Genesis · chapter 4 · verse 7
Genesis 4:7 in Hindi
यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
Yadi too bhalaa kare, to kyaa teree bhent grahan na kee jaaegee? Aur yadi too bhalaa na kare, to paap dvaar par chhipaa rahataa hai, aur usakee laalasaa teree aur hogee, aur too us par prabhutaa karegaa.
Genesis 4:7 in English
- King James Version (KJV)
- If thou doest well, shalt thou not be accepted? and if thou doest not well, sin lieth at the door. And unto thee [shall be] his desire, and thou shalt rule over him.
- World English Bible (WEB)
- If you do well, won’t it be lifted up? If you don’t do well, sin crouches at the door. Its desire is for you, but you are to rule over it.”
- American Standard Version (ASV)
- If thou doest well, shall it not be lifted up? and if thou doest not well, sin coucheth at the door; and unto thee shall be its desire; but do thou rule over it.
- Bible in Basic English (BBE)
- If you do well, will you not have honour? and if you do wrong, sin is waiting at the door, desiring to have you, but do not let it be your master.
- Darby Translation (DBY)
- If thou doest well, will not [thy countenance] look up [with confidence]? and if thou doest not well, sin lieth at the door; and unto thee [shall be] his desire, and thou shalt rule over him.
- Webster's Bible (WBS)
- If thou doest well, shalt thou not be accepted? and if thou doest not well, sin lieth at the door. And to thee [shall be] his desire, and thou shalt rule over him.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Is there not, if thou dost well, acceptance? and if thou dost not well, at the opening a sin-offering is crouching, and unto thee its desire, and thou rulest over it.'
Read in context
- 5परन्तु कैन और उसकी भेंट को उस ने ग्रहण न किया। तब कैन अति क्रोधित हुआ, और उसके मुंह पर उदासी छा गई।
- 6तब यहोवा ने कैन से कहा, तू क्यों क्रोधित हुआ? और तेरे मुंह पर उदासी क्यों छा गई है?
- 7यदि तू भला करे, तो क्या तेरी भेंट ग्रहण न की जाएगी? और यदि तू भला न करे, तो पाप द्वार पर छिपा रहता है, और उसकी लालसा तेरी और होगी, और तू उस पर प्रभुता करेगा।
- 8तब कैन ने अपने भाई हाबिल से कुछ कहा: और जब वे मैदान में थे, तब कैन ने अपने भाई हाबिल पर चढ़कर उसे घात किया।
- 9तब यहोवा ने कैन से पूछा, तेरा भाई हाबिल कहां है? उस ने कहा मालूम नहीं: क्या मै अपने भाई का रखवाला हूं?
Cross references
- James 1:15 याकूब 1:15फिर अभिलाषा गर्भवती होकर पाप को जनता है और पाप बढ़ जाता है तो मृत्यु को उत्पन्न करता है।
- Romans 2:6–10 रोमियों 2:6–10वह हर एक को उसके कामों के अनुसार बदला देगा। जो सुकर्म में स्थिर रहकर महिमा, और आदर, और अमरता की खोज में है, उन्हें अनन्त जीवन देगा। पर जो विवादी हैं, और सत्य को नहीं मानते, बरन अधर्म को मानते हैं, उन पर क्रोध और कोप पड़ेगा। और क्लेश और संकट हर एक मनुष्य के प्राण पर जो बुरा करता है, पहिले यहूदी पर फिर यूनानी पर। पर महिमा और आदर ओर कल्याण हर एक को मिलेगा, जो भला करता है, पहिले यहूदी को फिर यूनानी को।
- Isaiah 3:10–11 यशायाह 3:10–11धर्मियों से कहो कि उनका भला होगा, क्योंकि उसके कामों का फल उसको मिलेगा। मेरी प्रजा पर बच्चे अंधेर करते और स्त्रियां उन पर प्रभुता करती हैं। हे मेरी प्रजा, तेरे अगुवे तुझे भटकाते हैं, और तेरे चलने का मार्ग भुता देते हैं।।
- Romans 6:16 रोमियों 6:16क्या तुम नहीं जानते, कि जिस की आज्ञा मानने के लिये तुम अपने आप को दासों की नाईं सौंप देते हो, उसी के दास हो: और जिस की मानते हो, चाहे पाप के, जिस का अन्त मृत्यु है, चाहे आज्ञा मानने के, जिस का अन्त धार्मिकता है?
- Hebrews 11:4 इब्रानियों 11:4विश्वास की से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया; और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
- Numbers 32:23 गिनती 32:23और यदि तुम ऐसा न करो, तो यहोवा के विरूद्ध पापी ठहरोगे; और जान रखो कि तुम को तुम्हारा पाप लगेगा।
- Romans 7:8–9 रोमियों 7:8–9परन्तु पाप ने अवसर पाकर आज्ञा के द्वारा मुझ में सब प्रकार का लालच उत्पन्न किया, क्योंकि बिना व्यवस्था के पाप मुर्दा है। मैं तो व्यवस्था बिना पहिले जीवित था, परन्तु जब आज्ञा आई, तो पाप जी गया, और मैं मर गया।
- Romans 12:1 रोमियों 12:1इसलिये हे भाइयों, मैं तुम से परमेश्वर की दया स्मरण दिला कर बिनती करता हूं, कि अपने शरीरो कों जीवित, और पवित्रा, और परमेश्वर को भावता हुआ बलिदान करके चढ़ाओ: यही तुम्हारी आत्मिक सेवा है।
- Proverbs 21:27 नीतिवचन 21:27दुष्टों का बलिदान घृणित लगता है; विशेष करके जब वह महापाप के निमित्त चढ़ाता है।
- Malachi 1:13 मलाकी 1:13फिर तुम यह भी कहते हो, कि यह कैसा बड़ा उपद्रव है! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है। तुम ने उस भोजनवस्तु के प्रति नाक भौं सिकोड़ी, और अत्याचार से प्राप्त किए हुए और लंगड़े और रोगी पशु की भेंट ले आते हो! क्या मैं ऐसी भेंट तुम्हारे हाथ से ग्रहण करूं? यहोवा का यही वचन है।
- Ecclesiastes 8:12–13 सभोपदेशक 8:12–13चाहे पापी सौ बार पाप करे अपने दिन भी बढ़ाए, तौभी मुझे निश्चय है कि जो परमेश्वर से डरते हैं और अपने तई उसको सम्मुख जानकरद्दीाय से चलते हैं, उनका भला ही होगा; परन्तु दुष्ट का भला नहीं होने का, और न उसकी जीवनरूपी छाया लम्बी होने पाएगी, क्योंकि वह परमेश्वर का भय नहीं मानता।।
- Malachi 1:10 मलाकी 1:10भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा।