Isaiah · chapter 1 · verse 13
Isaiah 1:13 in Hindi
व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता।
Vyarth annabali phir mat laao; dhoop se mujhe ghrunaa hai. Naye chaand aur vishraamadin kaa maananaa, aur sabhaaom kaa prachaar karanaa, yah mujhe buraa lagataa hai. Mahaasabhaa ke saath hee saath anarth kaam karanaa mujh se sahaa naheem jaataa.
Isaiah 1:13 in English
- King James Version (KJV)
- Bring no more vain oblations; incense is an abomination unto me; the new moons and sabbaths, the calling of assemblies, I cannot away with; [it is] iniquity, even the solemn meeting.
- World English Bible (WEB)
- Bring no more vain offerings. Incense is an abomination to me. New moons, Sabbaths, and convocations— I can’t stand evil assemblies.
- American Standard Version (ASV)
- Bring no more vain oblations; incense is an abomination unto me; new moon and sabbath, the calling of assemblies,—I cannot away with iniquity and the solemn meeting.
- Bible in Basic English (BBE)
- Give me no more false offerings; the smoke of burning flesh is disgusting to me, so are your new moons and Sabbaths and your holy meetings.
- Darby Translation (DBY)
- Bring no more vain oblations! Incense is an abomination unto me, — new moon and sabbath, the calling of convocations — wickedness and the solemn meeting I cannot bear.
- Webster's Bible (WBS)
- Bring no more vain oblations; incense is an abomination to me; the new moons and sabbaths, the calling of assemblies, I cannot endure; [it is] iniquity, even the solemn meeting.
- Young's Literal Translation (YLT)
- Add not to bring in a vain present, Incense — an abomination it [is] to Me, New moon, and sabbath, calling of convocation! Rendure not iniquity — and a restraint!
Read in context
- 11यहोवा यह कहता है, तुम्हारे बहुत से मेलबलि मेरे किस काम के हैं? मैं तो मेढ़ों के होमबलियों से और पाले हुए पशुओं की चर्बी से अघा गया हूं;
- 12मैं बछड़ों वा भेड़ के बच्चों वा बकरों के लोहू से प्रसन्न नहीं होता।। तुम जब अपने मुंह मुझे दिखाने के लिये आते हो, तब यह कौन चाहता है कि तुम मेरे आंगनों को पांव से रौंदो?
- 13व्यर्थ अन्नबलि फिर मत लाओ; धूप से मुझे घृणा है। नये चांद और विश्रामदिन का मानना, और सभाओं का प्रचार करना, यह मुझे बुरा लगता है। महासभा के साथ ही साथ अनर्थ काम करना मुझ से सहा नहीं जाता।
- 14तुम्हारे नये चांदों और नियत पर्वों के मानने से मैं जी से बैर रखता हूं; वे सब मुझे बोझ से जान पड़ते हैं, मैं उनको सहते सहते उकता गया हूं।
- 15जब तुम मेरी ओर हाथ फैलाओ, तब मैं तुम से मुंह फेर लूंगा; तुम कितनी ही प्रार्थना क्यों न करो, तौभी मैं तुम्हारी न सुनूंगा; क्योंकि तुम्हारे हाथ खून से भरे हैं।
Cross references
- Isaiah 66:3 यशायाह 66:3बैल का बलि करने वाला मनुष्य के मार डालने वाले के समान है; जो भेड़ के चढ़ाने वाला है वह उसके समान है जो कुत्ते का गला काटता है; जो अन्नबलि चढ़ाता है वह मानो सूअर का लोहू चढ़ाने वाले के समान है; और, जो लोबान जलाता है, वह उसके समान है जो मूरत को धन्य कहता है। इन सभों ने अपना अपना मार्ग चुन लिया है, और घिनौनी वस्तुओं से उनके मन प्रसन्न हाते हैं।
