Genesis · chapter 37 · verse 4
Genesis 37:4 in Hindi
सो जब उसके भाईयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है, तब वे उस से बैर करने लगे और उसके साथ ठीक तौर से बात भी नहीं करते थे।
So jab usake bhaaeeyom ne dekhaa, ki hamaaraa pitaa ham sab bhaaiyom se adhik usee se preeti rakhataa hai, tab ve us se bair karane lage aur usake saath theek taur se baat bhee naheem karate the.
Genesis 37:4 in English
- King James Version (KJV)
- And when his brethren saw that their father loved him more than all his brethren, they hated him, and could not speak peaceably unto him.
- World English Bible (WEB)
- His brothers saw that their father loved him more than all his brothers, and they hated him, and couldn’t speak peaceably to him.
- American Standard Version (ASV)
- And his brethren saw that their father loved him more than all his brethren; and they hated him, and could not speak peaceably unto him.
- Bible in Basic English (BBE)
- And because his brothers saw that Joseph was dearer to his father than all the others, they were full of hate for him, and would not say a kind word to him.
- Darby Translation (DBY)
- And his brethren saw that their father loved him more than all his brethren, and they hated him, and could not greet him with friendliness.
- Webster's Bible (WBS)
- And when his brethren saw that their father loved him more than all his brethren, they hated him, and could not speak peaceably to him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and his brethren see that their father hath loved him more than any of his brethren, and they hate him, and have not been able to speak [to] him peaceably.
Read in context
- 2और याकूब के वंश का वृत्तान्त यह है: कि यूसुफ सतरह वर्ष का होकर भाइयों के संग भेड़- बकरियों को चराता था; और वह लड़का अपने पिता की पत्नी बिल्हा, और जिल्पा के पुत्रों के संग रहा करता था: और उनकी बुराईयों का समाचार अपने पिता के पास पहुंचाया करता था:
- 3और इस्राएल अपने सब पुत्रों से बढ़के यूसुफ से प्रीति रखता था, क्योंकि वह उसके बुढ़ापे का पुत्रा था: और उस ने उसके लिये रंग बिरंगा अंगरखा बनवाया।
- 4सो जब उसके भाईयों ने देखा, कि हमारा पिता हम सब भाइयों से अधिक उसी से प्रीति रखता है, तब वे उस से बैर करने लगे और उसके साथ ठीक तौर से बात भी नहीं करते थे।
- 5और यूसुफ ने एक स्वप्न देखा, और अपने भाइयों से उसका वर्णन किया: तब वे उस से और भी द्वेष करने लगे।
- 6और उस ने उन से कहा, जो स्वप्न मैं ने देखा है, सो सुनो:
Cross references
- Genesis 27:41 उत्पत्ति 27:41एसाव ने तो याकूब से अपने पिता के दिए हुए आशीर्वाद के कारण बैर रखा; सो उस ने सोचा, कि मेरे पिता के अन्तकाल का दिन निकट है, फिर मैं अपने भाई याकूब को घात करूंगा।
- 1 John 4:20 1 यूहन्ना 4:20यदि कोई कहे, कि मैं परमेश्वर से प्रेम रखता हूं; और अपने भाई से बैर रखे; तो वह झूठा है: क्योंकि जो अपने भाई से, जिस उस ने देखा है, प्रेम नहीं रखता, तो वह परमेश्वर से भी जिसे उस ने नहीं देखा, प्रेम नहीं रख सकता।
