Ezra · chapter 9 · verse 5
Ezra 9:5 in Hindi
परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्रा और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैलाकर कहा,
Parantu saanjh kee bhent ke samay maim vastraa aur baagaa phaade hue upavaas kee dashaa mem uthaa, phir ghutanom ke bal jhukaa, aur apane haath apane parameshvar yahovaa kee or phailaakar kahaa,
Ezra 9:5 in English
- King James Version (KJV)
- And at the evening sacrifice I arose up from my heaviness; and having rent my garment and my mantle, I fell upon my knees, and spread out my hands unto the LORD my God,
- World English Bible (WEB)
- At the evening offering I rose up from my humiliation, even with my garment and my robe torn; and I fell on my knees, and spread out my hands to the LORD my God;
- American Standard Version (ASV)
- And at the evening oblation I arose up from my humiliation, even with my garment and my robe rent; and I fell upon my knees, and spread out my hands unto Jehovah my God;
- Bible in Basic English (BBE)
- And at the evening offering, having made myself low before God, I got up, and with signs of grief, falling down on my knees, with my hands stretched out to the Lord my God,
- Darby Translation (DBY)
- And at the evening oblation I arose up from my humiliation; and with my mantle and my garment rent, I fell on my knees, and spread out my hands to Jehovah my God,
- Webster's Bible (WBS)
- And at the evening sacrifice I arose from my heaviness; and having rent my garment and my mantle, I fell upon my knees, and spread out my hands to the LORD my God,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And at the present of the evening I have risen from mine affliction, and at my rending my garment and my upper robe, then I bow down on my knees, and spread out my hands unto Jehovah my God,
Read in context
- 3यह बात सुनकर मैं ने अपने वस्त्रा और बागे को फाड़ा, और अपने सिर और दाढ़ी के बाल नोचे, और विस्मित होकर बैठा रहा।
- 4तब जितने लोग इस्राएल के परमेश्वर के वचन सुनकर बन्धुआई से आए हुए लोगों के विश्वासघात के कारण थरथराते थे, सब मेरे पास इकट्ठे हुए, और मैं सांझ की भेंट के समय तक विस्मित होकर बैठा रहा।
- 5परन्तु सांझ की भेंट के समय मैं वस्त्रा और बागा फाड़े हुए उपवास की दशा में उठा, फिर घुटनों के बल झुका, और अपने हाथ अपने परमेश्वर यहोवा की ओर फैलाकर कहा,
- 6हे मेरे परमेश्वर! मुझे तेरी ओर अपना मुंह उठाते लाज आती है, और हे मेरे परमेश्वर! मेरा मुंह काला है; क्योंकि हम लोगों के अधर्म के काम हमारे सिर पर बढ़ गए हैं, और हमारा दोष बढते आकाश तक पहुंचा है
- 7अपने पुरखाओं के दिनों से लेकर आज के दिन तक हम बड़े दोषी हैं, और अपने अधर्म के कामों के कारण हम अपने राजाओं और याजकों समेत देश देश के राजाओं के हाथ में किए गए कि तलवार, बन्धुआई, लूटे जाने, और मुंह काला हो जाने की विपत्तियों में पड़ें जैसे कि आज हमारी दशा है।
Cross references
- 1 Kings 8:38 1 राजा 8:38तब यदि कोई मनुष्य वा तेरी प्रजा इस्राएल अपने अपने मन का दु:ख जान लें, और गिड़गिड़ाहट के साथ प्रार्थना करके अपने हाथ इस भवन की ओर फैलाएं;
- 1 Kings 8:22 1 राजा 8:22तब सुलैमान इस्राएल की पूरी सभा के देखते यहोवा की वेदी के साम्हने खड़ा हुआ, और अपने हाथ स्वर्ग की ओर फैलाकर कहा, हे यहोवा!
- 1 Kings 8:54 1 राजा 8:54जब सुलैमान यहोवा से यह सब प्रार्थना गिड़गिड़ाहट के साथ कर चुका, तब वह जो घुटने टेके और आकाश की ओर हाथ फैलाए हुए था, सो यहोवा की वेदी के साम्हने से उठा,
- Exodus 9:29 निर्गमन 9:29मूसा ने उस से कहा, नगर से निकलते ही मैं यहोवा की ओर हाथ फैलाऊंगा, तब बादल का गरजना बन्द हो जाएगा, और ओले फिर न गिरेंगे, इस से तू जान लेगा कि पृथ्वी यहोवा ही की है।
- Exodus 9:33 निर्गमन 9:33जब मूसा ने फिरौन के पास से नगर के बाहर निकलकर यहोवा की ओर हाथ फैलाए, तब बादल का गरजना और ओलों का बरसना बन्द हुआ, और फिर बहुत मेंह भूमि पर न पड़ा।
- Psalm 143:6 भजन संहिता 143:6मैं तेरी ओर अपने हाथ फैलाए हूए हूं; सूखी भूमि की नाईं मैं तेरा प्यासा हूं।।
- 2 Chronicles 6:13 2 इतिहास 6:13सुलैमान ने पांच हाथ लम्बी, पांच हाथ चौड़ी और तीन हाथ ऊंची पीतल की एक चौकी बनाकर आंगन के बीच रखवाई थी; उसी पर खड़े हो कर उसने सारे इस्राएल की सभा के सामने घुटने टेक कर स्वर्ग की ओर हाथ फैलाए हुए कहा,
- Ephesians 3:14 इफिसियों 3:14मैं इसी कारण उस पिता के साम्हने घुटने टेकता हूं,
- Psalm 95:6 भजन संहिता 95:6आओ हम झुककर दण्डवत् करें, और अपने कर्ता यहोवा के साम्हने घुटने टेकें!
- Psalm 141:2 भजन संहिता 141:2मेरी प्रार्थना तेरे साम्हने सुगन्ध धूप, और मेरा हाथ फैलाना, संध्याकाल का अन्नबलि ठहरे!
- Acts 21:5 प्रेरितों के काम 21:5जब वे दिन पूरे हो गए, तो हम वहां से चल दिए; ओर सब स्त्रियों और बालकों समेत हमें नगर के बाहर तक पहुंचाया और हम ने किनारे पर घुटने टेककर प्रार्थना की।
- Luke 22:41 लूका 22:41और वह आप उन से अलग एक ढेला फेंकने के टप्पे भर गया, और घुटने टेककर प्रार्थना करने लगा।
Original words (Hebrew)
- evening · H6153עֶרֶב ʻereb
- sacrifice · H4503מִנְחָה minchâh
- up · H6965קוּם qûwm
- heaviness · H8589תַּעֲנִית taʻănîyth
- rent · H7167קָרַע qâraʻ
- garment · H899בֶּגֶד beged
- mantle · H4598מְעִיל mᵉʻîyl
- fell · H3766כָּרַע kâraʻ
- knees · H1290בֶּרֶךְ berek
- out · H6566פָּרַשׂ pâras
- hands · H3709כַּף kaph
- God · H430אֱלֹהִים ʼĕlôhîym