Genesis · chapter 49 · verse 17
Genesis 49:17 in Hindi
दान मार्ग में का एक सांप, और रास्ते में का एक नाग होगा, जो घोड़े की नली को डंसता है, जिस से उसका सवार पछाड़ खाकर गिर पड़ता है।।
Daan maarg mem kaa ek saamp, aur raaste mem kaa ek naag hogaa, jo ghode kee nalee ko dansataa hai, jis se usakaa savaar pachhaad khaakar gir padataa hai..
Genesis 49:17 in English
- King James Version (KJV)
- Dan shall be a serpent by the way, an adder in the path, that biteth the horse heels, so that his rider shall fall backward.
- World English Bible (WEB)
- Dan will be a serpent on the trail, an adder in the path, that bites the horse’s heels, so that his rider falls backward.
- American Standard Version (ASV)
- Dan shall be a serpent in the way, An adder in the path, That biteth the horse’s heels, So that his rider falleth backward.
- Bible in Basic English (BBE)
- May Dan be a snake in the way, a horned snake by the road, biting the horse's foot so that the horseman has a fall.
- Darby Translation (DBY)
- Dan will be a serpent on the way, A horned snake on the path, Which biteth the horse's heels, So that the rider falleth backwards.
- Webster's Bible (WBS)
- Dan shall be a serpent by the way, an adder in the path, that biteth the horse-heels, so that his rider shall fall backward.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Dan is a serpent by the way, An adder by the path, Which is biting the horse's heels, And its rider falleth backward.
Read in context
- 15उस ने एक विश्रामस्थान देखकर, कि अच्छा है, और एक देश, कि मनोहर है, अपने कन्धे को बोझ उठाने के लिये झुकाया, और बेगारी में दास का सा काम करने लगा।।
- 16दान इस्राएल का एक गोत्रा होकर अपने जातिभाइयों का न्याय करेगा।।
- 17दान मार्ग में का एक सांप, और रास्ते में का एक नाग होगा, जो घोड़े की नली को डंसता है, जिस से उसका सवार पछाड़ खाकर गिर पड़ता है।।
- 18हे यहोवा, मैं तुझी से उद्धार पाने की बाट जोहता आया हूं।।
- 19गाद पर एक दल चढ़ाई तो करेगा; पर वह उसी दल के पिछले भाग पर छापा मारेगा।।
Cross references
- Judges 18:22–31 न्यायियों 18:22–31जब वे मीका के घर से दूर निकल गए थे, तब जो मनुष्य मीका के घर के पास वाले घरों में रहते थे उन्होंने इकट्ठे हो कर दानियों को जा लिया। और दानियों को पुकारा, तब उन्होंने मुंह फेर के मीका से कहा, तुझे क्या हुआ कि तू इतना बड़ा दल लिए आता है? उसने कहा, तुम तो मेरे बनवाए हुए देवताओं और पुरोहित को ले चले हो; फिर मेरे पास क्या रह गया? तो तुम मुझ से क्यों पूछते हो? कि तुझे क्या हुआ है? दानियों ने उस से कहा, तेरा बोल हम लोगों में सुनाईं न दे, कहीं ऐसा न हो कि क्रोधी जन तुम लोगों पर प्रहार करें? और तू अपना और अपने घर के लोगों के भी प्राण को खो दे। तब दानियों ने अपना मार्ग लिया; और मीका यह देखकर कि वे मुझ से अधिक बलवन्त हैं फिर के अपने घर लौट गया। और वे मीका के बनवाए हुए पदार्थों और उसके पुरोहित को साथ ले लैश के पास आए, जिसके लोग शान्ति से और बिना खटके रहते थे, और उन्होंने उन को तलवार से मार डाला, और नगर को आग