Ezra · chapter 5 · verse 5
Ezra 5:5 in Hindi
परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिये जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्हों ने इनको न रोका।
Parantu yahoodiyom ke puraniyom ke parameshvar kee drushti un par rahee, isaliye jab tak is baat kee charchaa daaraa se na kee gaee aur isake vishay chitthee ke dvaaraa uttar na milaa, tab tak unhom ne inako na rokaa.
Ezra 5:5 in English
- King James Version (KJV)
- But the eye of their God was upon the elders of the Jews, that they could not cause them to cease, till the matter came to Darius: and then they returned answer by letter concerning this [matter].
- World English Bible (WEB)
- But the eye of their God was on the elders of the Jews, and they didn’t make them cease until the matter should come to Darius, and an answer should be returned by letter concerning it.
- American Standard Version (ASV)
- But the eye of their God was upon the elders of the Jews, and they did not make them cease, till the matter should come to Darius, and then answer should be returned by letter concerning it.
- Bible in Basic English (BBE)
- But the eye of their God was on the chiefs of the Jews, and they did not make them give up working till the question had been put before Darius and an answer had come by letter about it.
- Darby Translation (DBY)
- But the eye of their God was upon the elders of the Jews, and they did not make them cease till the matter came to Darius; and then they returned answer by letter concerning it.
- Webster's Bible (WBS)
- But the eye of their God was upon the elders of the Jews, that they could not cause them to cease, till the matter came to Darius: and then they returned answer by letter concerning this [matter] .
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the eye of their God hath been upon the elders of the Jews, and they have not caused them to cease till the matter goeth to Darius, and then they send back a letter concerning this thing.
Read in context
- 3उसी समय महानद के इस पार का तत्तनै नाम अधिपति और शतब जनै अपने सहचरियों समेत उनके पास जाकर यों पूछने लगे, कि इस भवन के बनाने और इस शहरपनाह के खड़े करने की किस ने तुम को आज्ञा दी है?
- 4तब हम लोगों से यह कहा, कि इस भवन के बनानेवालों के क्या क्या नाम हैं?
- 5परन्तु यहूदियों के पुरनियों के परमेश्वर की दृष्टि उन पर रही, इसलिये जब तक इस बात की चर्चा दारा से न की गई और इसके विषय चिट्ठी के द्वारा उत्तर न मिला, तब तक उन्हों ने इनको न रोका।
- 6जो चिट्ठी महानद के इस पार के अधिपति तत्तनै और शतब जनै और महानद के इस पार के उनके सहचरी अपार्सकियों ने राजा दाना के पास भेजी उसकी नकल यह है;
- 7उन्हों ने उसको एक चिट्ठी लिखी, जिस में यह लिखा था: कि राजा दारा का कुशल क्षेम सब प्रकार से हो।
Cross references
- Psalm 33:18 भजन संहिता 33:18देखो, यहोवा की दृष्टि उसके डरवैयों पर और उन पर जो उसकी करूणा की आशा रखते हैं बनी रहती है,
- Ezra 7:6 एज्रा 7:6यही एज्रा मूसा की व्यवस्था के विष्य जिसे इस्राएल के परमेश्वर यहोवा ने दी थी, निपुण शास्त्री था। और उसके परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो उस पर रही, इसके कारण राजा ने उसका मुंह मांगा वर दे दिया।
- Ezra 7:28 एज्रा 7:28और मूझ पर राजा और उसके मंत्रियों और राजा के सब बड़े हाकिमों को दयालु किया। मेरे परमेश्वर यहोवा की कृपादृष्टि जो मुझ पर हुई, इसके अनुसार मॅं ने हियाव बान्धा, और इस्राएल में से मुख्य पुरूषों को इकट्ठा किया, कि वे मेरे संग चलें।
