Genesis · chapter 37 · verse 1
Genesis 37:1 in Hindi
याकूब तो कनान देश में रहता था, जहां उसका पिता परदेशी होकर रहा था।
Yaakoob to kanaan desh mem rahataa thaa, jahaam usakaa pitaa paradeshee hokar rahaa thaa.
Genesis 37:1 in English
- King James Version (KJV)
- And Jacob dwelt in the land wherein his father was a stranger, in the land of Canaan.
- World English Bible (WEB)
- Jacob lived in the land of his father’s travels, in the land of Canaan.
- American Standard Version (ASV)
- And Jacob dwelt in the land of his father’s sojournings, in the land of Canaan.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now Jacob was living in the land where his father had made a place for himself, in the land of Canaan.
- Darby Translation (DBY)
- And Jacob dwelt in the land where his father sojourned — in the land of Canaan.
- Webster's Bible (WBS)
- And Jacob dwelt in the land in which his father was a stranger, in the land of Canaan.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Jacob dwelleth in the land of his father's sojournings — in the land of Canaan.
Read in context
- 1याकूब तो कनान देश में रहता था, जहां उसका पिता परदेशी होकर रहा था।
- 2और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: कि यूसुफ सतरह वर्ष का होकर भाइयों के संग भेड़- बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था: और उनकी बुराईयों का समाचार अपने पिता के पास पहुंचाया करता था:
- 3और इस्राएल अपने सब पुत्रों से बढ़के यूसुफ से प्रीति रखता था, क्योंकि वह उसके बुढ़ापे का पुत्रा था: और उस ने उसके लिये रंग बिरंगा अंगरखा बनवाया।
Cross references
- Genesis 17:8 उत्पत्ति 17:8और मैं तुझ को, और तेरे पश्चात् तेरे वंश को भी, यह सारा कनान देश, जिस में तू परदेशी होकर रहता है, इस रीति दूंगा कि वह युग युग उनकी निज भूमि रहेगी, और मैं उनका परमेश्वर रहूंगा।
- Genesis 23:4 उत्पत्ति 23:4मैं तुम्हारे बीच पाहुन और परदेशी हूं: मुझे अपने मध्य में कब्रिस्तान के लिये ऐसी भूमि दो जो मेरी निज की हो जाए, कि मैं अपने मुर्दे को गाड़के अपने आंख की ओट करूं।
- Hebrews 11:9–16 इब्रानियों 11:9–16विश्वास ही से उस ने प्रतिज्ञा किए हुए देश में जैसे पराए देश में परदेशी रहकर इसहाक और याकूब समेत जो उसके साथ उसी प्रतिज्ञा के वारिस थे, तम्बूओं में वास किया। क्योंकि वह उस स्थिर नेववाले नगर की बाट जोहता था, जिस का रचनेवाला और बनानेवाला परमेश्वर है। विश्वास से सारा ने आप बूढ़ी होने पर भी गर्भ धारण करने की सामर्थ पाई; क्योंकि उस ने प्रतिज्ञा करनेवाले को सच्चा जाना था। इस कारण एक ही जन से जो मरा हुआ सा था, आकाश के तारों और समुद्र के तीर के बालू की नाईं, अनगिनित वंश उत्पन्न हुआ।। ये सब विश्वास ही की दशा में मरे; और उन्हों ने प्रतिज्ञा की हुई वस्तुएं नहीं पाई; पर उन्हें दूर से देखकर आनन्दित हुए और मान लिया, कि हम पृथ्वी पर परदेशी और बाहरी हैं। जो ऐसी ऐसी बातें कहते हैं, वे प्रगट करते हैं, कि स्वदेश की खोज में हैं। और जिस देश से वे निकल आए थे, यदि उस की सुधि करते तो उन्हें लौट जाने का अवसर था। पर वे एक उत्तम अर्थात् स्वर्गीय देश के अभिलाषी हैं, इसी लिये परमेश्वर उन का परमेश्वर कहलाने में उन से नहीं लजाता, सो उस ने उन के लिये एक नगर तैयार किया है।।
- Genesis 28:4 उत्पत्ति 28:4और वह तुझे और तेरे वंश को भी इब्राहीम की सी आशीष दे, कि तू यह देश जिस में तू परदेशी होकर रहता है, और जिसे परमेश्वर ने इब्राहीम को दिया था, उसका अधिकारी हो जाए।
- Genesis 36:7 उत्पत्ति 36:7क्योंकि उनकी सम्पत्ति इतनी हो गई थी, कि वे इकट्ठे न रह सके; और पशुओं की बहुतायत के मारे उस देश में, जहां वे परदेशी होकर रहते थे, उनकी समाई न रही।