लगाकर फूंक दिया। और कोई बचाने वाला न था, क्योंकि वह सीदोन से दूर था, और वे और मनुष्यों से कुछ व्यवहार न रखते थे। और वह बेत्रहोब की तराई में था। तब उन्होंने नगर को दृढ़ किया, और उस में रहने लगे। और उन्होंने उस नगर का नाम इस्राएल के एक पुत्र अपने मूलपुरूष दान के नाम पर दान रखा; परन्तु पहिले तो उस नगर का नाम लैश था। तब दानियों ने उस खुदी हुई मूरत को खड़ा कर लिया; और देश की बन्धुआई के समय वह योनातान जो गेर्शोम का पुत्र और मूसा का पोता था, वह और उसके वंश के लोग दान गोत्र के पुरोहित बने रहे। और जब तक परमेश्वर का भवन शीलो में बना रहा, तब तक वे मीका की खुदवाई हुई मूरत को स्थापित किए रहे॥
- 1 Chronicles 12:35 1 इतिहास 12:35और दानियों में से लड़ने के लिये पांति बान्धनेवाले अठाईस हजार छे सौ आए।
- Judges 14:1–15 न्यायियों 14:1–15शिमशोन तिम्ना को गया, और तिम्ना में एक पलिश्तिी स्त्री को देखा। तब उस ने जाकर अपने माता पिता से कहा, तिम्ना में मैं ने एक पलिश्तिी स्त्री को देखा है, सो अब तुम उस से मेरा ब्याह करा दो। उसके माता पिता ने उस से कहा, क्या तेरे धाइयों की बेटियों में, वा हमारे सब लोगों में कोई स्त्री नहीं है, कि तू खतनाहीन पलिश्तियों में से स्त्री ब्याहने चाहता है? शिमशोन ने अपने पिता से कहा, उसी से मेरा ब्याह करा दे; क्योंकि मुझे वही अच्छी लगती है। उसके माता पिता न जानते थे कि यह बात यहोवा की ओर से होती है, कि वह पलिश्तियों के विरूद्ध दांव ढूंढता है। उस समय तो पलिश्ती इस्राएल पर प्रभुता करते थे।। तब शिमशोन अपने माता पिता को संग ले तिम्ना को चलकर तिम्ना की दाख की बारी के पास पहुंचा, वहां उसके साम्हने एक जवान सिंह गरजने लगा। तब यहोवा का आत्मा उस पर बल से उतरा, और यद्यपि उसके हाथ में कुछ न था, तौभी उस ने उसको ऐसा फाड़ डाला जैसा कोई बकरी का बच्चा फाड़े। अपना यह काम उसने अपने पिता वा माता को न बतलाया। तब उस ने जाकर उस स्त्री से बातचीत की; और वह शिमशोन को अच्छी लगी। कुछ दिनों के बीतने पर वह उसे लाने को लौट चला; और उस सिंह की लोथ देखने के लिये मार्ग से मुड़ गया? तो क्या देखा कि सिंह की लोथ में मधुमक्खियों का एक झुण्ड और मधु भी है। तब वह उस में से कुछ हाथ में लेकर खाते खाते अपने माता पिता के पास गया, और उनको यह बिना बताए, कि मैं ने इसको सिंह की लोथ में से निकाला है, कुछ दिया, और उन्हों ने भी उसे खाया। तब उसका पिता उस स्त्री के यहां गया, और शिमशोन न जवानों की रीति के अनुसार वहां जेवनार की। उसको देखकर वे उसके संग रहने के लिये तीस संगियों को ले आए। शिमशोन ने उस ने कहा, मैं तुम से एक पहेली कहता हूं; यदि तुम इस जेवनार के सातों दिनों के भीतर उसे बूझकर अर्थ बता दो, तो मैं तुम को तीस कुरते और तीस जोड़े कपड़े दूंगा; और यदि तुम उसे न बता सको, तो तुम को मुझे तीस कुर्ते और तीस जोड़े कपड़े देने पड़ेंगे। उन्हों ने उस से कहा, अपनी पहेली कह, कि हम उसे सुनें। उस ने उन से कहा, खानेवाले में से खाना, और बलवन्त में से मीठी वस्तु निकली। इस पहेली का अर्थ वे तीन दिन के भीतर न बता सके। सातवें दिन उन्हों ने शिमशोन की पत्नी से कहा, अपने पति को फुसला कि वह हमें पहेली का अर्थ बताए, नहीं तो हम तुझे तेरे पिता के घर समेत आग में जलाएंगे। क्या तुम लोगों ने हमारा धन लेने के लिये हमारा नेवता किया है? क्या यही बात नहीं है?