Genesis · chapter 43 · verse 16
Genesis 43:16 in Hindi
उनके साथ बिन्यामीन को देखकर यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, उन मनुष्यों को घर में पहुंचा दो, और पशु मारके भोजन तैयार करो; क्योंकि वे लोग दोपहर को मेरे संग भोजन करेंगे।
Unake saath binyaameen ko dekhakar yoosuph ne apane ghar ke adhikaaree se kahaa, un manushyom ko ghar mem pahunchaa do, aur pashu maarake bhojan taiyaar karo; kyonki ve log dopahar ko mere sang bhojan karenge.
Genesis 43:16 in English
- King James Version (KJV)
- And when Joseph saw Benjamin with them, he said to the ruler of his house, Bring [these] men home, and slay, and make ready; for [these] men shall dine with me at noon.
- World English Bible (WEB)
- When Joseph saw Benjamin with them, he said to the steward of his house, “Bring the men into the house, and butcher an animal, and prepare; for the men will dine with me at noon.”
- American Standard Version (ASV)
- And when Joseph saw Benjamin with them, he said to the steward of his house, Bring the men into the house, and slay, and make ready; for the men shall dine with me at noon.
- Bible in Basic English (BBE)
- And when Joseph saw Benjamin, he said to his chief servant, Take these men into my house, and make ready a meal, for they will take food with me in the middle of the day.
- Darby Translation (DBY)
- And Joseph saw Benjamin with them, and said to the [man] who was over his house, Bring the men into the house, and slaughter cattle, and make ready; for the men shall eat with me at noon.
- Webster's Bible (WBS)
- And when Joseph saw Benjamin with them, he said to the ruler of his house, Bring [these] men home, and slay, and make ready: for [these] men shall dine with me at noon.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and Joseph seeth Benjamin with them, and saith to him who [is] over his house, 'Bring the men into the house, and slaughter an animal, and make ready, for with me do the men eat at noon.'
Read in context
- 14और सर्वशक्तिमान ईश्वर उस पुरूष को तुम पर दयालु करेगा, जिस से कि वह तुम्हारे दूसरे भाई को और बिन्यामीन को भी आने दे: और यदि मैं निर्वंश हुआ तो होने दो।
- 15तब उन मनुष्यों ने वह भेंट, और दूना रूपया, और बिन्यामीन को भी संग लिया, और चल दिए और मि में पहुंचकर यूसुफ के साम्हने खड़े हुए।
- 16उनके साथ बिन्यामीन को देखकर यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, उन मनुष्यों को घर में पहुंचा दो, और पशु मारके भोजन तैयार करो; क्योंकि वे लोग दोपहर को मेरे संग भोजन करेंगे।
- 17तब वह अधिकारी पुरूष यूसुफ के कहने के अनुसार उन पुरूषों को यूसुफ के घर में ले गया।
- 18जब वे यूसुफ के घर को पहुंचाए गए तब वे आपस में डरकर कहने लगे, कि जो रूपया पहिली बार हमारे बोरों में फेर दिया गया था, उसी के कारण हम भीतर पहुंचाए गए हैं; जिस से कि वह पुरूष हम पर टूट पड़े, और हमें वंश में करके अपने दास बनाए, और हमारे गदहों को भी छीन ले।
Cross references
- Genesis 44:1 उत्पत्ति 44:1तब उसने अपने घर के अधिकारी को आज्ञा दी, कि इन मनुष्यों के बोरों में जितनी भोजनवस्तु समा सके उतनी भर दे, और एक एक जन के रूपये को उसके बोरे के मुंह पर रख दे।
- Genesis 43:19 उत्पत्ति 43:19तब वे यूसुफ के घर के अधिकारी के निकट जाकर घर के द्वार पर इस प्रकार कहने लगे,
