Hosea · chapter 4 · verse 3
Hosea 4:3 in Hindi
इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव- जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएंगे; और समुद्र की मछलियां भी नाश हो जाएंगी।।
Is kaaran yah desh vilaap karegaa, aur maidaan ke jeeva- jantuom, aur aakaash ke pakshiyom samet usake sab nivaasee kumhalaa jaaenge; aur samudr kee machhaliyaam bhee naash ho jaaengee..
Hosea 4:3 in English
- King James Version (KJV)
- Therefore shall the land mourn, and every one that dwelleth therein shall languish, with the beasts of the field, and with the fowls of heaven; yea, the fishes of the sea also shall be taken away.
- World English Bible (WEB)
- Therefore the land will mourn, and everyone who dwells in it will waste away, with all living things in her, even the animals of the field and the birds of the sky; yes, the fish of the sea also die.
- American Standard Version (ASV)
- Therefore shall the land mourn, and every one that dwelleth therein shall languish, with the beasts of the field and the birds of the heavens; yea, the fishes of the sea also shall be taken away.
- Bible in Basic English (BBE)
- Because of this the land will be dry, and everyone living in it will be wasted away, with the beasts of the field and the birds of heaven; even the fishes of the sea will be taken away.
- Darby Translation (DBY)
- For this shall the land mourn, and every one that dwelleth therein shall languish, with the beasts of the field, and with the fowl of the heavens, yea, the fishes of the sea also shall be taken away.
- Webster's Bible (WBS)
- Therefore shall the land mourn, and every one that dwelleth in it shall languish, with the beasts of the field, and with the fowls of heaven; yes, the fishes of the sea also shall be taken away.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Therefore mourn doth the land, And weak is every dweller in it, With the beast of the field, And with the fowl of the heavens, And the fishes of the sea — they are removed.
Read in context
- 1हे इस्राएलियों, यहोवा का वचन सुनो; इस देश के निवासियों के साथ यहोवा का मुक मा है। इस दंश में न तो कुछ सच्चाई है, न कुछ करूणा और न कुछ परमेश्वर का ज्ञान ही है।
- 2यहां शाप देने, झूठ बोलने, वध करने, चुराने, और व्यभिचार करने को छोड़ कुछ नहीं होता; वे व्यवस्था की सीमा को लांघकर कुकर्म करते हैं और खून ही खून होता रहता है।
- 3इस कारण यह देश विलाप करेगा, और मैदान के जीव- जन्तुओं, और आकाश के पक्षियों समेत उसके सब निवासी कुम्हला जाएंगे; और समुद्र की मछलियां भी नाश हो जाएंगी।।
- 4देखो, कोई वाद- विवाद न करे, न कोई उलहना दे, क्योंकि तेरे लोग तो याजकों से वाद- विवाद करनेवालों के समान हैं।
- 5तू दिनदुपहरी ठोकर खाएगा, और रात को भविष्यद्वक्ता भी तेरे साथ ठोकर खाएगा; और मैं तेरी माता को नाश करूंगा।
Cross references
- Zephaniah 1:3 सपन्याह 1:3मैं मनुष्य और पशु दोनों का अन्त कर दूंगा; मैं आकाश के पक्षियों और समुद्र की मछलियों का, और दुष्टों समेत उनकी रखी हुई ठोकरों के कारण का भी अन्त कर दूंगा; मैं मनुष्य जाति को भी धरती पर से नाश कर डालूंगा, यहोवा की यही वाणी है।
- Nahum 1:4 नहूम 1:4उसके घुड़कने से महानद सूख जाते हैं, और समुद्र भी निर्जल हो जाता है; बाशान और कर्म्मैल कुम्हलाते और लबानोन की हरियाली जाती रहती है।
