Genesis · chapter 30 · verse 43
Genesis 30:43 in Hindi
सो वह पुरूष अत्यन्त धनाढय हो गया, और उसके बहुत सी भेड़- बकरियां, और लौंडियां और दास और ऊंट और गदहे हो गए।।
So vah puroosh atyant dhanaadhay ho gayaa, aur usake bahut see bheda- bakariyaam, aur laundiyaam aur daas aur oont aur gadahe ho gae..
Genesis 30:43 in English
- King James Version (KJV)
- And the man increased exceedingly, and had much cattle, and maidservants, and menservants, and camels, and asses.
- World English Bible (WEB)
- The man increased exceedingly, and had large flocks, female servants and male servants, and camels and donkeys.
- American Standard Version (ASV)
- And the man increased exceedingly, and had large flocks, and maid-servants and men-servants, and camels and asses.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Jacob's wealth was greatly increased; he had great flocks and women-servants and men-servants and camels and asses.
- Darby Translation (DBY)
- And the man increased very, very much, and had much cattle, and bondwomen, and bondmen, and camels, and asses.
- Webster's Bible (WBS)
- And the man increased exceedingly, and had many cattle, and maid-servants, and men-servants, and camels, and asses.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And the man increaseth very exceedingly, and hath many flocks, and maid-servants, and men-servants, and camels, and asses.
Read in context
- 41और जब जब बलवन्त भेड़- बकरियां गाभिन होती थी, तब तब याकूब उन छड़ियों को कठौतों मे उनके साम्हने रख देता था; जिस से वे छड़ियों को देखती हुई गाभिन हो जाएं।
- 42पर जब निर्बल भेड़- बकरियां गाभिन होती थी, तब वह उन्हें उनके आगे नहीं रखता था। इस से निर्बल निर्बल लाबान की रही, और बलवन्त बलवन्त याकूब की हो गई।
- 43सो वह पुरूष अत्यन्त धनाढय हो गया, और उसके बहुत सी भेड़- बकरियां, और लौंडियां और दास और ऊंट और गदहे हो गए।।
Cross references
- Genesis 24:35 उत्पत्ति 24:35और यहोवा ने मेरे स्वामी को बड़ी आशीष दी है; सो वह महान पुरूष हो गया है; और उस ने उसको भेड़- बकरी, गाय- बैल, सोना- रूपा, दास- दासियां, ऊंट और गदहे दिए है।
- Genesis 30:30 उत्पत्ति 30:30मेरे अपने से पहिले वे कितने थे, और अब कितने हो गए हैं; और यहोवा ने मेरे आने पर तुझे तो आशीष दी है: पर मैं अपने घर का काम कब करने पाऊंगा?
- Genesis 26:13–14 उत्पत्ति 26:13–14और वह बढ़ा और उसकी उन्नति होती चली गई, यहां तक कि वह अति महान पुरूष हो गया। जब उसके भेड़- बकरी, गाय- बैल, और बहुत से दास- दासियां हुई, तब पलिश्ती उस से डाह करने लगे।
- Genesis 13:2 उत्पत्ति 13:2अब्राम भेड़- बकरी, गाय- बैल, और सोने- रूपे का बड़ा धनी था।
- Genesis 28:15 उत्पत्ति 28:15और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा।
- Genesis 12:16 उत्पत्ति 12:16और उस ने उसके कारण अब्राम की भलाई की; सो उसको भेड़- बकरी, गाय- बैल, दास- दासियां, गदहे- गदहियां, और ऊंट मिले।
- Ecclesiastes 2:7 सभोपदेशक 2:7मैं ने दास और दासियां मोल लीं, और मेरे घर में दास भी उत्पन्न हुए; और जितने मुझ से पहिले यरूशलेम में थे उस ने कहीं अधिक गाय- बैल और भेड़- बकरियों का मैं स्वामी था।
- Genesis 32:10 उत्पत्ति 32:10भेड़- बकरियों के गाभिन होने के समय मैं ने स्वप्न में क्या देखा, कि जो बकरे बकरियों पर चढ़ रहे हैं, सो धारीवाले, चित्तीवाले, और धब्बेवाले है।
- Genesis 33:11 उत्पत्ति 33:11सो यह भेंट, जो तुझे भेजी गई है, ग्रहण कर: क्योंकि परमेश्वर ने मुझ पर अनुग्रह किया है, और मेरे पास बहुत है।
- Ezekiel 39:10 यहेजकेल 39:10और इसके कारण वे मैदान में लकड़ी न बीनेंगे, न जंगल में काटेंगे, क्योंकि वे हथियारों ही को जलाया करेंगे; वे अपने लूटनेवाले को लूटेंगे, और अपने छीननेवालों से छीनेंगे, परमेश्वर यहोवा की यही वाणी है।
- Genesis 31:42 उत्पत्ति 31:42मेरे पिता का परमेश्वर अर्थात् इब्राहीम का परमेश्वर, जिसका भय इसहाक भी मानता है, यदि मेरी ओर न होता, तो निश्चय तू अब मुझे छूछे हाथ जाने देता। मेरे दु:ख और मेरे हाथों के परिश्रम को देखकर परमेश्वर ने बीती हुई रात में तुझे दपटा।
- Genesis 31:7–8 उत्पत्ति 31:7–8और तुम्हारे पिता ने मुझ से छल करके मेरी मजदूरी को दस बार बदल दिया; परन्तु परमेश्वर ने उसको मेरी हानि करने नहीं दिया। जब उस ने कहा, कि चित्तीवाले बच्चे तेरी मजदूरी ठहरेंगे, तब सब भेड़- बकरियां चित्तीवाले ही जनने लगीं, और जब उस ने कहा, कि धारीवाले बच्चे तेरी मजदूरी ठहरेंगे, तब सब भेड़- बकरियां धारीवाले जनने लगीं।