- 1 John 3:12 1 यूहन्ना 3:12और कैन के समान न बनें, जो उस दुष्ट से था, और जिस ने अपने भाई को घात किया: और उसे किस कारण घात किया? इस कारण कि उसके काम बुरे थे, और उसके भाई के काम धर्म के थे।।
- Psalm 69:4 भजन संहिता 69:4जो अकारण मेरे बैरी हैं, वे गिनती में मेरे सिर के बालों से अधिक हैं; मेरे विनाश करनेवाले जो व्यर्थ मेरे शत्रु हैं, वे सामर्थीं हैं, इसलिये जो मैं ने लूटा नहीं वह भी मुझ को देना पड़ा है।
- 1 John 2:11 1 यूहन्ना 2:11पर जो कोई अपने भाई से बैर रखता है, वह अन्धकार में है, और अन्धकार में चलता है; और नहीं जानता, कि कहां जाता है, क्योंकि अन्धकार ने उस की आंखे अन्धी कर दी हैं।।
- John 15:18–19 यूहन्ना 15:18–19यदि संसार तुम से बैर रखता है, तो तुम जानते हो, कि उस ने तुम से पहिले मुझ से भी बैर रखा। यदि तुम संसार के होते, तो संसार अपनों से प्रीति रखता, परन्तु इस कारण कि तुम संसार में से चुन लिया है इसी लिये संसार तुम से बैर रखता है।
- 1 Samuel 17:28 1 शमूएल 17:28जब दाऊद उन मनुष्यों से बातें कर रहा था, तब उसका बड़ा भाई एलीआब सुन रहा था; और एलीआब दाऊद से बहुत क्रोधित होकर कहने लगा, तू यहां क्या आया है? और जंगल में उन थोड़ी सी भेड़ बकरियों को तू किस के पास छोड़ आया है? तेरा अभिमान और तेरे मन की बुराई मुझे मालूम है; तू तो लड़ाई देखने के लिये यहां आया है।
- Genesis 37:5 उत्पत्ति 37:5और यूसुफ ने एक स्वप्न देखा, और अपने भाइयों से उसका वर्णन किया: तब वे उस से और भी द्वेष करने लगे।
- Genesis 4:5 उत्पत्ति 4:5परन्तु कैन और उसकी भेंट को उस ने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
- Genesis 49:23 उत्पत्ति 49:23धनुर्धारियों ने उसको खेदित किया, और उस पर तीर मारे, और उसके पीछे पड़े हैं।।
- 1 Samuel 16:12–13 1 शमूएल 16:12–13तब वह उसे बुलाकर भीतर ले आया। उसके तो लाली झलकती थी, और उसकी आंखें सुन्दर, और उसका रूप सुडौल था। तब यहोवा ने कहा, उठकर इस का अभिषेक कर: यही है। तब शमूएल ने अपना तेल का सींग लेकर उसके भाइयों के मध्य में उसका अभिषेक किया; और उस दिन से लेकर भविष्य को यहोवा का आत्मा दाऊद पर बल से उतरता रहा। तब शमूएल उठकर रामा को चला गया।।
- Genesis 37:18–24 उत्पत्ति 37:18–24और ज्योंही उन्हों ने उसे दूर से आते देखा, तो उसके निकट आने के पहिले ही उसे मार डालने की युक्ति की। और वे आपस में कहने लगे, देखो, वह स्वप्न देखनेहारा आ रहा है। सो आओ, हम उसको घात करके किसी गड़हे में डाल दें, और यह कह देंगे, कि कोई दुष्ट पशु उसको खा गया। फिर हम देखेंगे कि उसके स्वप्नों का क्या फल होगा। यह सुनके रूबेन ने उसको उनके हाथ से बचाने की मनसा से कहा, हम उसको प्राण से तो न मारें। फिर रूबेन ने उन से कहा, लोहू मत बहाओ, उसको जंगल के इस गड़हे में डाल दो, और उस पर हाथ मत उठाओ। वह उसको उनके हाथ से छुड़ाकर पिता के पास फिर पहुंचाना चाहता था। सो ऐसा हुआ, कि जब यूसुफ अपने भाइयों के पास पहुंचा तब उन्हों ने उसका रंगबिरंगा अंगरखा, जिसे वह पहिने हुए था, उतार लिया। और यूसुफ को उठाकर गड़हे में डाल दिया: वह गड़हा तो सूखा था और उस में कुछ जल न था।