- 1 Peter 3:12 1 पतरस 3:12क्योंकि प्रभु की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान उस की बिनती की ओर लगे रहते हैं, परन्तु प्रभु बुराई करनेवालों के विमुख रहता है।।
- Psalm 32:8 भजन संहिता 32:8मैं तुझे बुद्धि दूंगा, और जिस मार्ग में तुझे चलना होगा उस में तेरी अगुवाई करूंगा; मैं तुझ पर कृपादृष्टि रखूंगा और सम्मत्ति दिया करूंगा।
- Ezra 8:22 एज्रा 8:22क्योंकि मैं मार्ग के शत्रुओं से वचने के लिये सिपाहियों का दल और सवार राजा से मांगने से लजाता थ, क्योंकि हम राजा से यह कह चुके थे कि हमारा परमेश्वर अपने सब खोजियों पर, भलाई के लिये कृपादृष्टि रखता है और जो उसे त्याग देते हैं, उसका बल और कोप उनके विरूद्ध है।
- Psalm 34:15 भजन संहिता 34:15यहोवा की आंखे धर्मियों पर लगी रहती हैं, और उसके कान भी उसकी दोहाई की ओर लगे रहते हैं।
- Psalm 76:10 भजन संहिता 76:10निश्चय मनुष्य की जलजलाहट तेरी स्तुति का कारण हो जाएगी, और जो जलजलाहट रह जाए, उसको तू रोकेगा।
- Ezra 6:6–12 एज्रा 6:6–12अब हे महानद के पार के अधिपति तत्तनै! हे शतब जनै! तुम अपने सहचरी महानद के पार के अपार्सकियों समेत वहां से अलग रहो; परमेश्वर के उस भवन के काम को रहने दो; यहूदियों का अधिपति और यहूदियों के पुरनिये परमेश्वर के उस भवन को उसी के स्थान पर बनाएं। वरन मैं आज्ञा देता हूं कि तुम्हें यहूदियों के उन पुरनियों से ऐसा बर्ताव करना होगा, कि परमेश्वर का वह भवन बनाया जाए; अर्थात् राजा के धन में से, महानद के पार के कर में से, उन पुरूषों का फुत के साथ खर्चा दिया जाए; ऐसा न हो कि उनको रूकना पड़े। और क्या बछड़े! क्या मेढ़े! क्या मेम्ने! स्वर्ग के परमेश्वर के होमबलियों के लिये जिस जिस वस्तु का उन्हें प्रयोजन हो, और जितना गेहूं, नमक, दाखमधु और तेल यरूशलेम के याजक कहें, वह सब उन्हें बिना भूल चूक प्रतिदिन दिया जाए, इसलिये कि वे स्वर्ग के परमेश्वर को सुखदायक सुगन्धवाले बलि चढ़ाकर, राजा और राजकुमारों के दीर्धायु के लिये प्रार्थना किया करें। फिर मैं ने आज्ञा दी है, कि जो कोई यह आज्ञा टाले, उसके घर में से कड़ी निकाली जाए, और उस पर वह स्वयं चढ़ाकर जकड़ा जाए, और उसका घर इस अपराध के कारण घूरा बनाया जाए। और परमेश्वर जिस ने वहां अपने नाम का निवास ठहराया है, वह क्या राजा क्या प्रजा, उन सभों को जो यह आज्ञा टालने और परमेश्वर के भवन को जो यरूशलेम में है नाश करने के लिये हाथ बढ़ाएं, नष्ट करें। मुझ दारा ने यह आज्ञा दी है फुत से ऐसा ही करना।
- 2 Chronicles 16:9 2 इतिहास 16:9देख, यहोवा की दृष्टि सारी पृथ्वी पर इसलिये फिरती रहती है कि जिनका मन उसकी ओर निष्कमट रहता है, उनकी सहायता में वह अपना सामर्थ दिखाए। तूने यह काम मूर्खता से किया है, इसलिये अब से तू लड़ाइयों मे फंसा रहेगा।
- Psalm 129:2–5 भजन संहिता 129:2–5मेरे बचपन से वे मुझ को बार बार क्लेश देते तो आए हैं, परन्तु मुझ पर प्रबल नहीं हुए। हलवाहों ने मेरी पीठ के ऊपर हल चलाया, और लम्बी लम्बी रेखाएं कीं। यहोवा धर्मी है; उस ने दुष्टों के फन्दों को काट डाला है। जितने सिरयोन से बैर रखते हैं, उन सभों की आशा टूटे, ओर उनको पीछे हटना पड़े!
- Philippians 1:28 फिलिप्पियों 1:28और किसी बात में विरोधियों से भय नहीं खाते? यह उन के लिये विनाश का स्पष्ट चिन्ह है, परन्तु तुम्हारे लिये उद्धार का, और यह परमेश्वर की ओर से है।
Original words (Hebrew)
- eye · H5870עַיִן ʻayin
- God · H426אֱלָהּ ʼĕlâhh
- was · H1934הָוָא hâvâʼ
- upon · H5922עַל ʻal
- elders · H7868שִׂיב sîyb
- Jews · H3062יְהוּדָאִי Yᵉhûwdâʼîy
- not · H3809לָא lâʼ
- cause · H989בְּטֵל bᵉṭêl
- them · H1994הִמּוֹ himmôw
- cease · H989בְּטֵל bᵉṭêl
- till · H5705עַד ʻad
- matter · H2941טַעַם ṭaʻam
- came · H1946הוּךְ hûwk
- Darius · H1868דָּֽרְיָוֵשׁ Dârᵉyâvêsh
- then · H116אֱדַיִן ʼĕdayin
- answer · H8421תּוּב tûwb
- letter · H5407נִשְׁתְּוָן nishtᵉvân
- concerning · H5922עַל ʻal
- this · H1836דֵּן dên