Genesis · chapter 10 · verse 15
Genesis 10:15 in Hindi
फिर कनान के वंश में उसका ज्येष्ठ सीदोन, तब हित्त,
Phir kanaan ke vansh mem usakaa jyeshth seedon, tab hitt,
Genesis 10:15 in English
- King James Version (KJV)
- And Canaan begat Sidon his firstborn, and Heth,
- World English Bible (WEB)
- Canaan became the father of Sidon (his firstborn), Heth,
- American Standard Version (ASV)
- And Canaan begat Sidon his first-born, and Heth,
- Bible in Basic English (BBE)
- And Canaan was the father of Zidon, who was his oldest son, and Heth,
- Darby Translation (DBY)
- — And Canaan begot Sidon, his firstborn, and Heth,
- Webster's Bible (WBS)
- And Canaan begat Sidon his first-born, and Heth,
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Canaan hath begotten Sidon his first-born, and Heth,
Read in context
- 13और मि के वंश में लूदी, अनामी, लहाबी, नप्तूही,
- 14और पत्रुसी, कसलूही, और कप्तोरी लोग हुए, कसलूहियों मे से तो पलिश्ती लोग निकले।।
- 15फिर कनान के वंश में उसका ज्येष्ठ सीदोन, तब हित्त,
- 16और यबूसी, एमोरी, गिर्गाशी,
- 17हिव्वी, अर्की, सीनी,
Cross references
- Numbers 34:2–15 गिनती 34:2–15इस्त्राएलियों को यह आज्ञा दे, कि जो देश तुम्हारा भाग होगा वह तो चारों ओर से सिवाने तक का कनान देश है, इसलिये जब तुम कनान देश मे पहुंचों, तब तुम्हारा दक्खिनी प्रान्त सीन नाम जंगल से ले एदोम देश के किनारे किनारे होता हुआ चला जाए, और तुम्हारा दक्खिनी सिवाना खारे ताल के सिरे पर आरम्भ होकर पश्चिम की ओर चले; वहां से तुम्हारा सिवाना अक्रब्बीम नाम चढ़ाई की दक्खिन की ओर पहुंचकर मुड़े, और सीन तक आए, और कादेशबर्ने की दक्खिन की ओर निकले, और हसरस्रार तक बढ़के अस्मोन तक पहुंचे; फिर वह सिवाना अस्मोन से घूमकर मि के नाले तक पहुंचे, और उसका अन्त समुद्र का तट ठहरे। फिर पच्छिमी सिवाना महासमुद्र हो; तुम्हारा पच्छिमी सिवाना यही ठहरे। और तुम्हारा उत्तरीय सिवाना यह हो, अर्थात् तुम महासमुद्र से ले होर पर्वत तक सिवाना बन्धाना; और होर पर्वत से हामात की घाटी तक सिवाना बान्धना, और वह सदाद पर निकले; फिर वह सिवाना जिप्रोन तक पहुंचे, और हसरेनान पर निकले; तुम्हारा उत्तरीय सिवाना यही ठहरे। फिर अपना पूरबी सिवाना हसरेनान से शपाम तक बान्धना; और वह सिवाना शपाम से रिबला तक, जो ऐन की पूर्व की ओर है, नीचे को उतरते उतरते किन्नेरेत नाम ताल के पूर्व से लग जाए; और वह सिवाना यरदन तक उतरके खारे ताल के तट पर निकले। तुम्हारे देश के चारों सिवाने ये ही ठहरें। तब मूसा ने इस्त्राएलियों से फिर कहा, जिस देश के तुम चिट्ठी डालकर अधिकारी होगे, और यहोवा ने उसे साढ़े नौ गोत्रा के लोगों को देने की आज्ञा दी है, वह यही है; परन्तु रूबेनियों और गादियों के गोत्रा तो अपने अपने पितरों के कुलों के अनुसार अपना अपना भाग पा चुके हैं, और मनश्शे के आधे गोत्रा के लोग भी अपना भाग पा चुके हैं; अर्थात् उन अढ़ाई गोत्रों के लोग यरीहो के पास की यरदन के पार पूर्व दिशा में, जहां सूर्योदय होता है, अपना अपना भाग पा चुके हैं।।
- Exodus 34:11 निर्गमन 34:11जो आज्ञा मैं आज तुम्हें देता हूं उसे तुम लोग मानना। देखो, मैं तुम्हारे आगे से एमोरी, कनानी, हित्ती, परिज्जी, हिब्बी, और यबूसी लोगों को निकालता हूं।
- Genesis 15:18–21 उत्पत्ति 15:18–21उसी दिन यहोवा ने अब्राम के साथ यह वाचा बान्धी, कि मि के महानद से लेकर परात नाम बड़े नद तक जितना देश है, अर्थात्, केनियों, कनिज्जियों, कद्मोनियों, हित्तियों, परीज्जियों, रपाइयों, एमोरियों, कनानियों, गिर्गाशियों और यबूसियों का देश मैं ने तेरे वंश को दिया है।।
- 1 Chronicles 1:13 1 इतिहास 1:13कनान से उसका जेठा सीदोन और हित्त।
- Genesis 23:3 उत्पत्ति 23:3तब इब्राहीम अपने मुर्दे के पास से उठकर हित्तियों से कहने लगा,
- 2 Samuel 11:3 2 शमूएल 11:3जब दाऊद ने भेजकर उस स्त्री को पुछवाया, तब किसी ने कहा, क्या यह एलीआम की बेटी, और हित्तद्दी ऊरिरयाह की पत्नी बतशेबा नहीं है?
