्चा करता था, तो फेलिक्स ने भयमान होकर उत्तर दिया, कि अभी तो जा: अवसर पाकर मैं तुझे फिर बुलाऊंगा। उसे पौलुस से कुछ रूपये मिलने की भी आस थी; इसलिये और भी बुला बुलाकर उस से बातें किया करता था। परन्तु जब दो वर्ष बीत गए, तो पुरकियुस फेस्तुस फेलिक्स की जगह पर आया, और फेलिक्स यहूदियों को खुश करने की इच्छा से पौलुस को बन्धुआ छोड़ गया।।
- Psalm 2:1–2 भजन संहिता 2:1–2जाति जाति के लोग क्यों हुल्लड़ मचाते हैं, और देश देश के लोग व्यर्थ बातें क्यों सोच रहे हैं? यहोवा के और उसके अभिषिक्त के विरूद्ध पृथ्वी के राजा मिलकर, और हाकिम आपस में सम्मति करके कहते हैं, कि
- Ezra 5:5–18 एज्रा 5:5–18परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिये जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्हों ने इनको न रोका। जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतब जनै और महानद के इस पार के उनके सहचरी अपार्सकियों ने राजा दाना के पास भेजी उसकी नकल यह है; उन्हों ने उसको एक चिट्ठी लिखी, जिस में यह लिखा था: कि राजा दारा का कुशल क्षेम सब प्रकार से हो। राजा को विदित हो, कि हम लोग यहूदा नाम प्रान्त में महान परमेश्वर के भवन के पास गए थे, वह बड़े बड़े पत्थ्रों से बन रहा है, और उसकी भीतों में कड़ियां जुड़ रही हैं; और यह काम उन लोगों से फुत के साथ हो रहा है, और सुफल भी होता जाता है। इसलिये हम ने उन पुरनियों से यों पूछा, कि यह भवन बनवाने, और यह शहरपनाह खड़ी करने की आज्ञा किस ने तुम्हें दी? और हम ने उनके नाम भी पूछे, कि हम उनके मुख्य पुरूषों के नाम लिखकर तुझ को जता सकें। और उन्हों ने हमें यों उत्तर दिया, कि हम तो शकाश और पृथ्वी के परमेश्वर के दास हैं, और जिस भवन को बहुत वर्ष हुए इस्राएलियों के एक बड़े राजा ने बनाकर तैयार किया था, उसी को हम बना रहे हैं। जब हमारे पुरखाओं ने स्वर्ग के परमेश्वर को रिस दिलाई थी, तब उस ने उन्हें बाबेल के कसदी राजा नबूकदनेस्सर के हाथ में कर दिया था, और उस ने इस भवन को नाश किया और लोगों को बन्धुआ करके बाबेल को ले गया। परन्तु बाबेल के राजा कुस्रू के पहिले वर्ष में उसी कुस्रू राजा ने परमेश्वर के इस भवन के बनाने की आज्ञा दी और परमेश्वर के भवन के जो सोने और चान्दी के पात्रा नबूकदनेस्सर यरूशलेम के मन्दिर में से निकलवाकर बाबेल के मन्दिर में ले गया था, उनको राजा कुस्रू ने बाबेल के मन्दिर में से निकलवाकर शेशबस्सर नामक एक पुरूष को जिसे उस ने अधिपति ठहरा दिया था, सौंप दिया। और उस ने उससे कहा, ये पात्रा ले जाकर यरूशलेम के मन्दिर में रख, और परमेश्वर का वह भवन अपने स्थान पर बनाया जाए। तब उसी शेशबस्सर ने आकर परमेश्वर के भवन की जो यरूशलेम में है नेव डाली; और तब से अब तक यह बन रहा है, परन्तु अब तक नहीं बन पाया। अब यदि राजा को अच्छा लगे तो बाबेल के राजभणडार में इस बात की खोज की जाए, कि राजा कुस्रू ने सचमुच परमेश्वर के भवन के जो यरूशलेम में है बनवाने की आज्ञा दी थी, या नहीं। तब राजा इस विषय में अपनी इच्छा हम को बताए।
- Ezra 4:24 एज्रा 4:24तब परमेश्वर के भवन का काम जो यरूशलेम में है, रूक गया; और फारस के राजा दारा के राज्य के दूसरे वर्ष तक रूका रहा।
Original words (Hebrew)
- hired · H7936שָׂכַר sâkar
- counsellors · H3289יָעַץ yâʻats
- frustrate · H6565פָּרַר pârar
- purpose · H6098עֵצָה ʻêtsâh
- days · H3117יוֹם yôwm
- Cyrus · H3566כּוֹרֶשׁ Kôwresh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Persia · H6539פָּרַס Pâraç
- reign · H4438מַלְכוּת malkûwth
- Darius · H1867דָּֽרְיָוֵשׁ Dârᵉyâvêsh
- king · H4428מֶלֶךְ melek
- Persia · H6539פָּרַס Pâraç