Galatians · chapter 3 · verse 22
Galatians 3:22 in Hindi
परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।।
Parantu pavitraa shaastraa ne sab ko paap ke aadheen kar diyaa, taaki vah pratijnyaa jis kaa aadhaar yeeshu maseeh par vishvaas karanaa hai, vishvaas karanevaalom ke liye pooree ho jaae..
Galatians 3:22 in English
- King James Version (KJV)
- But the scripture hath concluded all under sin, that the promise by faith of Jesus Christ might be given to them that believe.
- World English Bible (WEB)
- But the Scripture imprisoned all things under sin, that the promise by faith in Jesus Christ might be given to those who believe.
- American Standard Version (ASV)
- But the scripture shut up all things under sin, that the promise by faith in Jesus Christ might be given to them that believe.
- Bible in Basic English (BBE)
- However, the holy Writings have put all things under sin, so that that for which God gave the undertaking, based on faith in Jesus Christ, might be given to those who have such faith.
- Darby Translation (DBY)
- but the scripture has shut up all things under sin, that the promise, on the principle of faith of Jesus Christ, should be given to those that believe.
- Webster's Bible (WBS)
- But the scripture hath concluded all under sin, that the promise by faith of Jesus Christ might be given to them that believe.
- Young's Literal Translation (YLT)
- but the Writing did shut up the whole under sin, that the promise by faith of Jesus Christ may be given to those believing.
Read in context
- 20मध्यस्थ तो एक का नहीं होता, परन्तु परमेश्वर एक ही है।
- 21तो क्या व्यवस्था परमेश्वर की प्रतिज्ञाओं के विरोध में है? कदापि न हो? क्योंकि यदि ऐसी व्यवस्था दी जाती जो जीवन दे सकती, तो सचमुच धार्मिकता व्यवस्था से होती।
- 22परन्तु पवित्रा शास्त्रा ने सब को पाप के आधीन कर दिया, ताकि वह प्रतिज्ञा जिस का आधार यीशु मसीह पर विश्वास करना है, विश्वास करनेवालों के लिये पूरी हो जाए।।
- 23पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की अधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होनेवाला था, हम उसी के बन्धन में रहे।
- 24इसलिये व्यवस्था मसीह तक पहुंचाने को हमारा शिक्षक हुई है, कि हम विश्वास से धर्मी ठहरें।
Cross references
- Romans 11:32 रोमियों 11:32ैक्योंकि परमेश्वर ने सब को आज्ञा न मानने के कारण बन्द कर रखा ताकि वह सब पर दया करे।।
- Hebrews 9:15 इब्रानियों 9:15और इसी कारण वह नई वाचा का मध्यस्थ है, ताकि उस मृत्यु के द्वारा जो पहिली वाचा के समय के अपराधों से छुटकारा पाने के लिये हुई है, बुलाए हुए लोग प्रतिज्ञा के अनुसार अनन्त मीरास को प्राप्त करें।
- John 11:25–26 यूहन्ना 11:25–26यीशु ने उस से कहा, पुनरूत्थान और जीवन मैं ही हूं, जा कोई मुझ पर विश्वास करता है वह यदि मर भी जाए, तौभी जीएगा। और जो कोई जीवता है, और मुझ पर विश्वास करता है, वह अनन्तकाल तक न मरेगा, क्या तू इस बात पर विश्वास करती है?
