Genesis · chapter 47 · verse 30
Genesis 47:30 in Hindi
जब तू अपने बापदादों के संग सो जाएगा, तब मैं तुझे मि से उठा ले जाकर उन्हीं के कबरिस्तान में रखूंगा; तब यूसुफ ने कहा, मैं तेरे वचन के अनुसार करूंगा।
Jab too apane baapadaadom ke sang so jaaegaa, tab maim tujhe mi se uthaa le jaakar unheem ke kabaristaan mem rakhoongaa; tab yoosuph ne kahaa, maim tere vachan ke anusaar karoongaa.
Genesis 47:30 in English
- King James Version (KJV)
- But I will lie with my fathers, and thou shalt carry me out of Egypt, and bury me in their buryingplace. And he said, I will do as thou hast said.
- World English Bible (WEB)
- but when I sleep with my fathers, you shall carry me out of Egypt, and bury me in their burying place.” Joseph said, “I will do as you have said.”
- American Standard Version (ASV)
- but when I sleep with my fathers, thou shalt carry me out of Egypt, and bury me in their burying-place. And he said, I will do as thou hast said.
- Bible in Basic English (BBE)
- But when I go to my fathers, you are to take me out of Egypt and put me to rest in their last resting-place. And he said, I will do so.
- Darby Translation (DBY)
- but when I shall lie with my fathers, thou shalt carry me out of Egypt, and bury me in their sepulchre. And he said, I will do according to thy word.
- Webster's Bible (WBS)
- But I will lie with my fathers, and thou shalt carry me out of Egypt, and bury me in their burying-place. And he said, I will do as thou hast said.
- Young's Literal Translation (YLT)
- and I have lain with my fathers, and thou hast borne me out of Egypt, and buried me in their burying-place.' And he saith, 'I — I do according to thy word;'
Read in context
- 28मि देश में याकूब सतरह वर्ष जीवित रहा: इस प्रकार याकूब की सारी आयु एक सौ सैंतालीस वर्ष की हुई।
- 29जब इस्राएल के मरने का दिन निकट आ गया, तब उस ने अपने पुत्रा यूसुफ को बुलवाकर कहा, यदि तेरा अनुग्रह मुझ पर हो, तो अपना हाथ मेरी जांघ के तले रखकर शपथ खा, कि मैं तेरे साथ कृपा और सच्चाई का यह काम करूंगा, कि तुझे मि में मिट्टी न दूंगा।
- 30जब तू अपने बापदादों के संग सो जाएगा, तब मैं तुझे मि से उठा ले जाकर उन्हीं के कबरिस्तान में रखूंगा; तब यूसुफ ने कहा, मैं तेरे वचन के अनुसार करूंगा।
- 31फिर उस ने कहा, मुझ से शपथ खा: सो उस ने उस से शपथ खाई। तब इस्राएल ने खाट के सिरहाने की ओर सिर झुकाया।।
Cross references
- Genesis 49:29–32 उत्पत्ति 49:29–32तब उस ने यह कहकर उनको आज्ञा दी, कि मैं अपने लोगों के साथ मिलने पर हूं: इसलिये मुझे हित्ती एप्रोन की भूमिवाली गुफा में मेरे बापदादों के साथ मिट्टी देना, अर्थात् उसी गुफा में जो कनान देश में मम्रे के साम्हनेवाली मकपेला की भूमि में है; उस भूमि को तो इब्राहीम ने हित्ती एप्रोन के हाथ से इसी निमित्त मोल लिया था, कि वह कबरिस्तान के लिये उसकी निज भूमि हो। वहां इब्राहीम और उसकी पत्नी सारा को मिट्टी दी गई; और वहीं इसहाक और उसकी पत्नी रिबका को भी मिट्टी दी गई; और वहीं मैं ने लिआ: को भी मिट्टी दी। वह भूमि और उस में की गुफा हित्तियों के हाथ से मोल ली गई।
- Genesis 23:19 उत्पत्ति 23:19इसके पश्चात् इब्राहीम ने अपनी पत्नी सारा को, उस मकपेला वाली भूमि की गुफा में जो मम्रे के अर्थात् हेब्रोन के साम्हने कनान देश में है, मिट्टी दी।
- Genesis 25:9 उत्पत्ति 25:9और उसके पुत्रा इसहाक और इश्माएल ने, हित्ती सोहर के पुत्रा एप्रोन की मम्रे के सम्मुखवाली भूमि में, जो मकपेला की गुफा थी, उस में उसको मिट्टी दी गई।
- Nehemiah 2:3 नहेमायाह 2:3तब मैं अत्यन्त डर गया। और राजा से कहा, राजा सदा जीवित रहे! जब वह नगर जिस में मेरे पुरखाओं की कबरें हैं, उजाड़ पड़ा है और उसके फाटक जले हुए हैं, तो मेरा मुंह क्यों न उतरे?
