Hebrews · chapter 11 · verse 1
Hebrews 11:1 in Hindi
अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और मन देखी वस्तुओं का प्रमाण है।
Ab vishvaas aashaa kee huee vastuom kaa nishchay, aur man dekhee vastuom kaa pramaan hai.
Hebrews 11:1 in English
- King James Version (KJV)
- Now faith is the substance of things hoped for, the evidence of things not seen.
- World English Bible (WEB)
- Now faith is assurance of things hoped for, proof of things not seen.
- American Standard Version (ASV)
- Now faith is assurance of [things] hoped for, a conviction of things not seen.
- Bible in Basic English (BBE)
- Now faith is the substance of things hoped for, and the sign that the things not seen are true.
- Darby Translation (DBY)
- Now faith is [the] substantiating of things hoped for, [the] conviction of things not seen.
- Webster's Bible (WBS)
- Now faith is the substance of things hoped for, the evidence of things not seen.
- Young's Literal Translation (YLT)
- And faith is of things hoped for a confidence, of matters not seen a conviction,
Read in context
- 1अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और मन देखी वस्तुओं का प्रमाण है।
- 2क्योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्छी गवाही दी गईं।
- 3विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्तुओं से बना हो।
Cross references
- 2 Corinthians 5:7 2 कुरिन्थियों 5:7क्योंकि हम रूप को देखकर नहीं, पर विश्वास से चलते हैं।
- 2 Corinthians 4:18 2 कुरिन्थियों 4:18और हम तो देखी हुई वस्तुओं को नहीं परन्तु अनदेखी वस्तुओं को देखते रहते हैं, क्योंकि देखी हुई वस्तुएं थोड़े ही दिन की हैं, परन्तु अनदेखी वस्तुएं सदा बनी रहती हैं।
- Romans 8:24–25 रोमियों 8:24–25आशा के द्वारा तो हमारा उद्धार हुआ है परन्तु जिस वस्तु की आशा की जाती है जब वह देखने में आए, तो फिर आशा कहां रही? क्योकि जिस वस्तु को कोई देख रहा है उस की आशा क्या करेगा? परन्तु जिस वस्तु को हम नहीं देखते, यदि उस की आशा रखते हैं, तो धीरज से उस की बाट जाहते भी हैं।।
- Hebrews 11:7 इब्रानियों 11:7विश्वास ही से नूह ने उन बातों के विषय में जो उस समय दिखाई न पड़ती थीं, चितौनी पाकर भक्ति के साथ अपने घराने के बचाव के लिये जहाज बनाया, और उसके द्वारा उस ने संसार को दोषी ठहराया; और उस धर्म का वारिस हुआ, जो विश्वास से होता है।
- Hebrews 10:22 इब्रानियों 10:22तो आओ; हम सच्चे मन, और पूरे विश्वास के साथ, और विवेक को दोष दूर करने के लिये हृदय पर छिड़काव लेकर, और देह को शुद्ध जल से धुलवाकर परमेश्वर के समीप जाएं।
- 1 Peter 1:7–8 1 पतरस 1:7–8और यह इसलिये है कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास, जो आग से ताए हुए नाशमान सोने से भी कहीं, अधिक बहुमूल्य है, यीशु मसीह के प्रगट होने पर प्रशंसा, और महिमा, और आदर का कारण ठहरे। उस से तुम बिन देखे प्रेम रखते हो, और अब तो उस पर बिन देखे भी विश्वास करके ऐसे आनन्दित और मगन होते हो, जो वर्णन से बाहर और महिमा से भरा हुआ है।
- Psalm 27:13 भजन संहिता 27:13यदि मुझे विश्वास न होता कि जीवितों की पृथ्वी पर यहोवा की भलाई को देखूंगा, तो मैं मूच्छित हो जाता।
- Hebrews 11:27 इब्रानियों 11:27विश्वास ही से राजा के क्रोध से न डरकर उस ने मिसर को छोड़ दिया, क्योंकि वह अनदेखे को मानों देखता हुआ दृढ़ रहा।
- Hebrews 6:18–19 इब्रानियों 6:18–19ताकि दो बे- बदल बातों के द्वारा जिन के विषय में परमेश्वर का झूठा ठहरना अन्होना है, हमारा दृढ़ता से ढाढ़स बन्ध जाए, जो शरण लेने को इसलिये दौड़े है, कि उस आशा को जो साम्हने रखी हुई है प्राप्त करें। वह आशा हमारे प्राण के लिये ऐसा लंगर है जो स्थिर और दृढ़ है, और परदे के भीतर तक पहुंचता है।
- Hebrews 6:12 इब्रानियों 6:12ताकि तुम आलसी न हो जाओ; बरन उन का अनुकरण करो, जो विश्वास और धीरज के द्वारा प्रतिज्ञाओं के वारिस होते हैं।
- Hebrews 10:39 इब्रानियों 10:39पर हम हटनेवाले नहीं, कि नाश हो जाएं पर विश्वास करनेवाले हैं, कि प्राणों को बचाएं।।
- Psalm 42:11 भजन संहिता 42:11हे मेरे प्राण तू क्यों गिरा जाता है? तू अन्दर ही अन्दर क्यों व्याकुल है? परमेश्वर पर भरोसा रख; क्योंकि वह मेरे मुख की चमक और मेरा परमेश्वर है, मैं फिर उसका धन्यवाद करूंगा।।