- Isaiah 24:4–12 यशायाह 24:4–12पृथ्वी विलाप करेगी और मुर्झाएगी, जगत कुम्हलाएगा और मुर्झा जाएगा; पृथ्वी के महान लोग भी कुम्हला जाएंगे। पृथ्वी अपने रहनेवालों के कारण अशुद्ध हो गई है, क्योंकि उन्हों ने व्यवस्था का उल्लंघन किया और विधि को पलट डाला, और सनातन वाचा को तोड़ दिया है। इस कारण पृथ्वी को शाप ग्रसेगा और उस में रहनेवाले दोषी ठहरेंगे; और इसी कारण पृथ्वी के निवासी भस्म होंगे और थोड़े ही मनुष्य रह जाएंगे। नया दाखमधु जाता रहेगा, दाखलता मुर्झा जाएगी, और जितने मन में आनन्द करते हैं सब लम्बी लम्बी सांस लेंगे। डफ का सुखदाई शब्द बन्द हो जाएगा, वीणा का सुखदाई शब्द शान्त हो जाएगा। वे गाकर फिर दाखमधु न पीएंगे; पीनेवाले को मदिरा कड़ुकी लगेगी। गड़बड़ी मचानेवाली नगरी नाश होगी, उसका हर एक घर ऐसा बन्द किया जाएगा कि कोई पैठ न सकेगा। सड़कों में लोग दाखमधु के लिये चिल्लाएंगे; आनन्द मिट जाएगा: देश का सारा हर्ष जाता रहेगा। नगर उजाड़ ही उजाड़ रहेगा, और उसके फाटक तोड़कर नाश किए जाएंगे।
- Amos 5:16 आमोस 5:16इस कारण सेनाओं का परमेश्वर, प्रभु यहोवा यों कहता है, अब चौकों में रोना- पीटना होगा; और सब सड़कों में लोग हाय, हाय, करेंगे! वे किसानों को शोक करने के लिये, और जो लोग विलाप करने कें निपुण हैं, उन्हें रोने- पीटने को बुलाएंगे।
- Jeremiah 12:4 यिर्मयाह 12:4कब तक देश विलाप करता रहेगा, और सारे मैदान की घास सूखी रहेगी? देश के निवासियों की बुराई के कारण पशु- पक्षी सब नाश हो गए हैं, क्योंकि उन लोगों ने कहा, वह हमारे अन्त को न देखेगा।
- Ezekiel 38:20 यहेजकेल 38:20और मेरे दर्शन से समुद्र की मछलियां और आकाश के पक्षी, मैदान के पशु और भूमि पर जितने जीवजन्तु रेंगते हैं, और भूमि के ऊपर जितने मनुष्य रहते हैं, सब कांप उठेंगे; और पहाड़ गिराए जाएंगे; और चढ़ाइयां नाश होंगी, और सब भीतें गिरकर मिट्टी में मिल जाएंगी।
- Jeremiah 4:27–28 यिर्मयाह 4:27–28क्योंकि यहोवा ने यह बताया कि सारा देश उजाड़ हो जाएगा; तौभी मैं उसका अन्त न कर डालूंगा। इस कारण पृथ्वी विलाप करेगी, और आकाश शोक का काला वस्त्रा पहिनेगा; क्योंकि मैं ने ऐसा ही करते को ठाना और कहा भी है; मैं इस से नहीं पछताऊंगा और न अपने प्रण को छोड़ूंगा।
- Amos 8:8 आमोस 8:8क्या इस कारण भूमि न कांपेगी? और क्या उन पर के सब रहनेवाले विलाप न करेंगे? यह देश सब का सब मि की नील नदी के समान होगा, जो बढ़ती है, फिर लहरें मारती, और घट जाती है।।
- Isaiah 33:9 यशायाह 33:9पृथ्वी विलाप करती और मुर्झा गई है; लबानोन कुम्हला गया और उस पर सियाही छा गई है; शारोन मरूभूमि के समान हो गया; बाशान और कर्मेल में पतझड़ हो रहा है।।
- Jeremiah 4:25 यिर्मयाह 4:25फिर मैं ने क्या देखा कि कोई पनुष्य भी न था और सब पक्षी भी उड़ गए थे।
- Joel 1:10–13 योएल 1:10–13खेती मारी गई, भूमि विलाप करती है; क्योंकि अन्न नाश हो गया, नया दाखमधु सूख गया, तेल भी सूख गया है।। हे किसानो, लज्जित हो, हे दाख की बारी के मालियों, गेहूं और जव के लिये हाय, हाय करो; क्योंकि खेती मारी गई है। दाखलता सूख गई, और अंजीर का वृक्ष कुम्हला गया है। अनार, ताड़, सेव, वरन मैदान के सब वृक्ष सूख गए हैं; और मनुष्यों का हर्ष जाता रहा है।। हे याजको, कटि में टाट बान्धकर छाती पीट- पीट के रोओ! हे वेदी के टहलुओ, हाय, हाय, करो। हे मेरे परमेश्वर के टहलुओ, आओ, टाट ओढ़े हुए रात बिताओ! क्योंकि तुम्हारे परमेश्वर के भवन में अन्नबलि और अर्ध अब नहीं आते।।
- Amos 1:2 आमोस 1:2यहोवा सिरयोन से गरजेगा और यरूशलेम से अपना शब्द सुनाएगा; तब चरवाहों की चराइयां विलाप करेंगी, और कर्म्मेल की चोटी झुलस जाएगी।।