- Malachi 1:10 मलाकी 1:10भला होता कि तुम में से कोई मन्दिर के किवाड़ों को बन्द करता कि तुम मेरी वेदी पर व्यर्थ आग जलाने न पाते! सेनाओं के यहोवा का यह वचन है, मैं तुम से कदापि प्रसन्न नहीं हूं, और न तुम्हारे हाथ से भेंट ग्रहण करूंगा।
- Matthew 15:9 मत्ती 15:9और ये व्यर्थ मेरी उपासना करते हैं, क्योंकि मनुष्य की विधियों को धर्मोपदेश करके सिखाते हैं।
- Ezekiel 20:39 यहेजकेल 20:39और हे इस्राएल के घराने तुम से तो प्रभु यहोवा यों कहता है कि जाकर अपनी अपनी मूरतों की उपासना करो; और यदि तुम मेरी न सुनोगे, तो आगे को भी यही किया करो; परन्तु मेरे पवित्रा नाम को अपनी भेंटों ओर मूरतों के द्वारा फिर अपवित्रा न करना।
- Lamentations 2:6 विलापगीत 2:6उस ने अपना मण्डप बारी के मचान की नाई अचानक गिरा दिया, अपने मिलापस्थान को उस ने नाश किया है; यहोवा ने सिरयोन में नियत वर्र्व और विश्रामदिन दोनों को भुला दिया है, और अपने भड़के हुए कोप से राजा और साजक दोनों का तिरस्कार किया है।
- 1 Corinthians 11:17 1 कुरिन्थियों 11:17परनतु यह आज्ञा देते हुए, मैं तुम्हें नहीं सराहता, इसलिये कि तुम्हारे इकट्ठे होने से भलाई नहीं, परन्तु हानि होती है।
- 1 Chronicles 23:31 1 इतिहास 23:31और विश्रामदिनों और नये चान्द के दिनों, और नियत परव में गिनती के नियम के अनुसार नित्य यहोवा के सब होपबलियों को बढ़ाएं।
- Deuteronomy 16:1–22 व्यवस्थाविवरण 16:1–22आबीब के महीने को स्मरण करके अपने परमेश्वर यहोवा के लिय फसह का पर्व्व मानना; क्योंकि आबीब महीने में तेरा परमेश्वर यहोवा रात को तुझे मि से निकाल लाया। इसलिये जो स्थान यहोवा अपने नाम का निवास ठहराने को चुन लेगा, वही अपने परमेश्वर यहोवा के लिये भेड़- बकरियों और गाय- बैल फसह करके बलि करना। उसके संग कोई खमीरी वस्तु न खाना; सात दिन तक अखमीरी रोटी जो दु:ख की रोटी है खाया करना; क्योंकि तू मि देश से उतावली करके निकला था; इसी रीति से तुझ को मि देश से निकलने का दिन जीवन भर स्मरण रहेगा। सात दिन तक तेरे सारे देश में तेरे पास कहीं खमीर देखने में भी न आए; और जो पशु तू पहिले दिन की संध्या को बलि करे उसके मांस में से कुछ बिहान तक रहने न पाए। फसह को अपने किसी फाटक के भीतर, जिसे तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे दे बलि न करना। जो स्थान तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने के लिये चुन ले केवल वहीं, वर्ष के उसी समय जिस में तू मि से निकला था, अर्थात् सूरज डूबने पर संध्याकाल को, फसह का पशुबलि करना। तब उसका मांस उसी स्थान में जिसे तेरा परमेश्वर यहोवा चुन ले भूंजकर खाना; फिर बिहान को उठकर अपने अपने डेरे को लौट जाना। छ: दिन तक अखीमीरी रोटी खाया करना; और सातवें दिन तेरे परमेश्वर यहोवा के लिये महासभा हो; उस दिन किसी प्रकार का कामकाज न किया जाए।। फिर जब तू खेत में हंसुआ लगाने लगे, तब से आरम्भ करके सात अठवारे गिनना। तब अपने परमेश्वर यहोवा की आशीष के अनुसार उसके लिये स्वेच्छा बलि देकर अठवारों नाम पर्व्व मानना; और उस स्थान में जो तेरा परमेश्वर यहोवा अपने नाम का निवास करने को चुन ले अपने अपने