- Galatians 3:23 गलातियों 3:23पर विश्वास के आने से पहिले व्यवस्था की अधीनता में हमारी रखवाली होती थी, और उस विश्वास के आने तक जो प्रगट होनेवाला था, हम उसी के बन्धन में रहे।
- 1 John 2:25 1 यूहन्ना 2:25और जिस की उस ने हम से प्रतिज्ञा की वह अनन्त जीवन है।
- John 3:36 यूहन्ना 3:36जो पुत्रा पर विश्वास करता है, अनन्त जीवन उसका है; परन्तु जो पुत्रा की नहीं मानता, वह जीवन को नहीं देखेगा, परन्तु परमेश्वर का क्रोध उस पर रहता है।।
- Romans 5:20–21 रोमियों 5:20–21और व्यवस्था बीच में आ गई, कि अपराध बहुत हो, परन्तु जहां पाप बहुत हुआ, वहां अनुग्रह उस से भी कहीं अधिक हुआ। कि जैसा पाप ने मृत्यु फैलाते हुए राज्य किया, वैसा ही हमारे प्रभु यीशु मसीह के द्वारा अनुग्रह भी अनन्त जीवन के लिये धर्मी ठहराते हुए राज्य करे।।
- Romans 3:9–20 रोमियों 3:9–20तो फिर क्या हुआ? क्या हम उन से अच्छे हैं? कभी नही; क्योंकि हम यहूदियों और यूनानियों दोनों पर यह दोष लगा चुके हैं कि वे सब के सब पाप के वश में हैं। जैसा लिखा है, कि कोई धर्मी नहीं, एक भी नहीं। कोई समझदार नहीं, कोई परमेश्वर का खोजनेवाला नहीं। सब भटक गए हैं, सब के सब निकम्मे बन गए, कोई भलाई करनेवाला नहीं, एक भी नहीं। उन का गला खुली हुई कब्र है: उन्हीं ने अपनी जीभों से छल किया है: उन के होठों में सापों का विष है। और उन का मुंह श्राप और कड़वाहट से भरा है। उन के पांव लोहू बहाने को फुर्तीले हैं। उन के मार्गों में नाश और क्लेश है। उन्हों ने कुशल का मार्ग नहीं जाना। उन की आंखों के साम्हने परमेश्वर का भय नहीं। हम जानते हैं, कि व्यवस्था जो कुछ कहती है उन्हीं से कहती है, जो व्यवस्था के आधीन हैं: इसलिये कि हर एक मुंह बन्द किया जाए, और सारा संसार परमेश्वर के दण्ड के योग्य ठहरे। क्योंकि व्यवस्था के कामों से कोई प्राणी उसके साम्हने धर्मी नहीं ठहरेगा, इसलिये कि व्यवस्था के द्वारा पाप की पहिचान होती है।
- 1 John 3:23–24 1 यूहन्ना 3:23–24और उस की आज्ञा यह है कि हम उसके पुत्रा यीशु मसीह के नाम पर विश्वास करें और जैसा उस ने हमें आज्ञा दी है उसी के अनुसार आपस में प्रेम रखें। और जो उस की आज्ञाओं को मानता है, वह इस में, और यह उस में बना रहता है: और इसी से, अर्थात् उस आत्मा से जो उस ने हमें दिया है, हम जानते हैं, कि वह हम में बना रहता है।।
- John 5:24 यूहन्ना 5:24मैं तुम से सच सच कहता हूं, जो मेरा वचन सुनकर मेरे भेजनेवाले की प्रतीति करता है, अनन्त जीवन उसका है, और उस पर दंड की आज्ञा नहीं होती परन्तु वह मृत्यु से पार होकर जीवन में प्रवेश कर चुका है।
- Psalm 143:2 भजन संहिता 143:2और अपने दास से मुक मा न चला! क्योंकि कोई प्राणी तेरी दृष्टि में निर्दोष नहीं ठहर सकता।।
- John 12:46 यूहन्ना 12:46मैं जगत में ज्योति होकर आया हूं ताकि जो कोई मुझ पर विश्वास करे, वह अन्धकार में ने रहे।
Original words (Greek)
- But · G235ἀλλά allá
- scripture · G1124γραφή graphḗ
- concluded · G4788συγκλείω synkleíō
- all · G3956πᾶς pâs
- under · G5259ὑπό hypó
- sin · G266ἁμαρτία hamartía
- that · G2443ἵνα hína
- promise · G1860ἐπαγγελία epangelía
- by · G1537ἐκ ek
- faith · G4102πίστις pístis
- Jesus · G2424Ἰησοῦς Iēsoûs
- Christ · G5547Χριστός Christós
- given · G1325δίδωμι dídōmi
- that · G3588ὁ ho
- believe · G4100πιστεύω pisteúō