Genesis · chapter 49 · verse 20
Genesis 49:20 in Hindi
आशेर से जो अन्न उत्पन्न होगा वह उत्तम होगा, और वह राजा के योग्य स्वादिष्ट भोजन दिया करेगा।।
Aasher se jo ann utpann hogaa vah uttam hogaa, aur vah raajaa ke yogy svaadisht bhojan diyaa karegaa..
Genesis 49:20 in English
- King James Version (KJV)
- Out of Asher his bread [shall be] fat, and he shall yield royal dainties.
- World English Bible (WEB)
- “Asher’s food will be rich. He will produce royal dainties.
- American Standard Version (ASV)
- Out of Asher his bread shall be fat, And he shall yield royal dainties.
- Bible in Basic English (BBE)
- Asher's bread is fat; he gives delicate food for kings.
- Darby Translation (DBY)
- Out of Asher, his bread shall be fat, And he will give royal dainties.
- Webster's Bible (WBS)
- Out of Asher his bread [shall be] fat, and he shall yield royal dainties.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Out of Asher his bread [is] fat; And he giveth dainties of a king.
Read in context
- 18हे यहोवा, मैं तुझी से उद्धार पाने की बाट जोहता आया हूं।।
- 19गाद पर एक दल चढ़ाई तो करेगा; पर वह उसी दल के पिछले भाग पर छापा मारेगा।।
- 20आशेर से जो अन्न उत्पन्न होगा वह उत्तम होगा, और वह राजा के योग्य स्वादिष्ट भोजन दिया करेगा।।
- 21नप्ताली एक छूटी हुई हरिणी है; वह सुन्दर बातें बोलता है।।
- 22यूसुफ बलवन्त लता की एक शाखा है, वह सोते के पास लगी हुई फलवन्त लता की एक शाखा है; उसकी डालियां भीत पर से चढ़कर फैल जाती हैं।।
Cross references
- Deuteronomy 33:24–25 व्यवस्थाविवरण 33:24–25फिर आशेर के विषय में उस ने कहा, आशेर पुत्रों के विषय में आशीष पाए; वह अपने भाइयों में प्रिय रहे, और अपना पांव तेल में डुबोए।। तेरे जूते लोहे और पीतल के होंगे, और जैसे तेरे दिन वैसी ही तेरी शक्ति हो।।
- Genesis 30:13 उत्पत्ति 30:13तब लिआ: ने कहा, मै धन्य हूं; निश्चय स्त्रियां मुझे धन्य कहेंगी: सो उस ने उसका नाम आशेर रखा।
- Genesis 46:17 उत्पत्ति 46:17और आशेर के पुत्रा, यिम्ना, यिश्वा, यिस्त्री, और बरीआ थे, और उनकी बहिन सेरह थी। और बरीआ के पुत्रा, हेबेर और मल्कीएल थे।
- Joshua 19:24–31 यहोशू 19:24–31पांचवीं चिट्ठी आशेरियों के गोत्र के कुलों के अनुसार उनके नाम पर निकली। उनके सिवाने में हेल्कत, हली, बेतेन, अक्षाप, अलाम्मेल्लेक, अमाद, और मिशाल थे; और वह पश्चिम की ओर कार्म्मेल तक और शाहोलिर्ब्नात तक पहुंचा; फिर वह सूर्योदय की ओर मुड़कर बेतदागोन को गया, और जबलून के भाग तक, और यिप्तहेल की तराई में उत्तर की ओर हो कर बेतेमेक और नीएल तक पहुंचा और उत्तर की ओर जा कर काबूल पर निकला, और वह एब्रोन, रहोब, हम्मोन, और काना से हो कर बड़े सीदोन को पहुंचा; वहां से वह सिवाना मुड़कर रामा से होते हुए सोन नाम गढ़ वाले नगर तक चला गया; फिर सिवाना होसा की ओर मुड़कर और अकजीब के पास के देश में हो कर समुद्र पर निकला, उम्मा, अपेक, और रहोब भी उनके भाग में ठहरे; इस प्रकार बाईस नगर अपने अपने गांवों समेत उन को मिले। कुलों के अनुसार आशेरियों के गोत्र का भाग नगरों और गांवों समेत यही ठहरा॥