Genesis · chapter 44 · verse 14
Genesis 44:14 in Hindi
जब यहूदा और उसके भाई यूसुफ के घर पर पहुंचे, और यूसुफ वहीं था, तब वे उसके साम्हने भूमि पर गिरे।
Jab yahoodaa aur usake bhaaee yoosuph ke ghar par pahunche, aur yoosuph vaheem thaa, tab ve usake saamhane bhoomi par gire.
Genesis 44:14 in English
- King James Version (KJV)
- And Judah and his brethren came to Joseph’s house; for he [was] yet there: and they fell before him on the ground.
- World English Bible (WEB)
- Judah and his brothers came to Joseph’s house, and he was still there. They fell on the ground before him.
- American Standard Version (ASV)
- And Judah and his brethren came to Joseph’s house; and he was yet there: and they fell before him on the ground.
- Bible in Basic English (BBE)
- So Judah and his brothers came to Joseph's house; and he was still there: and they went down on their faces before him.
- Darby Translation (DBY)
- And Judah and his brethren came to Joseph's house; and he was still there; and they fell down before him to the ground.
- Webster's Bible (WBS)
- And Judah and his brethren came to Joseph's house, (for he [was] yet there:) and they fell before him on the ground.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And Judah — his brethren also — cometh in unto the house of Joseph, and he is yet there, and they fall before him to the earth;
Read in context
- 12तब वह ढूंढ़ने लगा, और बड़े के बोरे से लेकर छोटे के बोरे तक खोज की: और कटोरा बिन्यामीन के बोरे में मिला।
- 13तब उन्होंने अपने अपने वस्त्र फाड़े, और अपना अपना गदहा लादकर नगर को लौट गए।
- 14जब यहूदा और उसके भाई यूसुफ के घर पर पहुंचे, और यूसुफ वहीं था, तब वे उसके साम्हने भूमि पर गिरे।
- 15यूसुफ ने उन से कहा, तुम लोगों ने यह कैसा काम किया है? क्या तुम न जानते थे, कि मुझ सा मनुष्य शकुन विचार सकता है?
- 16यहूदा ने कहा, हम लोग अपने प्रभु से क्या कहें? हम क्या कहकर अपने को निर्दोषी ठहराएं? परमेश्वर ने तेरे दासों के अधर्म को पकड़ लिया है: हम, और जिसके पास कटोरा निकला वह भी, हम सब के सब अपने प्रभु के दास ही हैं।
Cross references
- Genesis 50:18 उत्पत्ति 50:18और उसके भाई आप भी जाकर उसके साम्हने गिर पड़े, और कहा, देख, हम तेरे दास हैं।
- Genesis 43:25 उत्पत्ति 43:25तब यह सुनकर, कि आज हम को यहीं भोजन करना होगा, उन्हों ने यूसुफ के आने के समय तक, अर्थात् दोपहर तक, उस भेंट को इकट्ठा कर रखा।
- Genesis 43:16 उत्पत्ति 43:16उनके साथ बिन्यामीन को देखकर यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, उन मनुष्यों को घर में पहुंचा दो, और पशु मारके भोजन तैयार करो; क्योंकि वे लोग दोपहर को मेरे संग भोजन करेंगे।
- Philippians 2:10–11 फिलिप्पियों 2:10–11कि जो स्वर्ग में और पृथ्वी पर और जो पृथ्वी के नीचे है; वे सब यीशु के नाम पर घुटना टेकें। और परमेश्वर पिता की महिमा के लिये हर एक जीभ अंगीकार कर ले कि यीशु मसीह ही प्रभु है॥
- Genesis 37:7–10 उत्पत्ति 37:7–10हम लोग खेत में पूले बान्ध रहे हैं, और क्या देखता हूं कि मेरा पूला उठकर सीधा खड़ा हो गया; तब तुम्हारे पूलों ने मेरे पूले को चारों तरफ से घेर लिया और उसे दण्डवत् किया। तब उसके भाइयों ने उस से कहा, क्या सचमुच तू हमारे ऊपर राज्य करेगा? वा सचमुच तू हम पर प्रभुता करेगा? सो वे उसके स्वप्नों और उसकी बातों के कारण उस से और भी अधिक बैर करने लगे। फिर उस ने एक और स्वप्न देखा, और अपने भाइयों से उसका भी यों वर्णन किया, कि सुनो, मैं ने एक और स्वप्न देखा है, कि सूर्य और चन्द्रमा, और ग्यारह तारे मुझे दण्डवत् कर रहे हैं। यह स्वप्न उस ने अपने पिता, और भाइयों से वर्णन किया: तब उसके पिता ने उसको दपटके कहा, यह कैसा स्वप्न है जो तू ने देखा है? क्या सचमुच मैं और तेरी माता और तेरे भाई सब जाकर तेरे आगे भूमि पर गिरके दण्डवत् करेंगे?