- Genesis 50:25 उत्पत्ति 50:25फिर यूसुफ ने इस्राएलियों से यह कहकर, कि परमेश्वर निश्चय तुम्हारी सुधि लेगा, उनको इस विषय की शपथ खिलाई, कि हम तेरी हडि्डयों को वहां से उस देश में ले जाएंगे।
- Acts 7:15–16 प्रेरितों के काम 7:15–16तब याकूब मिसर में गया; और वहां वह और हमारे बाप दादे मर गए। और वे शिकिम में पहुंचाए जाकर उस कब्र में रखे गए, जिसे इब्राहीम ने चान्दी देकर शिकिम में हमोर की सन्तान से मोल लिया था।
- 2 Samuel 19:37 2 शमूएल 19:37अपने दास को लौटने दे, कि मैं अपने ही नगर में अपने माता पिता के कब्रिस्तान के पास मरूं। परन्तु तेरा दास किम्हाम उपस्थित है; मेरे प्रभु राजा के संग वह पार जाए; और जैसा तुझे भाए वैया ही उस से व्यवहार करना।
- Genesis 50:5–14 उत्पत्ति 50:5–14कि मेरे पिता ने यह कहकर, कि देख मैं मरने पर हूं, मुझे यह शपथ खिलाई, कि जो कबर तू ने अपने लिये कनान देश में खुदवाई है उसी में मैं तुझे मिट्टी दूंगा इसलिये अब मुझे वहां जाकर अपने पिता को मिट्टी देने की आज्ञा दे, तत्पश्चात् मैं लौट आऊंगा। तब फिरौन ने कहा, जाकर अपने पिता की खिलाई हुई शपथ के अनुसार उनको मिट्टी दे। सो यूसुफ अपने पिता को मिट्टी देने के लिये चला, और फिरौन के सब कर्मचारी, अर्थात् उसके भवन के पुरनिये, और मि देश के सब पुरनिये उसके संग चले। और यूसुफ के घर के सब लोग, और उसके भाई, और उसके पिता के घर के सब लोग भी संग गए; पर वे अपने बालबच्चों, और भेड़- बकरियों, और गाय- बैलों को गोशेन देश में छोड़ गए। और उसके संग रथ और सवार गए, सो भीड़ बहुत भारी हो गई। जब वे आताद के खलिहान तक, जो यरदन नदी के पार है पहुंचे, तब वहां अत्यन्त भारी विलाप किया, और यूसुफ ने अपने पिता के सात दिन का विलाप कराया। आताद के खलिहान में के विलाप को देखकर उस देश के निवासी कनानियों ने कहा, यह तो मिस्त्रियों का कोई भारी विलाप होगा, इसी कारण उस स्थान का नाम आबेलमि ैम पड़ा, और वह यरदन के पार है। और इस्राएल के पुत्रों ने उस से वही काम किया जिसकी उस ने उनको आज्ञा दी थी: अर्थात् उन्हों ने उसको कनान देश में ले जाकर मकपेला की उस भूमिवाली गुफा में, जो मम्रे के साम्हने हैं, मिट्टी दी; जिसको इब्राहीम ने हित्ती एप्रोन के हाथ से इस निमित्त मोल लिया था, कि वह कबरिस्तान के लिये उसकी निज भूमि हो।। अपने पिता को मिट्टी देकर यूसुफ अपने भाइयों और उन सब समेत, जो उसके पिता को मिट्टी देने के लिये उसके संग गए थे, मि में लौट आया।
- 1 Kings 13:22 1 राजा 13:22परन्तु जिस स्थान के विषय उस ने तुझ से कहा था, कि उस में न तो रोटी खाना और न पानी पीना, उसी में तू ने लौट कर रोटी खाई, और पानी भी पिया है इस कारण तूझे अपने पुरखाओं के कब्रिस्तान में मिट्टी नहीं दी जाएगी।
- Nehemiah 2:5 नहेमायाह 2:5यदि राजा को भाए, और तू अपने दास से प्रसन्न हो, तो मुझे यहूदा और मेरे पुरखाओं की कबरों के नगर को भेज, ताकि मैं उसे बनाऊं।