Galatians · chapter 5 · verse 19
Galatians 5:19 in Hindi
शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन।
Shareer ke kaam to pragat haim, arthaat vyabhichaar, gande kaam, luchapan.
Galatians 5:19 in English
- King James Version (KJV)
- Now the works of the flesh are manifest, which are [these]; Adultery, fornication, uncleanness, lasciviousness,
- World English Bible (WEB)
- Now the deeds of the flesh are obvious, which are: adultery, sexual immorality, uncleanness, lustfulness,
- American Standard Version (ASV)
- Now the works of the flesh are manifest, which are [these]: fornication, uncleanness, lasciviousness,
- Bible in Basic English (BBE)
- Now the works of the flesh are clear, which are these: evil desire, unclean things, wrong use of the senses,
- Darby Translation (DBY)
- Now the works of the flesh are manifest, which are fornication, uncleanness, licentiousness,
- Webster's Bible (WBS)
- Now the works of the flesh are manifest, which are [these] , Adultery, fornication, uncleanness, lasciviousness,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And manifest also are the works of the flesh, which are: Adultery, whoredom, uncleanness, lasciviousness,
Read in context
- 17क्योंकि शरीर आत्मा के विरोध में लालसा करती है, और ये एक दूसरे के विरोधी हैं; इसलिये कि जो तुम करना चाहते हो वह न करने पाओ।
- 18और यदि तुम आत्मा के चलाए चलते हो तो व्यवस्था के आधीन न रहे।
- 19शरीर के काम तो प्रगट हैं, अर्थात् व्यभिचार, गन्दे काम, लुचपन।
- 20मूत्ति पूजा, टोना, बैर, झगड़ा, ईर्ष्या, क्रोध, विरोध, फूट, विधर्म।
- 21डाह, मलवालापन, लीलाक्रीड़ा, और इन के ऐसे और और काम हैं, इन के विषय में मैं तुम को पहिले से कह देता हूं जैसा पहिले कह भी चुका हूं, कि ऐसे ऐसे काम करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे।
Cross references
- 1 Corinthians 6:9–10 1 कुरिन्थियों 6:9–10क्या तुम नहीं जानते, कि अन्यायी लोग परमेश्वर के राज्य के वारिस न होंगे? धोखा न खाओ, न वेश्यागामी, न मूत्तिपूजक, न परस्त्रीगामी, न लुच्चे, न पुरूषगामी। न चोर, न लोभी, न पियक्कड़, न गाली देनेवाले, न अन्धेर करनेवाले परमेश्वर के राज्य के वारिस होंगे।
- Colossians 3:5–8 कुलुस्सियों 3:5–8इसलिये अपने उन अंगो को मार डालो, जो पृथ्वी पर हैं, अर्थात् व्यभिचार, अशुद्धता, दुष्कामना, बुरी लालसा और लोभ को जो मूर्ति पूजा के बराबर है। इन ही के कारण परमेश्वर का प्रकोप आज्ञा न माननेवालों पर पड़ता है। और तुम भी, जब इन बुराइयों में जीवन बिताते थे, तो इन्हीं के अनुसार चलते थे। पर अब तुम भी इन सब को अर्थात् क्रोध, रोष, बैरभाव, निन्दा, और मुंह से गालियां बकना ये सब बातें छोड़ दो।
- Matthew 15:18–19 मत्ती 15:18–19पर जो कुछ मुंह से निकलता है, वह मन से निकलता है, और वही मनुष्य को अशुद्ध करता है। क्योंकि कुचिन्ता, हत्या, परस्त्रीगमन, व्यभिचार, चोरी, झूठी गवाही और निन्दा मन ही से निकलती है।