- Genesis 21:8 उत्पत्ति 21:8और वह लड़का बढ़ा और उसका दूध छुड़ाया गया: और इसहाक के दूध छुड़ाने के दिन इब्राहीम ने बड़ी जेवनार की।
- Genesis 24:2–10 उत्पत्ति 24:2–10सो इब्राहीम ने अपने उस दास से, जो उसके घर में पुरनिया और उसकी सारी सम्पत्ति पर अधिकारी था, कहा, अपना हाथ मेरी जांघ के नीचे रख: और मुझ से आकाश और पृथ्वी के परमेश्वर यहोवा की इस विषय में शपथ खा, कि तू मेरे पुत्रा के लिये कनानियों की लड़कियों मे से जिनके बीच मैं रहता हूं, किसी को न ले आएगा। परन्तु तू मेरे देश में मेरे ही कुटुम्बियों के पास जाकर मेरे पुत्रा इसहाक के लिये एक पत्नी ले आएगा। दास ने उस से कहा, कदाचित् वह स्त्री इस देश में मेरे साथ आना न चाहे; तो क्या मुझे तेरे पुत्रा को उस देश में जहां से तू आया है ले जाना पड़ेगा? इब्राहीम ने उस से कहा, चौकस रह, मेरे पुत्रा को वहां कभी न ले जाना। स्वर्ग का परमेश्वर यहोवा, जिस ने मुझे मेरे पिता के घर से और मेरी जन्मभूमि से ले आकर मुझ से शपथ खाकर कहा, कि मैं यह देश तेरे वंश को दूंगा; वही अपना दूत तेरे आगे आगे भेजेगा, कि तू मेरे पुत्रा के लिये वहां से एक स्त्री ले आए। और यदि वह स्त्री तेरे साथ आना न चाहे तब तो तू मेरी इस शपथ से छूट जाएगा: पर मेरे पुत्रा को वहां न ले जाना। तब उस दास ने अपने स्वामी इब्राहीम की जांघ के नीचे अपना हाथ रखकर उस से इसी विषय की शपथ खाई। तब वह दास अपने स्वामी के ऊंटो में से दस ऊंट छंाटकर उसके सब उत्तम उत्तम पदार्थों में से कुछ कुछ लेकर चला: और मसोपोटामिया में नाहोर के नगर के पास पहुंचा।
- Genesis 39:4–5 उत्पत्ति 39:4–5तब उसकी अनुग्रह की दृष्टि उस पर हुई, और वह उसकी सेवा टहल करने के लिये नियुक्त किया गया: फिर उस ने उसको अपने घर का अधिकारी बनाके अपना सब कुछ उसके हाथ में सौप दिया। और जब से उस ने उसको अपने घर का और अपनी सारी सम्पत्ति का अधिकारी बनाया, तब से यहोवा यूसुफ के कारण उस मिद्दी के घर पर आशीष देने लगा; और क्या घर में, क्या मैदान में, उसका जो कुछ था, सब पर यहोवा की आशीष होने लगी।
- Genesis 31:54 उत्पत्ति 31:54और याकूब ने उस पहाड़ पर मेलबलि चढ़ाया, और अपने भाई- बन्धुओं को भोजन करने के लिये बुलाया, सो उन्हों ने भोजन करके पहाड़ पर रात बिताई।
- Genesis 26:30 उत्पत्ति 26:30तब उस ने उनकी जेवनार की, और उन्हों ने खाया पिया।
- Proverbs 9:2 नीतिवचन 9:2उस ने अपने पशु वध करके, अपने दाखमधु में मसाला मिलाया है, और अपनी मेज़ लगाई है।
- Genesis 44:4 उत्पत्ति 44:4वे नगर से निकले ही थे, और दूर न जाने पाए थे, कि यूसुफ ने अपने घर के अधिकारी से कहा, उन मनुष्यों का पीछा कर, और उन को पाकर उन से कह, कि तुम ने भलाई की सन्ती बुराई क्यों की है?
- 1 Samuel 25:11 1 शमूएल 25:11क्या मैं अपनी रोटी- पानी और जो पशु मैं ने अपने कतरनेवालों के लिये मारे हैं लेकर ऐसे लोगों को दे दूं, जिनको मैं नहीं जानता कि कहां के हैं?
- Genesis 15:2 उत्पत्ति 15:2अब्राम ने कहा, हे प्रभु यहोवा मैं तो निर्वंश हूं, और मेरे घर का वारिस यह दमिश्की एलीएजेर होगा, सो तू मुझे क्या देगा?
Original words (Hebrew)
- Joseph · H3130יוֹסֵף Yôwçêph
- saw · H7200רָאָה râʼâh
- Benjamin · H1144בִּנְיָמִין Binyâmîyn
- with · H854אֵת ʼêth
- said · H559אָמַר ʼâmar
- house · H1004בַּיִת bayith
- Bring · H935בּוֹא bôwʼ
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- home · H1004בַּיִת bayith
- slay · H2873טָבַח ṭâbach
- ready · H3559כּוּן kûwn
- men · H582אֱנוֹשׁ ʼĕnôwsh
- dine · H398אָכַל ʼâkal
- noon · H6672צֹהַר tsôhar