Genesis · chapter 31 · verse 36
Genesis 31:36 in Hindi
तब याकूब क्रोधित होकर लाबान से झगड़ने लगा, और कहा, मेरा क्या अपराध है? मेरा क्या पाप है, कि तू ने इतना क्रोधित होकर मेरा पीछा किया है?
Tab yaakoob krodhit hokar laabaan se jhagadane lagaa, aur kahaa, meraa kyaa aparaadh hai? Meraa kyaa paap hai, ki too ne itanaa krodhit hokar meraa peechhaa kiyaa hai?
Genesis 31:36 in English
- King James Version (KJV)
- And Jacob was wroth, and chode with Laban: and Jacob answered and said to Laban, What [is] my trespass? what [is] my sin, that thou hast so hotly pursued after me?
- World English Bible (WEB)
- Jacob was angry, and argued with Laban. Jacob answered Laban, “What is my trespass? What is my sin, that you have hotly pursued me?
- American Standard Version (ASV)
- And Jacob was wroth, and chode with Laban: and Jacob answered and said to Laban, What is my trespass? what is my sin, that thou hast hotly pursued after me?
- Bible in Basic English (BBE)
- Then Jacob was angry with Laban, and said, What crime or sin have I done that you have come after me with such passion?
- Darby Translation (DBY)
- And Jacob was angry, and he disputed with Laban. And Jacob answered and said to Laban, What is my fault, what my sin, that thou hast so hotly pursued after me?
- Webster's Bible (WBS)
- And Jacob was wroth, and chid with Laban: and Jacob answered, and said to Laban, What [is] my trespass? what [is] my sin, that thou hast so eagerly pursued after me?
- Young's Literal Translation (YLT)
- And it is displeasing to Jacob, and he striveth with Laban; and Jacob answereth and saith to Laban, 'What [is] my transgression? what my sin, that thou hast burned after me?
Read in context
- 34राहेल तो गृहदेवताओं को ऊंट की काठी में रखके उन पर बैठी थी। सो लाबान ने उसके सारे तम्बू में टटोलने पर भी उन्हें न पाया।
- 35राहेल ने अपने पिता से कहा, हे मेरे प्रभु; इस से अप्रसन्न न हो, कि मैं तेरे साम्हने नहीं उठी; क्योंकि मैं स्त्रीधर्म से हूं। सो उसके ढूंढ़ ढांढ़ करने पर भी गृहदेवता उसको न मिले।
- 36तब याकूब क्रोधित होकर लाबान से झगड़ने लगा, और कहा, मेरा क्या अपराध है? मेरा क्या पाप है, कि तू ने इतना क्रोधित होकर मेरा पीछा किया है?
- 37तू ने जो मेरी सारी सामग्री को टटोलकर देखा, सो तुझ को सारी सामग्री में से क्या मिला? कुछ मिला हो तो उसको यहां अपने और मेरे भाइयों के सामहने रख दे, और वे हम दोनों के बीच न्याय करें।
- 38इन बीस वर्षों से मै तेरे पास रहा; उन में न तो तेरी भेड़- बकरियों के गर्भ गिरे, और न तेरे मेढ़ों का मांस मै ने कभी खाया।
Cross references
- Ephesians 4:26 इफिसियों 4:26क्रोध तो करो, पर पाप मत करो: सूर्य अस्त होने तक तुम्हारा क्रोध न रहे।
- Genesis 30:2 उत्पत्ति 30:2तब याकूब ने राहेल से क्रोधित होकर कहा, क्या मैं परमेश्वर हूं? तेरी कोख तो उसी ने बन्द कर रखी है।
- Genesis 34:7 उत्पत्ति 34:7और याकूब के पुत्रा सुनते ही मैदान से बहुत उदास और क्रोधित होकर आए: क्योंकि शकेम ने याकूब की बेटी के साथ कुकर्म करके इस्राएल के घराने से मूर्खता का ऐसा काम किया था, जिसका करना अनुचित था।
- Genesis 49:7 उत्पत्ति 49:7धिक्कार उनके कोप को, जो प्रचण्ड था; और उनके रोष को, जो निर्दय था; मैं उन्हें याकूब में अलग अलग और इस्राएल में तित्तर बित्तर कर दूंगा।।
- James 1:19–20 याकूब 1:19–20हे मेरे प्रिय भाइयो, यह बात तुम जानते हो: इसलिये हर एक मनुष्य सुनने के लिये तत्पर और बोलने में धीरा और क्रोध में धीमा हो। क्योंकि मनुष्य का क्रोध परमेश्वर के धर्म का निर्वाह नहीं कर सकता है।
- 2 Kings 5:11 2 राजा 5:11परन्तु नामान क्रोधित हो यह कहता हुआ चला गया, कि मैं ने तो सोचा था, कि अवश्य वह मेरे पास बाहर आएगा, और खड़ा होकर अपने परमेश्वर यहोवा से प्रार्थना करके कोढ़ के स्थान पर अपना हाथ फेरकर कोढ़ को दूर करेगा!
- 2 Kings 13:19 2 राजा 13:19और परमेश्वर के जन ने उस पर क्रोधित होकर कहा, तुझे तो पांच छे बार मारना चाहिये था। ऐसा करते से तो तू अराम को यहां तक मारता कि उनका अन्त कर डालता, परन्तु अब तू उन्हें तीन ही बार मारेगा।
- Mark 3:5 मरकुस 3:5और उस ने उन के मन की कठोरता से उदास होकर, उन को क्रोध से चारों ओर देखा, और उस मनुष्य से कहा, अपना हाथ बढ़ा उस ने बढ़ाया, और उसका हाथ अच्छा हो गया।
- Numbers 16:15 गिनती 16:15तब मूसा का कोप बहुत भड़क उठा, और उस ने यहोवा से कहा, उन लोगों की भेंट की ओर दृष्टि न कर। मैं ने तो उन से एक गदहा भी नहीं लिया, और न उन में से किसी की हानि की है।
- Proverbs 28:1 नीतिवचन 28:1दुष्ट लोग जब कोई पीछा नहीं करता तब भी भागते हैं, परन्तु धर्मी लोग जवान सिहों के समान निडर रहते हैं।
Original words (Hebrew)
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- wroth · H2734חָרָה chârâh
- chode · H7378רִיב rîyb
- Laban · H3837לָבָן Lâbân
- Jacob · H3290יַעֲקֹב Yaʻăqôb
- answered · H6030עָנָה ʻânâh
- said · H559אָמַר ʼâmar
- Laban · H3837לָבָן Lâbân
- trespass · H6588פֶּשַׁע peshaʻ
- sin · H2403חַטָּאָה chaṭṭâʼâh
- pursued · H1814דָּלַק dâlaq
- me · H310אַחַר ʼachar