Genesis · chapter 10 · verse 11
Genesis 10:11 in Hindi
उस देश से वह निकलकर अश्शूर् को गया, और नीनवे, रहोबोतीर, और कालह को,
Us desh se vah nikalakar ashshoor ko gayaa, aur neenave, rahoboteer, aur kaalah ko,
Genesis 10:11 in English
- King James Version (KJV)
- Out of that land went forth Asshur, and builded Nineveh, and the city Rehoboth, and Calah,
- World English Bible (WEB)
- Out of that land he went into Assyria, and built Nineveh, Rehoboth Ir, Calah,
- American Standard Version (ASV)
- Out of that land he went forth into Assyria, and builded Nineveh, and Rehoboth-Ir, and Calah,
- Bible in Basic English (BBE)
- From that land he went out into Assyria, building Nineveh with its wide streets and Calah,
- Darby Translation (DBY)
- From that land went out Asshur, and built Nineveh, and Rehoboth-Ir, and Calah,
- Webster's Bible (WBS)
- Out of that land went forth Ashur, and built Nineveh, and the city Rehoboth, and Calah,
- Young's Literal Translation (YLT)
- from that land he hath gone out to Asshur, and buildeth Nineveh, even the broad places of the city, and Calah,
Read in context
- 9वही यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलनेवाला ठहरा, इस से यह कहावत चली है; कि निम्रोद के समान यहोवा की दृष्टि में पराक्रमी शिकार खेलनेवाला।
- 10और उसके राज्य का आरम्भ शिनार देश में बाबुल, अक्कद, और कलने हुआ।
- 11उस देश से वह निकलकर अश्शूर् को गया, और नीनवे, रहोबोतीर, और कालह को,
- 12और नीनवे और कालह के बीच रेसेन है, उसे भी बसाया, बड़ा नगर यही है।
- 13और मि के वंश में लूदी, अनामी, लहाबी, नप्तूही,
Cross references
- Micah 5:6 मीका 5:6और वे अश्शूर के देश को वरन पैठाव के स्थानों तक निम्रोद के देश केा तलवार चलाकर मार लेंगे; और जब अश्शूरी लोग हमारे देश में आएं, और उसके सिवाने के भीतर पांव धरें, तब वही पुरूष हम को उन से बचाएगा।
- Jonah 1:2 योना 1:2उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और उसके विरूद्ध प्रचार कर; क्योंकि उसकी बुराई मेरी दृष्टि में बढ़ गई है।
- Nahum 1:1 नहूम 1:1नीनवे के विषय में भारी वचन। एल्कोशी नहूम के दर्शन की पुस्तक।।
- Psalm 83:8 भजन संहिता 83:8इनके संग अश्शूरी भी मिल गए हैं; उन से भी लोतवंशियों को सहारा मिला है।
- Isaiah 37:37 यशायाह 37:37तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया और लौटकर नीनवे में रहने लगा।
- Ezekiel 27:23 यहेजकेल 27:23हारान, कन्ने, एदेन, शबा के व्योपारी, और अश्शूर और कलमद, ये सब तेरे व्योपारी ठहरे।
- Ezra 4:2 एज्रा 4:2तब वे जरूब्बाबेल और पूर्वजों के घरानों के मुख्य मुख्य पुरूषों के पास आकर उन से कहने लगे, हमें भी अपने संग बनाने दो; क्योंकि तुम्हारी नाई हम भी तुम्हारे परमेश्वर की खोज में लगे हुए हैं, और अश्शूर का राजा एसर्हद्दॊन जिस ने हमें यहां पहुंचाया, उसके दिनों से हम उसी को बलि चढ़ाते भी हैं।
- Numbers 24:22 गिनती 24:22तौभी केन उजड़ जाएगा। और अन्त में अश्शूर् तुझे बन्धुआई में ले आएगा।।
- 2 Kings 19:36 2 राजा 19:36तब अश्शूर का राजा सन्हेरीब चल दिया, और लौटकर नीनवे में रहने लगा।
- Zephaniah 2:13 सपन्याह 2:13वह अपना हाथ उत्तर दिशा की ओर बढ़ाकर अश्शूर को नाश करेगा, और नीनवे को उजाड़ कर जंगल के समान निर्जल कर देगा।
- Nahum 3:7 नहूम 3:7और जितने तुझे देखेंगे, सब तेरे पास से भागकर कहेंगे, नीनवे नाश हो गई; कौन उसके कारण विलाप करे? हम उसके लिये शान्ति देनेवाला कहां से ढूंढ़कर ले आएं?
- Jonah 3:1–10 योना 3:1–10तब यहोवा का यह वचन दूसरी बार योना के पास पहुंचा, उठकर उस बड़े नगर नीनवे को जा, और जो बात मैं तुझ से कहूंगा, उसका उस में प्रचार कर। तब योना यहोवा के वचन के अनुसार नीनवे को गया। नीनवे एक बहुत बड़ा लगर था, वह तीन दिन की यात्रा का था। और योना ने नगर में प्रवेश करके एक दिन की यात्रा पूरी की, और यह प्रचार करता गया, अब से चालीस दिन के बीतने पर नीनवे उलट दिया जाएगा। तब नीनवे के मनुष्यों ने परमेश्वर के वचन की प्रतीति की; और उपवास का प्रचार किया गया और बड़े से लेकर छोटे तक सभों ने टाट ओढ़ा। तब यह समाचार नीनवे के राजा के कान में पहुंचा; और उस ने सिंहासन पर से उठ, अपना राजकीय ओढ़ना उतारकर टाट ओढ़ लिया, और राख पर बैठ गया। और राजा के प्रधानों से सम्मति लेकर नीनवे में इस आज्ञा का ढींढोरा पिटवाया, कि क्या मनुष्य, क्या गाय- बैल, क्या भेड़- बकरी, या और पशु, कोई कुछ भी न खाएं; वे ने खांए और न पानी पीवें। और मनुष्य और पशु दोनों टाट ओढ़ें, और वे परमेश्वर की दोहाई चिल्ला- चिल्ला कर दें; और अपने कुमार्ग से फिरें; और उस उपद्रव से, जो वे करते हैं, पश्चाताप करें। सम्भव है, परमेश्वर दया करे और अपनी इच्छा बदल दे, और उसका भड़का हुआ कोप शान्त हो जाए और हम नाश होने से बच जाएं।। जब परमेश्वर ने उनके कामों को देखा, कि वे कुमार्ग से फिर रहे हैं, तब परमेश्वर ने अपनी इच्छा बदल दी, और उनकी जो हानि करने की ठानी थी, उसको न किया।।