Genesis · chapter 8 · verse 10
Genesis 8:10 in Hindi
तब और सात दिन तक ठहरकर, उस ने उसी कबूतरी को जहाज़ में से फिर उड़ा दिया।
Tab aur saat din tak thaharakar, us ne usee kabootaree ko jahaaj mem se phir udaa diyaa.
Genesis 8:10 in English
- King James Version (KJV)
- And he stayed yet other seven days; and again he sent forth the dove out of the ark;
- World English Bible (WEB)
- He waited yet another seven days; and again he sent the dove out of the ship.
- American Standard Version (ASV)
- And he stayed yet other seven days; and again he sent forth the dove out of the ark;
- Bible in Basic English (BBE)
- And after waiting another seven days, he sent the dove out again;
- Darby Translation (DBY)
- And he waited yet other seven days, and again he sent forth the dove out of the ark.
- Webster's Bible (WBS)
- And he stayed yet other seven days, and again he sent forth the dove out of the ark;
- Young's Literal Translation (YLT)
- And he stayeth yet other seven days, and addeth to send forth the dove from the ark;
Read in context
- 8फिर उस ने अपने पास से एक कबूतरी को उड़ा दिया, कि देखें कि जल भूमि से घट गया कि नहीं।
- 9उस कबूतरी को अपने पैर के तले टेकने के लिये कोई आधार ने मिला, सो वह उसके पास जहाज में लौट आई: क्योंकि सारी पृथ्वी के ऊपर जल ही जल छाया था तब उस ने हाथ बढ़ाकर उसे अपने पास जहाज़ में ले लिया।
- 10तब और सात दिन तक ठहरकर, उस ने उसी कबूतरी को जहाज़ में से फिर उड़ा दिया।
- 11और कबूतरी सांझ के समय उसके पास आ गई, तो क्या देखा कि उसकी चोंच में जलपाई का एक नया पत्ता है; इस से नूह ने जान लिया, कि जल पृथ्वी पर घट गया है।
- 12फिर उस ने सात दिन और ठहरकर उसी कबूतरी को उड़ा दिया; और वह उसके पास फिर कभी लौटकर न आई।
Cross references
- Genesis 7:4 उत्पत्ति 7:4क्योंकि अब सात दिन और बीतने पर मैं पृथ्वी पर चालीस दिन और चालीस रात तक जल बरसाता रहूंगा; जितनी वस्तुएं मैं ने बनाईं है सब को भूमि के ऊपर से मिटा दूंगा।
- Genesis 8:12 उत्पत्ति 8:12फिर उस ने सात दिन और ठहरकर उसी कबूतरी को उड़ा दिया; और वह उसके पास फिर कभी लौटकर न आई।
- Isaiah 26:8 यशायाह 26:8हे यहोवा, तेरे न्याय के मार्ग में हम लोग तेरी बाट जोहते आए हैं; तेरे नाम के स्मरण की हमारे प्राणों में लालसा बनी रहती है।
- Genesis 7:10 उत्पत्ति 7:10सात दिन के उपरान्त प्रलय का जल पृथ्वी पर आने लगा।
- Psalm 40:1 भजन संहिता 40:1मैं धीरज से यहोवा की बाट जोहता रहा; और उस ने मेरी ओर झुककर मेरी दोहाई सुनी।
- Romans 8:25 रोमियों 8:25परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जाहते भी हैं।।
- Isaiah 8:17 यशायाह 8:17मैं उस यहोवा की बाट जोहता रहूंगा जो अपने मुंख को याकूब के घराने से छिपाये है, और मैं उसी पर आशा लगाए रहूंगा।