Daniel · chapter 4 · verse 5
Daniel 4:5 in Hindi
मैं ने ऐसा स्वप्न देखा जिसके कारण मैं डर गया; और पलंग पर पड़े पड़े जो विचार मेरे मन में आए और जो बातें मै ने देखीं, उनके कारण मैं घबरा गया था।
Maim ne aisaa svapn dekhaa jisake kaaran maim dar gayaa; aur palang par pade pade jo vichaar mere man mem aae aur jo baatem mai ne dekheem, unake kaaran maim ghabaraa gayaa thaa.
Daniel 4:5 in English
- King James Version (KJV)
- I saw a dream which made me afraid, and the thoughts upon my bed and the visions of my head troubled me.
- World English Bible (WEB)
- I saw a dream which made me afraid; and the thoughts on my bed and the visions of my head troubled me.
- American Standard Version (ASV)
- I saw a dream which made me afraid; and the thoughts upon my bed and the visions of my head troubled me.
- Bible in Basic English (BBE)
- I saw a dream which was a cause of great fear to me; I was troubled by the images of my mind on my bed, and by the visions of my head.
- Darby Translation (DBY)
- I saw a dream which made me afraid, and the thoughts upon my bed and the visions of my head troubled me.
- Webster's Bible (WBS)
- I saw a dream which made me afraid, and the thoughts upon my bed and the visions of my head troubled me.
- Young's Literal Translation (YLT)
- a dream I have seen, and it maketh me afraid, and the conceptions on my bed, and the visions of my head, do trouble me.
Read in context
- 3उसके दिखाए हुए चिन्ह क्या ही बड़े, और उसके चमत्कारों में क्या ही बड़ी शक्ति प्रगट होती है! उसका राज्य तो सदा का और उसकी प्रभुता पीढ़ी से पीढ़ी तक बनी रहती है।।
- 4मैं नबूकदनेस्सर अपने भवन में चैन से और प्रफुल्लित रहता था।
- 5मैं ने ऐसा स्वप्न देखा जिसके कारण मैं डर गया; और पलंग पर पड़े पड़े जो विचार मेरे मन में आए और जो बातें मै ने देखीं, उनके कारण मैं घबरा गया था।
- 6तब मैं ने आज्ञा दी कि बाबुल के सब पण्डित मेरे स्वप्न का फल मुझे बताने के लिये मेरे साम्हने हाजिर किए जाएं।
- 7तब ज्योतिषी, तन्त्री, कसदी और होनहार बतानेवाले भीतर आए, और मैं ने उनको अपना स्वप्न बताया, परन्तु वे उसका फल न बता सके।
Cross references
- Daniel 2:1 दानिय्येल 2:1अपने राज्य के दूसरे वर्ष में नबूकदनेस्सर ने ऐसा स्वप्न देखा जिस से उसका मन बहुत ही व्याकुल हो गया और उसको नींद न आई।
- Daniel 5:10 दानिय्येल 5:10राजा और प्रधानों के वचनों को सुनकर, रानी जेवनार के घर में आई और कहने लगी, हे राजा, तू युगयुग जीवित रहे, अपने मन में न घबरा और न उदास हो।
- Genesis 41:1 उत्पत्ति 41:1पूरे दो बरस के बीतने पर फिरौन ने यह स्वप्न देखा, कि वह नील नदी के किनारे पर खड़ा है।
- Job 7:13–14 अय्यूब 7:13–14जब जब मैं सोचता हूं कि मुझे खाट पर शान्ति मिलेगी, और बिछौने पर मेरा खेद कुछ हलका होगा; तब तब तू मुझे स्वप्नों से घबरा देता, और दर्शनों से भयभीत कर देता है;
- Daniel 7:28 दानिय्येल 7:28इस बात का वर्णन मैं अब कर चुका, परन्तु मुझ दानिरयेल के मन में बड़ी घबराहट बनी रही, और मैं भयभीत हो गया; और इस बात को मै। अपने मन में रखे रहा।।
- Daniel 5:5–6 दानिय्येल 5:5–6कि उसी घड़ी मनुष्य के हाथ की सी कई उंगलियां निकलकर दीवट के साम्हने राजमन्दिर की भीत के चूने पर कुछ लिखने लगीं; और हाथ का जो भाग लिख रहा था वह राजा को दिखाई पड़ा। उसे देखकर राजा भयभीत हो गया, और वह अपने सोच में घबरा गया, और उसकी कटि के जोड़ ढ़ीले हो गए, और कांपते कांपते उसके घुटने एक दूसरे से लगने लगे।
- Daniel 2:28–29 दानिय्येल 2:28–29परन्तु भेदों का प्रगटकर्त्ता परमेश्वर स्वर्ग में है; और उसी ने नबूकदनेस्सर राजा को जताया है कि अन्त के दिनों में क्या क्या होने वाला है। तेरा स्वपन और जो कुछ तू ने पलंग पर पड़े हुए देखा, वह यह है: हे राजा, जब तुझ को पलंग पर यह विचार हुआ कि भविष्य में क्या क्या होने वाला है, तब भेदों को खोलने वाले ने तुझ को बताया, कि क्या क्या होने वाला है।