- Joshua 11:8 यहोशू 11:8और यहोवा ने उनको इस्राएलियों के हाथ में कर दिया, इसलिये उन्हों ने उन्हें मार लिया, और बड़े नगर सीदोन और मि पोतमैत तक, और पूर्व की ओर मिस्पे के मैदान तक उनका पीछा किया; और उनको मारा, और उन में से किसी को जीवित न छोड़ा।
- Genesis 28:3–20 उत्पत्ति 28:3–20और सर्वशक्तिमान ईश्वर तुझे आशीष दे, और फुला- फलाकर बढ़ाए, और तू राज्य राज्य की मण्डली का मूल हो। और वह तुझे और तेरे वंश को भी इब्राहीम की सी आशीष दे, कि तू यह देश जिस में तू परदेशी होकर रहता है, और जिसे परमेश्वर ने इब्राहीम को दिया था, उसका अधिकारी हो जाए। और इसहाक ने याकूब को विदा किया, और वह प नराम को अरामी बतूएल के उस पुत्रा लाबान के पास चला, जो याकूब और एसाव की माता रिबका का भाई था। जब इसहाक ने याकूब को आशीर्वाद देकर प नराम भेज दिया, कि वह वहीं से पत्नी ब्याह लाए, और उसको आशीर्वाद देने के समय यह आज्ञा भी दी, कि तू किसी कनानी लड़की को ब्याह न लेना; और याकूब माता पिता की मानकर प नराम को चल दिया; तब एसाव यह सब देख के और यह भी सोचकर, कि कनानी लड़कियां मेरे पिता इसहाक को बुरी लगती हैं, इब्राहीम के पुत्रा इश्माएल के पास गया, और इश्माएल की बेटी महलत को, जो नबायोत की बहिन भी, ब्याहकर अपनी पत्नियों मे मिला लिया।। सो याकूब बेर्शेबा से निकलकर हारान की ओर चला। और उस ने किसी स्थान में पहुंचकर रात वहीं बिताने का विचार किया, क्योंकि सूर्य अस्त हो गया था; सो उस ने उस स्थान के पत्थरों में से एक पत्थर ले अपना तकिया बनाकर रखा, और उसी स्थान में सो गया। तब उस ने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं। और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा। और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे। और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा। तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था। और भय खाकर उस ने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा। भोर को याकूब तड़के उठा, और अपने तकिए का पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया, और उसके सिरे पर तेल डाल दिया। और उस ने उस स्थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर का नाम पहिले लूज था। और याकूब ने यह मन्नत मानी, कि यदि परमेश्वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे,
- Genesis 49:13 उत्पत्ति 49:13जबूलून समुद्र के तीर पर निवास करेगा, वह जहाजों के लिये बन्दरगाह का काम देगा, और उसका परला भाग सीदोन के निकट पहुंचेगा
- Exodus 3:8 निर्गमन 3:8इसलिये अब मैं उतर आया हूं कि उन्हें मिस्त्रियों के वश से छुड़ाऊं, और उस देश से निकालकर एक अच्छे और बड़े देश में जिस में दूध और मधु की धारा बहती है, अर्थात् कनानी, हित्ती, एमोरी, परिज्जी, हिव्वी, और यबूसी लोगों के स्थान में पहुंचाऊं।
- Isaiah 23:4 यशायाह 23:4हे सीदोन, लज्जित हो, क्योंकि समुद्र ने अर्थात् समुद्र के दृढ़ सिाान ने यह कहा है, मैं ने न तो कभी जन्माने की पीड़ा जानी और न बालक को जन्म दिया, और न बेटों को पाला और न बेटियों को पोसा है।
- Joshua 12:8–24 यहोशू 12:8–24हित्ती, और एमोरी, और कनानी, और परिज्जी, और हिव्वी, और यबूसी, जो पहाड़ी देश में, और नीचे के देश में, और अराबा में, और ढालू देश में और जंगल में, और दक्खिनी देश में रहते थे। एक, यरीहो का राजा; एक, बेतेल के पास के ऐ का राजा; एक, यरूशलेम का राजा; एक, हेब्रोन का राजा; एक, यर्मूत का राजा; एक, लाकीश का राजा; एक, एग्लोन का राजा; एक, गेजेर का राजा; एक, दबीर का राजा; एक, गेदेर का राजा; एक, होर्मा का राजा; एक, अराद का राजा; एक, लिब्ना का राजा; एक, अदुल्लाम का राजा; एक, मक्केदा का राजा; एक, बेतेल का राजा; एक, तप्पूह का राजा; एक, हेपेर का राजा; एक, अपेक का राजा; एक, लश्शारोन का राजा; एक, मदोन का राजा; एक, हासोर का राजा; एक, शिम्रोन्मरोन का राजा; एक, अक्षाप का राजा; एक, तानाक का राजा; एक, मगिद्दॊ का राजा; एक, केदेश का राजा; एक, कर्मैल में के योकनाम का राजा; एक, दोर नाम ऊंचे देश में के दोर का राजा; एक, गिलगाल में के गोयीम का राजा; और एक, तिर्सा का राजा; इस प्रकार सब राजा इकतीस हुए।।