बेटे- बेटियों, दास- दासियों समेत तू और तेरे फाटकों के भीतर जो लेवीय हों, और जो जो परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे बीच में हों, वे सब के सब अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने आनन्द करें। और स्मरण रखना कि तू भी मि में दास था; इसलिये इन विधियों के पालन करने में चौकसी करना।। तू जब अपने खलिहान और दाखमधु के कुण्ड में से सब कुछ इकट्ठा कर चुके, तब झोपड़ियों का पर्व्व सात दिन मानते रहना; और अपने इस पर्व्व में अपने अपने बेटे बेटियों, दास- दासियों समेत तू और जो लेवीय, और परदेशी, और अनाथ, और विधवाएं तेरे फाटकों के भीतर हों वे भी आनन्द करें। जो स्थान यहोवा चुन ले उस में तु अपने परमेश्वर यहोवा के लिये सात दिन तक पर्व्व मानते रहना; क्योंकि तेरा परमेश्वर यहोवा तेरी सारी बढ़ती में और तेरे सब कामों में तुझ को आशीष देगा; तू आनन्द ही करना। ुवर्ष में तीन बार, अर्थात् अखमीरी रोटी के पर्व्व, और अठवारों के पर्व्व, और झोपड़ियों के पर्व्व, इन तीनों पर्व्व में तुम्हारे सब पुरूष अपने परमेश्वर यहोवा के साम्हने उस स्थान में जो वह चुन लेगा जाएं। और देखो, छूछे हाथ यहोवा के साम्हने कोई न जाए; सब पुरूष अपनी अपनी पूंजी, और उस आशीष के अनुसार जो तेरे परमेश्वर यहोवा ने तुझ को दी हो, दिया करें।। तू अपने एक एक गोत्रा में से, अपने सब फाटकों के भीतर जिन्हें तेरा परमेश्वर यहोवा तुझ को देता है न्यायी और सरदार नियुक्त कर लेना, जो लोगों का न्याय धर्म से किया करें। तुम न्याय न बिगाड़ना; तू न तो पक्षपात करना; और न तो घूस लेना, क्योंकि घूस बुद्धिमान की आंखें अन्धी कर देती है, और धर्मियों की बातें पलट देती है। जो कुछ नितान्त ठीक है उसी का पीछा पकड़े रहना, जिस से तू जीवित रहे, और जो देश तेरा परमेश्वर यहोवा तुझे देता है उसका अधिकारी बना रहे।। तू अपने परमेश्वर यहोवा की जो वेदी बनाऐगा उसके पास किसी प्रकार की लकड़ी की बनी हुई अशेरा का स्थापन न करना। और न कोई लाठ खड़ी करना, क्योंकि उस से तेरा परमेश्वर यहोवा घृणा करता है।।
- Joel 2:15 योएल 2:15सिरयोन में नरसिंगा फूंको, उपवास का दिन ठहराओ, महासभा का प्रचार करो;
- Exodus 12:16 निर्गमन 12:16और पहिले दिन एक पवित्रा सभा, और सातवें दिन भी एक पवित्रा सभा करना; उन दोनों दिनों मे कोई काम न किया जाए; केवल जिस प्राणी का जो खाना हो उसके काम करने की आज्ञा है।
- Psalm 78:40 भजन संहिता 78:40उन्हों ने कितनी ही बार जंगल में उस से बलवा किया, और निर्जल देश में उसको उदास किया!
- Luke 11:42 लूका 11:42पर हे फरीसियों, तुम पर हाय! तुम पोदीने और सुदाब का, और सब भांति के साग- पात का दसवां अंश देते हो, परन्तु न्याय को और परमेश्वर के प्रेम को टाल देते हो: चाहिए तो था कि इन्हें भी करते रहते और उन्हें भी न छोड़ते।
Original words (Hebrew)
- Bring · H935בּוֹא bôwʼ
- more · H3254יָסַף yâçaph
- vain · H7723שָׁוְא shâvᵉʼ
- oblations · H4503מִנְחָה minchâh
- incense · H7004קְטֹרֶת qᵉṭôreth
- abomination · H8441תּוֹעֵבַה tôwʻêbah
- moons · H2320חֹדֶשׁ chôdesh
- sabbaths · H7676שַׁבָּת shabbâth
- calling · H7121קָרָא qârâʼ
- assemblies · H4744מִקְרָא miqrâʼ
- with · H3201יָכֹל yâkôl
- iniquity · H205אָוֶן ʼâven
- meeting · H6116עֲצָרָה ʻătsârâh