- 1 Peter 4:2–4 1 पतरस 4:2–4ताकि भविष्य में अपना शेष शारीरिक जीवन मनुष्यों की अभिलाषाओं के अनुसार नहीं बरन परमेश्वर की इच्छा के अनुसार व्यतीत करो। क्योंकि अन्यजातियों की इच्छा के अनुसार काम करने, और लुचपन की बुरी अभिलाषाओं, मतवालापन, लीलाक्रीड़ा, पियक्कड़पन, और घृणित मूत्तिपूजा में जहां तक हम ने पहिले से समय गंवाया, वही बहुत हुआ। इस से वे अचम्भा करते हैं, कि तुम ऐसे भारी लुचपन में उन का साथ नहीं देते, और इसलिये वे बुरा भला कहते हैं।
- Revelation 21:8 प्रकाशितवाक्य 21:8पर डरपोकों, और अविश्वासियों, और घिनौनों, और हत्यारों, और व्यभिचारियों, और टोन्हों, और मूर्तिपूजकों, और सब झूठों का भाग उस झील में मिलेगा, जो आग और गन्धक से जलती रहती है: यह दूसरी मृत्यु है।।
- Ephesians 5:3–6 इफिसियों 5:3–6और जैसा पवित्रा लागों के योग्य है, वैसा तु में व्यभिचार, और किसी प्रकार अशुद्ध काम, या लोभ की चर्चा तक न हो। और न निर्लज्जता, न मूढ़ता की बातचीत की, न ठट्ठे की, क्योंकि ये बातें सोहती नहीं, बरन धन्यवाद ही सुना जाएं। क्योंकि तुम यह जानते हो, कि किसी व्यभिचारी, या अशुद्ध जन, या लोभी मनुष्य की, जो मूरत पूजनेवाले के बराबर है, मसीह और परमेश्वर के राज्य में मीरास नहीं। कोई तुम्हें व्यर्थ बातों से धोखा न दे; क्योंकि इन ही कामों के कारण परमेश्वर का क्रोध आज्ञा ने माननेवालों पर भड़कता है।
- Galatians 6:8 गलातियों 6:8क्योंकि जो अपने शरीर के लिये बोता है, वह शरीर के द्वारा विनाश की कटनी काटेगा; और जो आत्मा के लिये बोता है, वह आत्मा के द्वारा अनन्त जीवन की कटनी काटेगा।
- 1 Corinthians 3:3 1 कुरिन्थियों 3:3क्योंकि अब तक शारीरिक हो, इसलिये, कि जब तुम में डाह और झगड़ा है, तो क्या तुम शारीरिक नहीं? और मनुष्य की रीति पर नहीं चलते?
- Titus 3:3 तीतुस 3:3क्योंकि हम भी पहिले, निर्बुद्धि, और आज्ञा न माननेवाले, और भ्रम में पड़े हुए, और रंग रंग के अभिलाषाओं और सुखविलास के दासत्व में थे, और बैरभाव, और डाह करने में जीवन निर्वाह करते थे, और घृणित थे, और एक दूसरे से बैर रखते थे।
- Romans 8:13 रोमियों 8:13क्योंकि यदि तुम शरीर के अनुसार दिन काटोगे, तो मरोगे, यदि आत्मा से देह की क्रियाओं को मारोगे, तो जीवित रहोगे।
- Mark 7:21–23 मरकुस 7:21–23क्योंकि भीतर से अर्थात् मनुष्य मे मन से, बुरी बुरी चिन्ता व्यभिचार। चोरी, हत्या, परस्त्रीगमन, लोभ, दुष्टता, छल, लुचपन, कुदृष्टि, निन्दा, अभिमान, और मूर्खता निकलती हैं। ये सब बुरी बातें भीतर ही से निकलती हैं और मनुष्य को अशुद्ध करती हैं।।
- Romans 8:5 रोमियों 8:5क्योंकि शरीरिक व्यक्ति शरीर की बातों पर मन लगाते हैं; परन्तु आध्यात्मिक आत्मा की बातों पर मन लगाते हैं।
Original words (Greek)
- Now · G1161δέ dé
- works · G2041ἔργον érgon
- flesh · G4561σάρξ sárx
- are · G2076ἐστί estí
- manifest · G5318φανερός phanerós
- which · G3748ὅστις hóstis
- are · G2076ἐστί estí
- Adultery · G3430μοιχεία moicheía
- fornication · G4202πορνεία porneía
- uncleanness · G167ἀκαθαρσία akatharsía
- lasciviousness · G766ἀσέλγεια asélgeia