Genesis · chapter 31 · verse 13
Genesis 31:13 in Hindi
मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
Maim us betel kaa eeshvar hoom, jahaam too ne ek khambhe par tel daal diyaa, aur meree mannat maanee thee: ab chal, is desh se nikalakar apanee janmabhoomi ko laut jaa.
Genesis 31:13 in English
- King James Version (KJV)
- I [am] the God of Beth-el, where thou anointedst the pillar, [and] where thou vowedst a vow unto me: now arise, get thee out from this land, and return unto the land of thy kindred.
- World English Bible (WEB)
- I am the God of Bethel, where you anointed a pillar, where you vowed a vow to me. Now arise, get out from this land, and return to the land of your birth.’”
- American Standard Version (ASV)
- I am the God of Beth-el, where thou anointedst a pillar, where thou vowedst a vow unto me: now arise, get thee out from this land, and return unto the land of thy nativity.
- Bible in Basic English (BBE)
- I am the God of Beth-el, where you put oil on the pillar and took an oath to me: now then, come out of this land and go back to the country of your birth.
- Darby Translation (DBY)
- I am the God of Bethel, where thou anointedst the pillar, where thou vowedst a vow to me. Now arise, depart out of this land, and return to the land of thy kindred.
- Webster's Bible (WBS)
- I [am] the God of Beth-el, where thou anointedst the pillar, [and] where thou vowedst to me a vow: now arise, depart from this land, and return to the land of thy kindred.
- Young's Literal Translation (YLT)
- I [am] the God of Bethel where thou hast anointed a standing pillar, where thou hast vowed a vow to me; now, arise, go out from this land, and turn back unto the land of thy birth.'
Read in context
- 11और परमेश्वर के दूत ने स्वप्न में मुझ से कहा, हे याकूब: मैं ने कहा, क्या आज्ञा।
- 12उस ने कहा, आंखे उठाकर उन सब बकरों को, जो बकरियों पर चढ़ रहे हैं, देख, कि वे धारीवाले, चित्तीवाले, और धब्बेवाले हैं; क्योंकि जो कुछ लाबान तुझ से करता है, सो मैं ने देखा है।
- 13मैं उस बेतेल का ईश्वर हूं, जहां तू ने एक खम्भे पर तेल डाल दिया, और मेरी मन्नत मानी थी: अब चल, इस देश से निकलकर अपनी जन्मभूमि को लौट जा।
- 14तब राहेल और लिआ: ने उस से कहा, क्या हमारे पिता के घर में अब भी हमारा कुछ भाग वा अंश बचा है?
- 15क्या हम उसकी दृष्टि में पराये न ठहरीं? देख, उस ने हम को तो बेच डाला, और हमारे रूपे को खा बैठा है।
Cross references
- Genesis 31:3 उत्पत्ति 31:3तब यहोवा ने याकूब से कहा, अपने पितरों के देश और अपनी जन्मभूमि को लौट जा, और मैं तेरे संग रहूंगा।
- Genesis 32:9 उत्पत्ति 32:9इस रीति से परमेश्वर ने तुम्हारे पिता के पशु लेकर मुझ को दे दिए।
- Genesis 28:12–22 उत्पत्ति 28:12–22तब उस ने स्वप्न में क्या देखा, कि एक सीढ़ी पृथ्वी पर खड़ी है, और उसका सिरा स्वर्ग तक पहुंचा है: और परमेश्वर के दूत उस पर से चढ़ते उतरते हैं। और यहोवा उसके ऊपर खड़ा होकर कहता है, कि मैं यहोवा, तेरे दादा इब्राहीम का परमेश्वर, और इसहाक का भी परमेश्वर हूं: जिस भूमि पर तू पड़ा है, उसे मैं तुझ को और तेरे वंश को दूंगा। और तेरा वंश भूमि की धूल के किनकों के समान बहुत होगा, और पच्छिम, पूरब, उत्तर, दक्खिन, चारों ओर फैलता जाएगा: और तेरे और तेरे वंश के द्वारा पृथ्वी के सारे कुल आशीष पाएंगे। और सुन, मैं तेरे संग रहूंगा, और जहां कहीं तू जाए वहां तेरी रक्षा करूंगा, और तुझे इस देश में लौटा ले आऊंगा: मैं अपने कहे हुए को जब तक पूरा न कर लूं तब तक तुझ को न छोडूंगा। तब याकूब जाग उठा, और कहने लगा; निश्चय इस स्थान में यहोवा है; और मैं इस बात को न जानता था। और भय खाकर उस ने कहा, यह स्थान क्या ही भयानक है! यह तो परमेश्वर के भवन को छोड़ और कुछ नहीं हो सकता; वरन यह स्वर्ग का फाटक ही होगा। भोर को याकूब तड़के उठा, और अपने तकिए का पत्थर लेकर उसका खम्भा खड़ा किया, और उसके सिरे पर तेल डाल दिया। और उस ने उस स्थान का नाम बेतेल रखा; पर उस नगर का नाम पहिले लूज था। और याकूब ने यह मन्नत मानी, कि यदि परमेश्वर मेरे संग रहकर इस यात्रा में मेरी रक्षा करे, और मुझे खाने के लिये रोटी, और पहिनने के लिये कपड़ा दे, और मैं अपने पिता के घर में कुशल क्षेम से लौट आऊं: तो यहोवा मेरा परमेश्वर ठहरेगा। और यह पत्थर, जिसका मैं ने खम्भा खड़ा किया है, परमेश्वर का भवन ठहरेगा: और जो कुछ तू मुझे दे उसका दशमांश मैं अवश्य ही तुझे दिया करूंगा।।
- Genesis 35:7 उत्पत्ति 35:7वहां उस ने एक वेदी बनाई, और उस स्थान का नाम एलबेतेल रखा; क्योंकि जब वह अपने भाई के डर से भागा जाता था तब परमेश्वर उस पर वहीं प्रगट हुआ था।
Original words (Hebrew)
- God · H410אֵל ʼêl
- Beth-el · H1008בֵּית־אֵל Bêyth-ʼÊl
- anointedst · H4886מָשַׁח mâshach
- pillar · H4676מַצֵּבָה matstsêbâh
- vowedst · H5087נָדַר nâdar
- vow · H5088נֶדֶר neder
- arise · H6965קוּם qûwm
- out · H3318יָצָא yâtsâʼ
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- return · H7725שׁוּב shûwb
- land · H776אֶרֶץ ʼerets
- kindred · H4138מוֹלֶדֶת môwledeth