Genesis · chapter 40 · verse 6
Genesis 40:6 in Hindi
बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर उस ने जो दृष्टि की, तो क्या देखता है, कि वे उदास हैं।
Bihaan ko jab yoosuph unake paas andar gayaa, tab un par us ne jo drushti kee, to kyaa dekhataa hai, ki ve udaas hain.
Genesis 40:6 in English
- King James Version (KJV)
- And Joseph came in unto them in the morning, and looked upon them, and, behold, they [were] sad.
- World English Bible (WEB)
- Joseph came in to them in the morning, and saw them, and saw that they were sad.
- American Standard Version (ASV)
- And Joseph came in unto them in the morning, and saw them, and, behold, they were sad.
- Bible in Basic English (BBE)
- And in the morning when Joseph came to them he saw that they were looking sad.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph came in to them in the morning, and looked on them, and behold, they were sad.
- Webster's Bible (WBS)
- And Joseph came to them in the morning, and looked upon them, and behold, they [were] sad.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Joseph cometh in unto them in the morning, and seeth them, and lo, they [are] morose;
Read in context
- 4तब जल्लादों के प्रधान ने उनको यूसुफ के हाथ सौपा, और वह उनकी सेवा टहल करने लगा: सो वे कुछ दिन तक बन्दीगृह में रहे।
- 5और मि के राजा का पिलानेहारा और पकानेहारा, जो बन्दीगृह में बन्द थे, उन दोनों ने एक ही रात में, अपने अपने होनहार के अनुसार, स्वप्न देखा।
- 6बिहान को जब यूसुफ उनके पास अन्दर गया, तब उन पर उस ने जो दृष्टि की, तो क्या देखता है, कि वे उदास हैं।
- 7सो उस ने फिरौन के उन हाकिमों से, जो उसके साथ उसके स्वामी के घर के बन्दीगृह में थे, पूछा, कि आज तुम्हारे मुंह क्यों उदास हैं?
- 8उन्हों ने उस से कहा, हम दोनो ने स्वप्न देखा है, और उनके फल का बतानेवाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उन से कहा, क्या स्वप्नों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं है? मुझे अपना अपना स्वप्न बताओ।
Cross references
- Daniel 2:1–3 दानिय्येल 2:1–3अपने राज्य के दूसरे वर्ष में नबूकदनेस्सर ने ऐसा स्वप्न देखा जिस से उसका मन बहुत ही व्याकुल हो गया और उसको नींद न आई। तब राजा ने आज्ञा दी, कि ज्योतिषी, तन्त्री, टोनहे और कसदी बुलाए जाएं कि वे राजा को उसका स्वप्न बताएं; सो वे आए और राजा के साम्हने हाजिर हुए। तब राजा ने उन से कहा, मैं ने एक स्वप्न देखा है, और मेरा मन व्याकुल है कि स्वपन को कैसे समझूं।
- Daniel 8:27 दानिय्येल 8:27तब मुझ दानिरयेल का बल जाता रहा, और मैं कुछ दिन तक बीमार पड़ा रहा; तब मैं उठकर राजा का कामकाज फिर करने लगा; परन्तु जो कुछ मैं ने देखा था उस से मैं चकित रहा, क्योंकि उसका कोई समझानेवाला न था।।
- Daniel 4:5 दानिय्येल 4:5मैं ने ऐसा स्वप्न देखा जिसके कारण मैं डर गया; और पलंग पर पड़े पड़े जो विचार मेरे मन में आए और जो बातें मै ने देखीं, उनके कारण मैं घबरा गया था।
- Genesis 40:8 उत्पत्ति 40:8उन्हों ने उस से कहा, हम दोनो ने स्वप्न देखा है, और उनके फल का बतानेवाला कोई भी नहीं। यूसुफ ने उन से कहा, क्या स्वप्नों का फल कहना परमेश्वर का काम नहीं है? मुझे अपना अपना स्वप्न बताओ।
- Daniel 5:6 दानिय्येल 5:6उसे देखकर राजा भयभीत हो गया, और वह अपने सोच में घबरा गया, और उसकी कटि के जोड़ ढ़ीले हो गए, और कांपते कांपते उसके घुटने एक दूसरे से लगने लगे।
- Genesis 41:8 उत्पत्ति 41:8भोर को फिरौन का मन व्याकुल हुआ; और उस ने मि के सब ज्योतिषियों, और पण्डितों को बुलवा भेजा; और उनको अपने स्वप्न बताएं; पर उन में से कोई भी उनका फल फिरौन से न कह सहा।
- Daniel 7:28 दानिय्येल 7:28इस बात का वर्णन मैं अब कर चुका, परन्तु मुझ दानिरयेल के मन में बड़ी घबराहट बनी रही, और मैं भयभीत हो गया; और इस बात को मै। अपने मन में रखे रहा।।