Hebrews · chapter 11 · verse 3
Hebrews 11:3 in Hindi
विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्तुओं से बना हो।
Vishvaas hee se ham jaan jaate haim, ki saaree srushti kee rachanaa parameshvar ke vachan ke dvaaraa huee hai. Yah naheem, ki jo kuchh dekhane mem aataa hai, vah dekhee huee vastuom se banaa ho.
Hebrews 11:3 in English
- King James Version (KJV)
- Through faith we understand that the worlds were framed by the word of God, so that things which are seen were not made of things which do appear.
- World English Bible (WEB)
- By faith we understand that the universe has been framed by the word of God, so that what is seen has not been made out of things which are visible.
- American Standard Version (ASV)
- By faith we understand that the worlds have been framed by the word of God, so that what is seen hath not been made out of things which appear.
- Bible in Basic English (BBE)
- By faith it is clear to us that the order of events was fixed by the word of God, so that what is seen has not been made from things which only seem to be.
- Darby Translation (DBY)
- By faith we apprehend that the worlds were framed by [the] word of God, so that that which is seen should not take its origin from things which appear.
- Webster's Bible (WBS)
- Through faith we understand that the worlds were framed by the word of God, so that things which are seen were not made of things which appeared.
- Young's Literal Translation (YLT)
- by faith we understand the ages to have been prepared by a saying of God, in regard to the things seen not having come out of things appearing;
Read in context
- 1अब विश्वास आशा की हुई वस्तुओं का निश्चय, और मन देखी वस्तुओं का प्रमाण है।
- 2क्योंकि इसी के विषय में प्राचीनों की अच्छी गवाही दी गईं।
- 3विश्वास ही से हम जान जाते हैं, कि सारी सृष्टि की रचना परमेश्वर के वचन के द्वारा हुई है। यह नहीं, कि जो कुछ देखने में आता है, वह देखी हुई वस्तुओं से बना हो।
- 4विश्वास की से हाबिल ने कैन से उत्तम बलिदान परमेश्वर के लिये चढ़ाया; और उसी के द्वारा उसके धर्मी होने की गवाही भी दी गई: क्योंकि परमेश्वर ने उस की भेंटों के विषय में गवाही दी; और उसी के द्वारा वह मरने पर भी अब तक बातें करता है।
- 5विश्वास ही से हनोक उठा लिया गया, कि मृत्यु को न देखे, और उसका पता नहीं मिला; क्योंकि परमेश्वर ने उसे उठा लिया था, और उसके उठाए जाने से पहिले उस की यह गवाही दी गई थी, कि उस ने परमेश्वर को प्रसन्न किया है।
Cross references
- Psalm 33:6 भजन संहिता 33:6आकाशमण्डल यहोवा के वचन से, और उसके सारे गण उसके मुंह ही श्वास से बने।
- John 1:3 यूहन्ना 1:3सब कुछ उसी के द्वारा उत्पन्न हुआ और जो कुछ उत्पन्न हुआ है, उस में से कोई भी वस्तु उसके बिना उत्पन्न न हुई।
- 2 Peter 3:5 2 पतरस 3:5वे तो जान बूझकर यह भूल गए, कि परमेश्वर के वचन के द्वारा से आकाश प्राचीन काल से वर्तमान है और पृथ्वी भी जल में से बनी और जल में स्थिर है।
- Romans 4:17 रोमियों 4:17(जैसा लिखा है, कि मैं ने तुझे बहुत सी जातियों का पिता ठहराया है) उस परमशॆवर के साम्हने जिस पर उस ने विश्वास किया और जो मरे हुओं को जिलाता है, और जो बातें हैं ही नहीं, उन का नाम ऐसा लेता है, कि मानो वे हैं।
- Acts 17:24 प्रेरितों के काम 17:24जिस परमेश्वर ने पृथ्वी और उस की सब वस्तुओं को बनाया, वह स्वर्ग और पृथ्वी का स्वामी होकर हाथ के बनाए हुए मन्दिरों में नहीं रहता।
- Revelation 4:11 प्रकाशितवाक्य 4:11कि हमारे प्रभु, और परमेश्वर, तू ही महिमा, और आदर, और सामर्थ के योग्य है; क्योंकि तू ही ने सब वस्तुएं सृजीं और वे तेरी ही इच्छा से थी, और सृजी गईं।।
- Hebrews 1:2 इब्रानियों 1:2इन दिनों के अन्त में हम से पुत्रा के द्वारा बातें की, जिसे उस ने सारी वस्तुओं का वारिस ठहराया और उसी के द्वारा उस ने सारी सृष्टि रची है।
- Genesis 1:1–1 उत्पत्ति 1:1–1आदि में परमेश्वर ने आकाश और पृथ्वी की सृष्टि की।
- Jeremiah 10:11 यिर्मयाह 10:11तुम उन से यह कहना, ये देवता जिन्हों ने आकाश और पृथ्वी को नहीं बनाया वे पृथ्वी के ऊपर से और आकाश के नीचे से नष्ट हो जाएंगे।
- Romans 1:19–21 रोमियों 1:19–21इसलिये कि परमशॆवर के विषय में ज्ञान उन के मनों में प्रगट है, क्योंकि परमेश्वर ने उन पर प्रगट किया है। क्योंकि उसके अनदेखे गुण, अर्थात् उस की सनातन सामर्थ, और परमेश्वरत्व जगत की सृष्टि के समय से उसके कामों के द्वारा देखने में आते है, यहां तक कि वे निरूत्तर हैं। इस कारण कि परमेश्वर को जानने पर भी उन्हों ने परमेश्वर के योग्य बड़ाई और धन्यवाद न किया, परन्तु व्यर्थ विचार करने लगे, यहां तक कि उन का निर्बुद्धि मन अन्धेरा हो गया।
- Acts 14:15 प्रेरितों के काम 14:15हम भी तो तुम्हारे समान दु:ख- सुख भोगी मनुष्य हैं, और तुम्हें सुसमाचार सुनाते हैं, कि तुम इन व्यर्थ वस्तुओं से अलग होकर जीवते परमेश्वर की ओर फिरो, जिस ने स्वर्ग और पृथ्वी और समुद्र और जो कुछ उन में है बनाया।
- Isaiah 40:26 यशायाह 40:26अपनी आंखें ऊपर उठाकर देखो, किस ने इनको सिरजा? वह इन गणों को गिन गिनकर निकालता, उन सब को नाम ले लेकर बुलाता है? वह ऐसा सामर्थी और अत्यन्त बली है कि उन में के कोई बिना आए नहीं रहता।।
Original words (Greek)
- faith · G4102πίστις pístis
- understand · G3539νοιέω noiéō
- that · G2675καταρτίζω katartízō
- worlds · G165αἰών aiṓn
- framed · G2675καταρτίζω katartízō
- word · G4487ῥῆμα rhēma
- God · G2316θεός theós
- that · G1519εἰς eis
- seen · G991βλέπω blépō
- were · G1096γίνομαι gínomai
- not · G3361μή mḗ
- made · G1096γίνομαι gínomai
- of · G1537ἐκ ek
- appear · G5316φαίνω phaínō